NCRB Report: दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध सबसे ज्यादा, जुवेनाइल क्राइम में भी राजधानी नंबर 1
देश की राजधानी दिल्ली से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। लेटेस्ट NCRB report के अनुसार, दिल्ली में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध (crimes against children) और बच्चों द्वारा किए जाने वाले अपराध (juvenile crimes), दोनों ही मामलों में दिल्ली टॉप पर है। यह डेटा साल 2024 के लिए जारी किया गया है।
NCRB (National Crime Records Bureau) ने भारत के 19 बड़े शहरों के आंकड़े जारी किए हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। दिल्ली में अपराध की दर (crime rate) राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है।
बच्चों के खिलाफ अपराध के आंकड़े
साल 2024 में दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 7,662 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, यह संख्या 2023 के मुकाबले थोड़ी कम है। 2023 में 7,769 मामले दर्ज हुए थे। लेकिन दिल्ली का crime rate अभी भी बहुत ज्यादा है।
दिल्ली में हर 1 लाख बच्चों की आबादी पर 138.4 अपराध के मामले सामने आए। अगर इसकी तुलना पूरे देश के औसत (national average) से करें, तो वह केवल 42.3 है। इसका मतलब है कि दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से तीन गुना ज्यादा है।
| Category | Delhi Data (2024) | National Average |
|---|---|---|
| Crime Rate (per lakh children) | 138.4 | 42.3 |
| Chargesheet Rate | 31.7% | 61.4% |
| Total Cases | 7,662 | – |
यूनियन टेरिटरीज (UT) में दिल्ली की स्थिति
केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) की बात करें तो दिल्ली इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। दिल्ली के बाद जम्मू और कश्मीर का नंबर आता है।
- Delhi: 7,662 cases
- Jammu and Kashmir: 887 cases
- Chandigarh: 255 cases
जुवेनाइल क्राइम (Juvenile Crimes) में भी दिल्ली आगे
NCRB report के मुताबिक, दिल्ली में नाबालिग बच्चों द्वारा किए जाने वाले अपराध भी सबसे ज्यादा हैं। इसे ‘Child in Conflict with the Law’ कैटेगरी कहा जाता है। दिल्ली में साल 2024 में जुवेनाइल क्राइम के 2,306 मामले दर्ज किए गए।
पिछले तीन सालों के आंकड़े देखें तो यह संख्या लगातार ऊंची बनी हुई है:
- 2024: 2,306 cases
- 2023: 2,278 cases
- 2022: 2,336 cases
मेट्रो शहरों में दिल्ली के बाद चेन्नई और बेंगलुरु का स्थान है। चेन्नई में 466 मामले और बेंगलुरु में 386 मामले दर्ज किए गए।
किस तरह के अपराध कर रहे हैं बच्चे?
दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों में चोरी (Theft) सबसे कॉमन है। इसके अलावा झपटमारी और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर मामले भी शामिल हैं।
| Crime Type (by Juveniles) | Number of Cases |
|---|---|
| Theft (चोरी) | 526 |
| Snatching (झपटमारी) | 217 | 210 |
| Robbery (लूट) | 195 |
| Murder (हत्या) | 144 |
| Rape (रेप) | 58 |
| POCSO Act Cases | 132 |
| Assault on Women | 48 |
इसके अलावा, जुवेनाइल द्वारा 147 मामले चोट पहुंचाने (hurt), 19 मामले अपहरण (kidnapping) और 3 मामले दहेज हत्या (dowry death) के भी दर्ज किए गए। आर्म्स एक्ट के तहत 30 और एक्साइज एक्ट के तहत 35 मामले सामने आए।
पकड़े गए बच्चों का बैकग्राउंड और शिक्षा
साल 2024 में दिल्ली में कुल 3,270 नाबालिगों (juveniles) को पकड़ा गया। रिपोर्ट में उनकी शिक्षा और रहने की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी गई है।
शिक्षा का स्तर (Education Level):
- अनपढ़ (Illiterate): 428 बच्चे
- प्राइमरी तक (Up to Primary): 914 बच्चे
- प्राइमरी से मैट्रिक के बीच: 1,672 बच्चे (सबसे बड़ा ग्रुप)
- मैट्रिक से हायर सेकेंडरी: 235 बच्चे
- हायर सेकेंडरी से ऊपर: 21 बच्चे
रहने की स्थिति (Living Situation):
- माता-पिता के साथ: 2,700 बच्चे
- गार्जियन के साथ: 495 बच्चे
- बेघर (Homeless): 75 बच्चे
NCRB के अनुसार, दिल्ली की बच्चों की आबादी (2011 की जनगणना के आधार पर) लगभग 55.4 लाख है। दिल्ली में पुलिस की चार्जशीट फाइल करने की दर (chargesheet rate) काफी कम है। जहां नेशनल एवरेज 61.4% है, वहीं दिल्ली में यह केवल 31.7% है।
FAQs
1. दिल्ली में 2024 में बच्चों के खिलाफ कितने अपराध दर्ज हुए?
साल 2024 में दिल्ली में बच्चों के खिलाफ कुल 7,662 मामले दर्ज किए गए हैं।
2. जुवेनाइल क्राइम में दिल्ली के बाद कौन से शहर आते हैं?
दिल्ली के बाद चेन्नई (466 मामले) और बेंगलुरु (386 मामले) का नंबर आता है।
3. दिल्ली में पकड़े गए ज्यादातर बच्चे किसके साथ रह रहे थे?
पकड़े गए 3,270 बच्चों में से 2,700 बच्चे अपने माता-पिता के साथ रह रहे थे।
4. बच्चों द्वारा किए जाने वाले सबसे आम अपराध कौन से हैं?
सबसे ज्यादा मामले चोरी (526), झपटमारी (217) और हत्या के प्रयास (210) के दर्ज किए गए हैं।