T20 World Cup: USA Cricket Team की Playing XI में बदलाव, India की जीत पर टिकी उम्मीदें

क्या भारतीय मूल के खिलाड़ी ही यूएसए क्रिकेट का भविष्य हैं?

विमल बोलो जुबा केसरी हर पल मनाओ केसरी त्यौहार! जब बात यूएसए क्रिकेट की आती है, तो एक दिलचस्प सवाल सामने आता है: क्या भारत के भरोसे है ट्रंप का क्रिकेट? ऐसा इसलिए है क्योंकि यूएसए में मैदान पर सिर्फ इंडिया ही इंडिया नज़र आ रहा है, खासकर जब वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट की बात आती है। USA Cricket Team में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या एक ऐसा ही संकेत है। अब ऐसा लगता है कि यूएसए के क्रिकेट को अगर कोई बचा सकता है, तो वो सिर्फ भारतीय मूल के ही खिलाड़ी हैं।

अंडर-19 विश्व कप में यूएसए की टीम देखकर सबकी आँखें खुली रह गईं

हाल ही में हुए अंडर-19 विश्व कप में भारत और यूएसए के बीच एक मुकाबला खेला गया। इस मैच में भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी और आयुष मात्रे जैसे युवा खिलाड़ी खेल रहे थे। लेकिन जब यूएसए की टीम सामने आई, तो हर कोई दंग रह गया। लोगों को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि क्या यह वाकई यूएसए की टीम है, या फिर यह भारत की कोई दूसरी टीम मैदान पर खेल रही है। खिलाड़ियों की जर्सी के पीछे जब उनके नाम पढ़े गए और प्लेइंग 11 सामने आई, तो हर कोई चौंक गया। Youth Cricket में यह एक अनोखा नज़ारा था।

यूएसए अंडर-19 टीम: भारतीय नामों की भरमार

जब यूएसए की प्लेइंग 11 का खुलासा हुआ, तो यह स्पष्ट हो गया कि इसमें सभी भारतीय मूल के खिलाड़ी शामिल थे। जी हां, ये सभी कहीं न कहीं भारत से ताल्लुक रखते हैं और अब यूएसए के लिए क्रिकेट खेल रहे हैं। इस टीम में साहिल गर्ग, अमरेंद्र गिल, अर्जुन महेश (विकेटकीपर), उत्कर्ष श्रीवास्तव (कप्तान), ऋत्विक, अपड्डी, अधनीत, झाम, अमोग अर्यपल्ली, नितीश सुदीनी, सबरीश प्रसाद, अदीत कापा और ऋषभ शिम्पी जैसे नाम थे। Indian-origin players का यह समूह सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया, जहां हर कोई इस बात से हैरान था कि यूएसए की पूरी टीम ही भारतीय मूल के खिलाड़ियों से बनी है। टीम में कृष्णा, रेयान ताज, साहिल भाटिया और शिव शैनी जैसे अन्य खिलाड़ी भी थे, जिनका कहीं न कहीं भारतीय मूल से कनेक्शन था।

प्रवासी भारतीयों का योगदान और यूएसए क्रिकेट का भविष्य

दरअसल, बहुत सारे लोग भारत से यूएस में शिफ्ट हो चुके हैं और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। वहां बसने के बाद, उनके बच्चे क्रिकेट खेलना शुरू कर देते हैं, और अब वे यूएसए की राष्ट्रीय टीम में भी जगह बना रहे हैं। यूएसए में क्रिकेट को पारंपरिक रूप से इतना बढ़ावा नहीं दिया जाता। Diaspora Cricket की यह घटना दर्शाती है कि कैसे प्रवासी भारतीय मूल के खिलाड़ी यूएसए के क्रिकेट को आगे बढ़ा रहे हैं। अब ऐसा लगता है कि प्रवासियों के भरोसे ही ट्रंप का क्रिकेट चल रहा है, खासकर उन जगहों पर जहां क्रिकेट को ज्यादा नहीं पूछा जाता। अंडर-19 विश्व कप इसका जीता-जागता नज़ारा है, क्योंकि यहीं से खिलाड़ी अपनी नेशनल टीम में जाते हैं और यूएसए की टीम में भी अब कई भारतीय मूल के खिलाड़ी मौजूद हैं। Cricket Development के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहलू है।

यूएसए में क्रिकेट का इतिहास और वर्तमान बदलाव

आपको बता दें कि 1844 में कनाडा और यूएसए के खिलाफ पहला इंटरनेशनल मैच खेला गया था। उस समय बाट किंग जैसे खिलाड़ी थे, जो अपनी स्विंग से बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेल देते थे। लेकिन बाद में वर्ल्ड वॉर और अपनी पहचान बनाने के चक्कर में क्रिकेट यूएसए में ज्यादा फेमस नहीं हो पाया, और फिर बेसबॉल ज्यादा चर्चित हुआ। Cricket History में यह एक दिलचस्प मोड़ था। हालांकि, अब चीजें बदल रही हैं। ओलंपिक में भी क्रिकेट को शामिल किया जा रहा है और यूएसए भी धीरे-धीरे क्रिकेट में इन्वॉल्व हो रहा है। टी20 वर्ल्ड कप भी वहां हुआ था, जिससे Global Cricket में यूएसए की भागीदारी बढ़ रही है। फिर भी, अगर भारतीय मूल के खिलाड़ी न हों, तो शायद यूएसए का क्रिकेट कहीं आसपास भी दिखाई न दे।

भारत बनाम यूएसए अंडर-19 मैच का परिणाम

मुकाबले की बात करें तो भारत ने यूएसए और भारत के बीच हुए अंडर-19 विश्व कप के इस मैच को आसानी से जीत लिया था। यूएसए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 107 रन बनाए थे और भारत को 108 रनों का एक साधारण लक्ष्य दिया था। Cricket Match Result में, टीम इंडिया ने इस लक्ष्य को चार विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया था। यह मैच एक बार फिर इस बात पर रोशनी डालता है कि क्या वाकई भारत के भरोसे ही यूएसए का क्रिकेट है, या फिर यूएसए क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना सकता है। Team India की जीत के साथ ही, यह बहस और तेज हो गई है।

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