तमिलनाडु में DMK-AIADMK गठबंधन की चर्चा: जब सत्ता के लिए एक हुए कट्टर दुश्मन, ये हैं 7 बड़े उदाहरण
भारतीय राजनीति में एक पुरानी कहावत है कि यहाँ न तो कोई पक्का दोस्त होता है और न ही कोई पक्का दुश्मन। राजनीति सिर्फ पावर का खेल है और कुर्सी पाने के लिए कभी-कभी धुर विरोधी भी हाथ मिला लेते हैं। ताजा मामला तमिलनाडु का है, जहाँ DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की खबरें उड़ रही हैं।
तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) को बहुमत नहीं मिला है। इसके बाद राज्य में सरकार बनाने के लिए हलचल तेज हो गई है। खबरों के मुताबिक, AIADMK के 20 से ज्यादा विधायकों को पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में शिफ्ट किया गया है। वे वहां कम से कम शुक्रवार, 8 मई तक रुक सकते हैं। अगर DMK और AIADMK साथ आते हैं, तो यह राज्य के इतिहास में पहली बार होगा जब दो सबसे बड़े दुश्मन एक साथ मिलकर सरकार बनाएंगे।
भारतीय राजनीति के 7 बड़े उदाहरण जब दुश्मन बने दोस्त
भारत की राजनीति में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। पहले भी कई बार ऐसे गठबंधन हुए हैं जिन्होंने सबको चौंका दिया। यहाँ 7 ऐसे ही बड़े उदाहरण दिए गए हैं:
1. जम्मू और कश्मीर में BJP और PDP (2015)
2014 के विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर में BJP और PDP ने हाथ मिलाया था। BJP राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ी थी, जबकि PDP कश्मीर घाटी में स्वायत्तता और पाकिस्तान से बातचीत की बात करती थी। दोनों की विचारधारा बिल्कुल अलग थी। फिर भी सरकार बनाने के लिए वे साथ आए। पहले मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बने और उनके निधन के बाद महबूबा मुफ्ती ने कमान संभाली। यह गठबंधन 2018 में टूट गया।
2. महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और NCP (2019)
2019 में महाराष्ट्र में ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) सरकार बनी। दशकों तक शिवसेना और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते रहे थे। शिवसेना हिंदुत्व की राजनीति करती थी, जबकि कांग्रेस उसके विरोध में थी। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर BJP और शिवसेना में झगड़ा हुआ, जिसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस और NCP के साथ मिलकर सरकार बना ली। उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।
3. बिहार में JD(U) और RJD (2015 और 2022)
नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के दो बड़े ध्रुव रहे हैं। नीतीश कुमार हमेशा ‘सुशासन’ की बात करते थे और RJD के शासन को ‘जंगलराज’ कहते थे। लेकिन 2015 में BJP को रोकने के लिए दोनों ने ‘महागठबंधन’ बनाया। नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बने। हालांकि, 2017 में वे वापस BJP के पास चले गए, लेकिन 2022 में फिर से पलटी मारकर RJD के साथ सरकार बना ली।
4. महाराष्ट्र में कांग्रेस और NCP (1999)
NCP पार्टी का जन्म ही कांग्रेस के विरोध में हुआ था। शरद पवार ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस छोड़ी थी। चुनाव में दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर हमले किए। लेकिन जब नतीजे आए, तो BJP-शिवसेना को सत्ता से दूर रखने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया। यह गठबंधन महाराष्ट्र में 15 साल तक चला।
5. महाराष्ट्र में शिवसेना और MNS (2025)
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच का विवाद जगजाहिर है। राज ठाकरे ने 2005 में शिवसेना छोड़कर अपनी पार्टी MNS बनाई थी। सालों तक दोनों ने एक ही वोट बैंक (मराठी मानुष) के लिए लड़ाई लड़ी। लेकिन 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों (Local Body Polls) में दोनों भाइयों की पार्टियों ने आपसी सहयोग किया। यह एक बड़ा राजनीतिक बदलाव था।
6. इमरजेंसी के बाद जनता पार्टी गठबंधन (1977)
इमरजेंसी खत्म होने के बाद इंदिरा गांधी और कांग्रेस को हराने के लिए पूरा विपक्ष एक हो गया। इसमें समाजवादी, जनसंघ और क्षेत्रीय दल शामिल थे। इन सबकी विचारधारा अलग थी, लेकिन मकसद एक था। इस गठबंधन ने चुनाव जीता और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में पहली बार केंद्र में गैर-कांग्रेसी सरकार बनी।
7. केरल में कांग्रेस और वामपंथी दल (1967)
केरल में कांग्रेस (UDF) और लेफ्ट (LDF) हमेशा से कट्टर दुश्मन रहे हैं। लेकिन 1967 में ईएमएस नंबूदरीपाद के नेतृत्व में एक बड़ा गठबंधन बना। इसमें कई ऐसी पार्टियां शामिल थीं जिनके विचार और जातिगत आधार एक-दूसरे से मेल नहीं खाते थे। यह भारत में गठबंधन राजनीति के शुरुआती प्रयोगों में से एक था।
प्रमुख गठबंधनों की जानकारी (Table)
| राज्य | गठबंधन | साल | प्रमुख नेता |
|---|---|---|---|
| जम्मू और कश्मीर | BJP + PDP | 2015 | मुफ्ती मोहम्मद सईद, महबूबा मुफ्ती |
| महाराष्ट्र | शिवसेना + कांग्रेस + NCP | 2019 | उद्धव ठाकरे, शरद पवार |
| बिहार | JD(U) + RJD | 2015, 2022 | नीतीश कुमार, लालू यादव |
| महाराष्ट्र | कांग्रेस + NCP | 1999 | शरद पवार, सोनिया गांधी |
| भारत (केंद्र) | जनता पार्टी | 1977 | मोरारजी देसाई |
निष्कर्ष
तमिलनाडु में DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की चर्चा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। अगर ये दोनों दल साथ आते हैं, तो यह दक्षिण भारत की राजनीति का सबसे बड़ा मोड़ होगा। फिलहाल सबकी नजरें राज्यपाल के फैसले और विधायकों की हलचल पर टिकी हैं।
FAQs
1. तमिलनाडु में DMK और AIADMK गठबंधन की चर्चा क्यों हो रही है?
तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK को बहुमत नहीं मिलने के कारण समीकरण बदल गए हैं। सत्ता में आने और तीसरे मोर्चे को रोकने के लिए ये दोनों पुराने दुश्मन साथ आ सकते हैं।
2. 2015 में जम्मू-कश्मीर में किसकी सरकार बनी थी?
2015 में जम्मू-कश्मीर में BJP और PDP ने मिलकर सरकार बनाई थी, जिसमें पहले मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बने थे।
3. महाराष्ट्र में ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) कब बनी थी?
महाराष्ट्र में MVA गठबंधन 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद बना था, जिसमें शिवसेना, कांग्रेस और NCP शामिल थे।
4. नीतीश कुमार ने RJD के साथ कितनी बार गठबंधन किया?
नीतीश कुमार ने RJD के साथ मुख्य रूप से दो बार (2015 और 2022) गठबंधन करके सरकार बनाई है।