CBSE Result 2026: 90% Visually Impaired Anishka Goyal Scores 92.6% in Class 10

CBSE Result 2026: 90% Visually Impaired Anishka Goyal Scores 92.6% in Class 10

उत्तर प्रदेश के हाथरस की रहने वाली अनिष्का गोयल ने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बना लिया है। अनिष्का 90% visually impaired (दृष्टिबाधित) हैं, लेकिन उन्होंने CBSE Class 10 Board Exam 2026 में 92.6% अंक हासिल करके सबको हैरान कर दिया है। अनिष्का ने साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ करने की चाह हो, तो कोई भी मुश्किल आपको रोक नहीं सकती।

अनिष्का ने कभी भी खुद को दूसरे छात्रों से अलग नहीं समझा। वह हमेशा से एक “normal” student की तरह अपनी काबिलियत को परखना चाहती थीं। उनकी मेहनत और खुद पर भरोसे ने उन्हें इस मुश्किल सफर में जीत दिलाई।

पढ़ाई के लिए अपनाए खास तरीके

अनिष्का के लिए पढ़ाई करना कभी भी आसान नहीं था। उन्हें पढ़ने के लिए किताबों को अपनी आंखों के बहुत करीब रखना पड़ता था। वह एक ही टॉपिक को बार-बार रिवाइज करती थीं। अनिष्का ने बताया कि वह मोबाइल फोन के कैमरे का इस्तेमाल टेक्स्ट को zoom करने के लिए करती थीं। बाद में उन्हें एक magnifying device मिला, जिससे उनकी पढ़ाई में काफी मदद हुई।

Student Profile: Anishka Goyal

विवरण (Details) जानकारी (Information)
नाम (Name) अनिष्का गोयल (Anishka Goyal)
उम्र (Age) 17 वर्ष
स्थान (Location) हाथरस, उत्तर प्रदेश
परीक्षा (Exam) CBSE Class 10 Board Exam 2026
स्कोर (Score) 92.6%
शारीरिक स्थिति (Condition) 90% Visually Impaired

मां बनीं सबसे बड़ी ताकत

अनिष्का की इस सफलता के पीछे उनकी मां का बहुत बड़ा हाथ है। उनकी मां उनके स्कूल का काम लिखती थीं। वह अनिष्का को diagram वाले सवाल बहुत ही शांति से समझाती थीं, जिन्हें देख पाना अनिष्का के लिए नामुमकिन था। इसके अलावा अनिष्का ने PW Power Batch के वीडियो से भी पढ़ाई की।

फिजिक्स और ज्योमेट्री जैसे विषय अनिष्का के लिए सबसे बड़ी चुनौती थे क्योंकि इनमें बहुत सारे डायग्राम होते हैं। वह अपनी आंखों से ज्यादा अपनी मां के समझाने और ऑनलाइन वीडियो पर निर्भर थीं। कई बार आंखों पर इतना दबाव पड़ता था कि उन्हें कुछ दिनों के लिए पढ़ाई छोड़कर आंखों को आराम देना पड़ता था।

मुश्किलों भरा सफर

अनिष्का का सफर केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं था। एग्जाम से ठीक एक दिन पहले उनका magnifying device खराब हो गया था। वह बहुत डर गई थीं, लेकिन उनकी मां ने तुरंत ऑफिस से छुट्टी ली और उसी दिन डिवाइस ठीक करवाकर लाईं।

इसके अलावा अनिष्का के परिवार को उनकी स्थिति के कारण उनके पैतृक घर से निकाल दिया गया था। वह स्वास्थ्य समस्याओं जैसे gallbladder stones (पित्त की पथरी) से भी जूझ रही थीं। इन सभी भावनात्मक और शारीरिक परेशानियों के बावजूद उनके माता-पिता उनके साथ मजबूती से खड़े रहे।

भविष्य का सपना और जागरूकता की मांग

अनिष्का का मानना है कि दृष्टिबाधित छात्रों के लिए समाज में बेहतर जागरूकता और सपोर्ट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को उचित उपकरण और सहायता प्रदान करनी चाहिए। अनिष्का ने यह भी कहा कि मौजूदा disability guidelines बहुत स्पष्ट नहीं हैं, जिससे छात्रों और स्कूलों को परेशानी होती है।

अनिष्का भविष्य में एक डॉक्टर बनना चाहती हैं। हालांकि वह अपनी आंखों की स्थिति के कारण अपनी पात्रता (eligibility) को लेकर निश्चित नहीं हैं, लेकिन वह कड़ी मेहनत करना चाहती हैं। वह सचिन तेंदुलकर के एक इंटरव्यू से प्रेरित हैं जिसमें उन्होंने कहा था, “अपने सपनों का पीछा करो, वे निश्चित रूप से सच होंगे।”

अनिष्का गोयल की यह कहानी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दिखाया कि शारीरिक बाधाएं सफलता के रास्ते में रोड़ा नहीं बन सकतीं यदि आपके पास दृढ़ संकल्प और परिवार का साथ हो।

FAQs

अनिष्का गोयल ने सीबीएसई कक्षा 10 में कितने अंक प्राप्त किए?

अनिष्का गोयल ने सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा 2026 में 92.6% अंक प्राप्त किए हैं।

अनिष्का को पढ़ाई में किन विषयों में सबसे ज्यादा दिक्कत हुई?

अनिष्का को फिजिक्स और ज्योमेट्री जैसे डायग्राम वाले विषयों में सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

अनिष्का गोयल भविष्य में क्या बनना चाहती हैं?

अनिष्का गोयल का सपना एक डॉक्टर बनने का है और वह इसके लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं।

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