अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली सालगिरह पर दी श्रद्धांजलि, कहा- दुश्मनों को हमेशा याद रहेगी भारत की ताकत

अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली सालगिरह पर दी श्रद्धांजलि, कहा- दुश्मनों को हमेशा याद रहेगी भारत की ताकत

Union Home Minister Amit Shah ने गुरुवार को Operation Sindoor की पहली सालगिरह (first anniversary) पर भारतीय सशस्त्र बलों की जमकर तारीफ की। उन्होंने इस ऑपरेशन को एक “epochal mission” बताया। अमित शाह ने कहा कि यह मिशन भारत के दुश्मनों को हमारी सेना की अचूक “striking power” की याद दिलाता रहेगा।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि इतिहास Operation Sindoor को एक ऐसे पल के रूप में याद रखेगा जब सेना की सटीक हमला करने की क्षमता, खुफिया एजेंसियों के इनपुट और सरकार की मजबूत “political will” एक साथ आए थे। इसका उद्देश्य सीमा पार मौजूद आतंकी बुनियादी ढांचे (terror infrastructure) को नष्ट करना था।

दुश्मनों के लिए कड़ा संदेश

Amit Shah ने कहा कि Operation Sindoor भारत का एक ऐतिहासिक मिशन है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन ने आतंक के हर उस ठिकाने को नष्ट कर दिया जिसने पहलगाम में भारतीय नागरिकों पर बुरी नजर डालने की हिम्मत की थी। उन्होंने आतंकी समूहों और उनके आकाओं को कड़ी चेतावनी भी दी।

गृह मंत्री ने कहा, “यह दिन हमारे दुश्मनों को यह संदेश देता रहेगा कि वे चाहे कहीं भी छिप जाएं, बच नहीं सकते। वे हमेशा हमारी नजर में हैं और हमारी मारक क्षमता (firepower) के दायरे में हैं।” उन्होंने इस मौके पर भारतीय सेना के अद्वितीय साहस (valour) को सलाम किया।

सोशल मीडिया पर बदली प्रोफाइल पिक्चर

Operation Sindoor की पहली सालगिरह मनाने के लिए अमित शाह ने अपने X हैंडल की प्रोफाइल पिक्चर भी बदल दी है। नई प्रोफाइल पिक्चर में ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ दिया गया है। यह भारत के हालिया सुरक्षा इतिहास में इस ऑपरेशन के महत्व को दर्शाता है।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर? (Operation Sindoor Details)

भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) ने 7 मई 2025 को Operation Sindoor चलाया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) के जवाब में किया गया था। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक (tourists) शामिल थे।

इस जवाबी कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। इनमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके 4 करीबी सहयोगी भी शामिल थे।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
ऑपरेशन की तारीख 7 मई 2025
कारण पहलगाम आतंकी हमला (22 अप्रैल 2025)
पहलगाम हमले में मौतें 26 लोग (ज्यादातर पर्यटक)
ऑपरेशन में मारे गए आतंकी 100 से ज्यादा
मुख्य आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन
संघर्ष की अवधि 4 दिनों तक चली सीमा पार लड़ाई

इन आतंकी ठिकानों को बनाया गया निशाना

Operation Sindoor के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित कई आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया था। इनमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकाने शामिल थे।

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ठिकाने:

  • बहावलपुर में मरकज सुभान अल्लाह
  • तेहरा कलां में सरजल कैंप
  • कोटली में मरकज अब्बास
  • मुजफ्फराबाद में सैयदना बिलाल कैंप

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के ठिकाने:

  • मुरीदके में मरकज तैयबा
  • बरनाला में मरकज अहले हदीस
  • मुजफ्फराबाद में शवाई नाला कैंप

हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकाने:

  • कोटली में मरकज राहील शाहिद
  • सियालकोट में महमूना जोया कैंप

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान चार दिनों तक सीमा पार भारी गोलाबारी हुई थी। इस संघर्ष में लड़ाकू विमानों (fighter jets), मिसाइलों और तोपखाने (artillery) का इस्तेमाल किया गया था।

निष्कर्ष

Operation Sindoor की पहली सालगिरह पर अमित शाह का संदेश स्पष्ट है कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। यह ऑपरेशन भारत की “precise striking capability” और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का प्रतीक बन गया है।

FAQs

प्रश्न 1: ऑपरेशन सिंदूर कब शुरू किया गया था?

उत्तर: ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को पाकिस्तान में स्थित आतंकी कैंपों के खिलाफ शुरू किया गया था।

प्रश्न 2: भारत ने यह ऑपरेशन क्यों चलाया था?

उत्तर: यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

प्रश्न 3: ऑपरेशन सिंदूर में कितने आतंकवादी मारे गए थे?

उत्तर: इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे, जिनमें मसूद अजहर के परिवार के सदस्य भी शामिल थे।

प्रश्न 4: इस ऑपरेशन में किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ था?

उत्तर: इस ऑपरेशन और उसके बाद हुए संघर्ष में लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और तोपखाने का इस्तेमाल किया गया था।

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