Lucknow ODOC Food List: Biryani and Kebab Replaced by Chaat and Malai Makhan

लखनऊ की नई पहचान: सरकारी लिस्ट से कबाब और बिरयानी बाहर, चाट और मलाई मक्खन की एंट्री

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लखनऊ की पहचान माने जाने वाले व्यंजनों की सरकारी लिस्ट में बड़ा बदलाव किया है। सरकार की One District, One Cuisine (ODOC) स्कीम के तहत अब लखनऊ के कबाब और बिरयानी को आधिकारिक प्रमोशन लिस्ट से हटा दिया गया है। अब इनकी जगह चाट, मलाई मक्खन और रेवड़ी को लखनऊ की नई पहचान के रूप में प्रमोट किया जाएगा।

दशकों से लखनऊ का नाम आते ही लोगों के मन में गलौटी कबाब और अवधी बिरयानी का स्वाद आ जाता था। लेकिन अब सरकार ने अपनी नई पॉलिसी के तहत लखनऊ की फूड आइडेंटिटी को बदल दिया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ये व्यंजन शहर से खत्म हो जाएंगे। ये केवल सरकारी प्रमोशन और ब्रांडिंग का हिस्सा नहीं रहेंगे।

क्या है ODOC स्कीम?

ODOC का मतलब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ है। यह सरकार की मशहूर ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) स्कीम की तरह ही है। इस स्कीम के तहत उत्तर प्रदेश के हर जिले के एक खास व्यंजन को चुना जाता है। यह चुनाव उस जिले के इतिहास, संस्कृति और लोकप्रियता के आधार पर किया जाता है।

इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खाने को बढ़ावा देना और छोटे व्यापारियों की मदद करना है। सरकार चाहती है कि इन व्यंजनों की अच्छी पैकेजिंग और मार्केटिंग हो ताकि इन्हें ग्लोबल लेवल पर पहचान मिल सके। इस स्कीम के तहत काम करने वाले लोगों को उनके investment पर 25% तक की सब्सिडी भी दी जा सकती है।

लखनऊ की लिस्ट में क्या बदला और क्यों?

पहले लखनऊ की official identity यहां के नॉन-वेज व्यंजनों जैसे गलौटी कबाब और बिरयानी से थी। गलौटी कबाब नवाबों के जमाने से मशहूर है, जो मुंह में जाते ही घुल जाता है। वहीं, अवधी बिरयानी अपनी खुशबू और केसरिया स्वाद के लिए जानी जाती है।

अब योगी सरकार ने इन नॉन-वेज डिशेज की जगह शाकाहारी विकल्पों को चुना है। इसे सरकार की उस पॉलिसी का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें सरकारी प्रमोशन में शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता दी जा रही है।

अब ये होंगे लखनऊ के नए ‘सिग्नेचर फूड’

सरकार ने अब तीन मुख्य चीजों को लखनऊ की पहचान के रूप में चुना है। इनके बारे में विस्तार से नीचे दी गई टेबल में देखें:

व्यंजन का नाम (Dish Name) खासियत (Speciality) मशहूर जगह (Famous Places)
Chaat (चाट) लखनऊ की ‘टोकरी चाट’ (Basket Chaat) बहुत मशहूर है। इसमें आलू टिक्की, छोले, दही और चटनी का स्वाद होता है। हजरतगंज में Royal Cafe और Shukla Chaat House।
Malai Makhan (मलाई मक्खन) यह सर्दियों में मिलने वाली एक खास मिठाई है। इसे ओस की बूंदों और क्रीम से बनाया जाता है। यह सुबह 9:30 बजे तक ही मिलता है। पुराने शहर का ‘चौक’ इलाका।
Rewari (रेवड़ी) यह तिल और गुड़ से बनी एक कुरकुरी मिठाई है। यह यूपी की सर्दियों की परंपरा का हिस्सा है। अमीनाबाद और चौक के बाजार।

कबाब और बिरयानी के शौकीन कहां जाएं?

भले ही सरकार ने इन्हें official promotion से हटा दिया हो, लेकिन लखनऊ की गलियों में इनका स्वाद आज भी वैसा ही है। अगर आप अभी भी कबाब और बिरयानी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इन जगहों पर जा सकते हैं:

  • Tunday Kababi (चौक): यह 100 साल पुरानी दुकान है जो अपने गलौटी कबाब के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
  • Idris ki Biryani (पाटानाला): यहां की बिरयानी का स्वाद लाजवाब होता है।
  • Wahid ki Biryani (अमीनाबाद): यह भी बिरयानी के लिए एक बहुत पुराना और भरोसेमंद नाम है।
  • Dastarkhwan (लालबाग): यहां आपको बेहतरीन अवधी खाना मिलेगा।
  • Raheem’s (चौक): यहां की निहारी-कुलचा बहुत प्रसिद्ध है।

सरकार के इस फैसले से लखनऊ के फूड कल्चर की मार्केटिंग का तरीका बदल जाएगा। अब सरकारी कार्यक्रमों और पर्यटन विज्ञापनों में चाट और मलाई मक्खन का जलवा ज्यादा देखने को मिलेगा।

FAQs

1. क्या लखनऊ में कबाब और बिरयानी पर बैन लगा दिया गया है?

नहीं, कबाब और बिरयानी पर कोई बैन नहीं लगा है। इन्हें सिर्फ सरकार की ODOC प्रमोशन लिस्ट से हटाया गया है। आप अभी भी शहर की दुकानों पर इनका आनंद ले सकते हैं।

2. ODOC स्कीम के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?

इस स्कीम के तहत फूड बिजनेस में निवेश करने वाले उद्यमियों और कारीगरों को उनके निवेश पर 25% तक की सब्सिडी मिल सकती है।

3. मलाई मक्खन किस समय मिलता है?

मलाई मक्खन केवल सर्दियों के मौसम में मिलता है। यह सुबह जल्दी बिकना शुरू होता है और अक्सर सुबह 9:30 बजे तक खत्म हो जाता है।

4. लखनऊ की नई आधिकारिक डिशेज कौन सी हैं?

लखनऊ की नई आधिकारिक डिशेज में चाट (टोकरी चाट), मलाई मक्खन और रेवड़ी शामिल हैं।

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