न्यूजीलैंड को 14 साल की सबसे बड़ी हार: अफ्रीका का दमदार पलटवार!
हाल ही में हुए एक T20 match में न्यूजीलैंड को cricket history में अफ्रीका के खिलाफ 14 साल की अपनी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। यह जीत अफ्रीका के लिए वर्ल्ड कप semi-final में न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद एक जोरदार पलटवार साबित हुई है। team और fans के लिए यह एक तरीके से बदले की शुरुआत है।
सेमीफाइनल हार का बदला: अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को रौंदा
कुछ ही दिन पहले, वर्ल्ड कप semi-final में अफ्रीका को न्यूजीलैंड के हाथों करारी हार मिली थी। उस हार की टीस अभी भी team और fans के मन में थी। bilateral series के पहले T20 match में अफ्रीका के खिलाड़ियों ने उस गुस्से को मैदान पर उतारा और न्यूजीलैंड को बुरी तरह से हरा दिया। यह 14 साल में न्यूजीलैंड की अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ी हार है। इससे पहले 2012 में ऐसा हुआ था जब न्यूजीलैंड अफ्रीका के खिलाफ पूरे 20 over भी नहीं खेल पाई थी और 86-87 रनों पर all out हो गई थी। इस बार भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, न्यूजीलैंड 100 रनों से कम पर ही all out हो गई। अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 15 over तक भी नहीं खेलने दिया और बड़े आराम से score को chase कर लिया।
मैच का पूरा हाल: न्यूजीलैंड की खराब बल्लेबाजी
इस T20 match में न्यूजीलैंड ने पहले batting की, लेकिन उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। वे पूरे 20 over भी नहीं खेल पाए और सिर्फ 14.3 over में 91 रनों पर ही all out हो गए। न्यूजीलैंड के लिए score card किसी mobile number जैसा लग रहा था। डेमोन कॉन्व ने 1, टॉम लेथम्स ने 7, रॉबिनसन ने 6, निक केली ने 2, बेवन जैकब्स ने 10 और जैकफूस ने 1 रन बनाया। केवल जीविनीशम (26), कप्तान मिज सेंडर (15) और कोल मैककी (15) ही कुछ रन बना पाए। यह 2012 के बाद पहली बार हुआ कि न्यूजीलैंड अफ्रीका के खिलाफ 100 रनों से कम पर all out हुई और पूरे 20 over नहीं खेल पाई।
अफ्रीका की गेंदबाजी और बल्लेबाजी का प्रदर्शन
अफ्रीका की तरफ से इस match में चार नए खिलाड़ियों, कोर्नोर, एस्टर हजन, रूबिन हरमैन, डियान फॉरेस्टर और नकोबानी मुकोना, का debut हुआ था, और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। अफ्रीका की गेंदबाजी आक्रमण ने न्यूजीलैंड की batting line-up को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। कोएडजी ने 2 wickets लिए, जबकि नकोबानी मोकोना 3 wickets के साथ team के सर्वश्रेष्ठ bowler रहे। बाटमैन और केशव महाराज दोनों ने 2-2 wickets हासिल किए।
इसके जवाब में, 92 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफ्रीका ने बेहद आराम से जीत हासिल की। उन्होंने यह लक्ष्य 16.4 over में मात्र 3 wickets खोकर प्राप्त कर लिया, यानी 7 wickets से यह match जीत लिया। कोनोर एस्टर हज़न बल्लेबाजी के hero रहे, जिन्होंने 45 रन नाबाद बनाए। उनके साथ डियान फॉरेस्टर भी 16 रनों पर नाबाद रहे।
बदले की भावना: क्या पूरा हुआ हिसाब?
यह match न्यूजीलैंड के खराब प्रदर्शन के कारण एकतरफा रहा, लेकिन अफ्रीका के fans के लिए यह बेहद रोमांचक था। World Cup semi-final की हार के बाद, उनके मन में जो बदले की ज्वाला जल रही थी, उसे इस जीत से थोड़ी ठंडक मिली है। हालांकि, सच्चा बदला तो तब माना जाएगा जब अफ्रीका किसी नॉकआउट stage में न्यूजीलैंड को हराकर tournament से बाहर कर देगी, ठीक वैसे ही जैसे न्यूजीलैंड ने अफ्रीका को बाहर किया था। फिर भी, यह जीत अफ्रीका के लिए एक महत्वपूर्ण moral booster थी और उनके fans को खुशी देने वाली थी।
Leave a Reply