BCCI को भारी पड़ा बांग्लादेश को पाकिस्तान समझना: अपने पैर पर मारी तीन कुल्हाड़ी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को बांग्लादेश को पाकिस्तान समझने की गलती भारी पड़ गई है। एक अकेले बांग्लादेश से BCCI और ICC को हार का सामना करना पड़ा है। यह स्थिति कैसे बनी और BCCI ने अपने पैर पर तीन कुल्हाड़ी कैसे मारी, आइए समझते हैं। BCCI, Bangladesh Cricket, Cricket Controversy.
BCCI ने संभवतः बांग्लादेश को पाकिस्तान समझकर गलती की। इसका मतलब यह है कि जब चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के साथ मैच खेलने का सवाल आया था, तो भारत ने पाकिस्तान जाकर खेलने से साफ इनकार कर दिया था। इंडिया को पता था कि उसकी बात सुनी जाएगी और उसके मैच पाकिस्तान से बाहर करवाए जाएंगे। इसी तरह, BCCI और टीम इंडिया के खिलाड़ियों को लगा कि पाकिस्तान एक हल्की टीम है और अगर उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया गया या उनकी ‘बेइज्जती’ की गई तो कोई दिक्कत नहीं होगी। एशिया कप में भी ऐसा किया गया, जहां पाकिस्तान के साथ तीन बार मैच खेलकर उनकी ‘बेइज्जती’ की गई और कोई समस्या नहीं हुई। लेकिन बांग्लादेश की टीम को पाकिस्तान समझना थोड़ा भारी पड़ रहा है, क्योंकि बांग्लादेश ने अपना स्टैंड ले लिया है। Pakistan Cricket, India vs Bangladesh.
पहली कुल्हाड़ी: IPL ऑक्शन में लापरवाही
पहली कुल्हाड़ी तब मारी गई जब BCCI ने IPL ऑक्शन के दौरान पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। BCCI ने यह नहीं देखा कि एक बांग्लादेशी खिलाड़ी पहले से ही ऑक्शन पूल में मौजूद है। सवाल उठता है कि IPL ऑक्शन के समय यह फैसला क्यों नहीं लिया गया? क्या BCCI IPL ऑक्शन में सोती रही? बांग्लादेशी खिलाड़ी को कैसे आने दिया गया? सबसे पहली गलती BCCI ने अपने पैरों पर तभी मार ली थी। अगर उस खिलाड़ी को आने ही नहीं दिया जाता, उसे अलाऊ ही नहीं किया जाता और कोई टीम उसे नहीं खरीदती, तो शायद यह विवाद शुरू ही नहीं होता। यह एक शुरुआती गलती थी जिसने आगे की समस्याओं की नींव रखी। IPL Auction, Cricket Governance.
दूसरी कुल्हाड़ी: मुस्तफिजुर रहमान को निकालना
दूसरी कुल्हाड़ी तब लगी जब मुस्तफिजुर रहमान को खरीदने के बाद उन्हें टीम से बाहर निकाल कर विवाद को और ज़्यादा हवा दे दी गई। आग को और ज्यादा भड़का दिया गया। BCCI ने एक खिलाड़ी खरीदा, लेकिन कुछ लोगों के विरोध प्रदर्शन और ‘बवाल’ के बाद उन्हें हटा दिया गया। या तो BCCI को खिलाड़ी लेना ही नहीं चाहिए था, या अगर लिया था तो अपने पैसे के साथ उसके साथ खड़े रहना चाहिए था। इस कदम से BCCI ने अपना ही फैसला गलत साबित कर दिया और यह मुहर लगा दी कि उनका प्रारंभिक निर्णय गलत था। इस फैसले ने स्थिति को और जटिल बना दिया। Mustafizur Rahman, IPL, Cricket India.
तीसरी कुल्हाड़ी: बांग्लादेश में IPL बैन और रेवेन्यू का नुकसान
सबसे बड़ी और तीसरी कुल्हाड़ी अब पड़ी है, जब बांग्लादेश में IPL पर बैन लगा दिया गया है। इस बैन के कारण IPL को करोड़ों रुपये के रेवेन्यू का भारी नुकसान होगा। बांग्लादेश में IPL बैन है। पहले बांग्लादेश के खिलाड़ी भी IPL में खेलते थे, जिससे वहां अच्छी खासी व्यूअरशिप मिलती थी और विज्ञापन व राजस्व भी आता था। लेकिन अब वहां से वो पैसा नहीं मिलेगा क्योंकि IPL को वहां पर बैन कर दिया गया है। जब IPL दिखाया ही नहीं जाएगा तो पैसा कहां से आएगा? अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी को नहीं निकाला जाता, तो शायद IPL बांग्लादेश में सामान्य रूप से चलता रहता और वहां से मिलने वाला पैसा BCCI को मिलता रहता। यह फैसला सीधे तौर पर BCCI के वित्त पर असर डालेगा। Revenue Loss, Sports Business, Cricket Economy.
ये तीन फैसले ही हैं जो BCCI के लिए भारी पड़ रहे हैं और उसने खुद को इस मामले में फंसा हुआ पाया है। ICC अब इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से BCCI द्वारा अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। विवाद की जड़ें बहुत पहले से ज्ञात थीं, लेकिन BCCI ने जानबूझकर चीजों को हवा दी और गलत फैसले लिए, जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है। Cricket Governance, BCCI, Bangladesh Cricket.
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