गौतम गंभीर का बड़ा बयान: “मैं इंसान हूं, गलती करने का हक मुझे भी है” – रोहित और विराट पर कही ये बात! [Gautam Gambhir statement, Cricket news]
गौतम गंभीर, भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच, इस समय लगातार चर्चा में हैं। अपनी कोचिंग में टीम इंडिया को एक साल के भीतर दो ICC ट्रॉफी जिताने के बाद, उनसे कई अहम मुद्दों पर सवाल पूछे जा रहे हैं। हाल ही में एक निजी संस्थान में दिए गए अपने इंटरव्यू में, गंभीर ने रोहित शर्मा और विराट कोहली से जुड़े सवालों पर खुलकर अपनी बात रखी, जिसमें उनका एक बयान काफी सुर्खियां बटोर रहा है। [Team India coach, Cricket news]
टीम इंडिया की ऐतिहासिक सफलताएं गौतम गंभीर की कोचिंग में [Team India coach, ICC T20 World Cup]
गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया ने पिछले एक साल में अद्भुत प्रदर्शन किया है। पिछले साल की शुरुआत में टीम ने ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी और अब इस साल की शुरुआत में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम इंडिया पहली बार लगातार दो बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। [Team India, ICC T20 World Cup] इसके अलावा, यह भी पहली बार हुआ है कि किसी टीम ने अपने घर में टी20 वर्ल्ड कप जीता हो। ये सभी ऐतिहासिक उपलब्धियां गौतम गंभीर की कोचिंग में हासिल हुई हैं।
रोहित शर्मा और विराट कोहली पर गंभीर से सवाल [Rohit Sharma, Virat Kohli, Player selection]
लगातार मिल रही सफलताओं के बीच, गौतम गंभीर से अक्सर रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर सवाल किए जाते रहे हैं। गंभीर पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वे इन दोनों खिलाड़ियों को पसंद नहीं करते और अक्सर उनके खेल की आलोचना करते रहते हैं। अतीत में, गंभीर ने ऐसे बयान दिए थे कि “हमें ऐसे खिलाड़ी नहीं चाहिए जो 94 से 100 तक पहुंचने के लिए 10-12 गेंदें लें। हमें सीधे मारकर 100 पूरा करने वाले और टीम को पहले रखने वाले खिलाड़ी चाहिए, जो अपने व्यक्तिगत मील के पत्थर को बाद में रखें।” इन बयानों को अक्सर रोहित और विराट जैसे बड़े खिलाड़ियों के लिए ही माना जाता रहा है। [Gautam Gambhir, Rohit Sharma, Virat Kohli]
गंभीर का बेबाक जवाब: “मैं इंसान हूं, गलती करने का हक मुझे भी है” [Gautam Gambhir statement, Cricket coach]
जब गौतम गंभीर से सीधे तौर पर पूछा गया कि वे उन आरोपों से कैसे निपटते हैं कि वे रोहित और विराट को पसंद नहीं करते या ड्रेसिंग रूम में चीजें ठीक नहीं हैं, तो गंभीर ने एक बेबाक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “भाई, मैं इंसान हूं। I am a human, and humans are allowed to make mistakes. मैं इंसान हूं, मैं गलती कर सकता हूं। मुझसे भी गलतियां हुई हैं, टीम से भी गलतियां हुई हैं कई बार।” [Gautam Gambhir statement, Cricket coach]
“सही मंशा से लिया गया गलत फैसला भी सही होता है” [Team first, Intention in leadership]
गंभीर ने अपने जवाब को और स्पष्ट करते हुए कहा कि, “अगर इंटेंशन (मंशा) सही है, तो गलत फैसला भी सही होता है।” उनका मानना है कि अगर कोई गलत फैसला सही मंशा के साथ लिया जा रहा है, तो वह टीम के हक में है। इसके विपरीत, अगर कोई गलत फैसला गलत मंशा के साथ लिया जा रहा है, तो वह गलत है। [Intention in leadership] गंभीर ने जोर देकर कहा कि उनकी मंशा कभी भी गलत नहीं रही है और उनका इंटेंशन हमेशा टीम के हित में होता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई बार गलत फैसले हो जाते हैं, लेकिन उनके पीछे की मंशा हमेशा सही होती है। यह एक छोटी बात में बहुत बड़ी बात कह गए गंभीर, कि उनके सभी फैसले और बयान टीम के सर्वश्रेष्ठ हित को ध्यान में रखकर ही होते हैं। [Team first, Player selection]
अपने इंटरव्यू में गंभीर ने साफ संदेश दिया कि वे जो कुछ भी करते हैं, चाहे वह खिलाड़ियों के चयन से जुड़ा हो या किसी बयान से, वह हमेशा टीम के हित में होता है। उनका कहना है कि “जो टीम के हित में होगा, जो ड्रेसिंग रूम के हित में होगा, वह मैं करता आया हूं और करता रहूंगा।” यह गंभीर की कोचिंग और नेतृत्व शैली का मुख्य आधार प्रतीत होता है। [Gautam Gambhir, Team India coach]
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