IPL 2026: इन 4 बड़े खिलाड़ियों पर लगेगा Ban, तोड़ा IPL Rule; पूर्व कप्तान भी शामिल

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IPL में खिलाड़ियों की मनमानी: क्या 4 बड़े नाम पर लगेगा प्रतिबंध?

IPL 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, जिसका आगाज़ 28 मार्च से होने वाला है। लेकिन एक बड़ा सवाल उठ रहा है: क्या चार बड़े खिलाड़ी आने वाले 2 साल तक बैन हो जाएंगे? क्योंकि आईपीएल (IPL 2026) के नियमों का कहीं न कहीं उल्लंघन हुआ है। इस स्थिति से चार टीमों को बहुत बड़ा झटका लगने की आशंका है। दरअसल, कुछ खिलाड़ी अभी भी अपनी टीम के साथ जुड़े नहीं हैं। कुछ खिलाड़ी अनफिट (player fitness) हैं, जबकि कुछ अपनी मनमानी करते हुए कुछ शुरुआती मुकाबले न खेलने की बात कह रहे हैं। ऐसे में पूर्व क्रिकेटर्स भी नाराज़ हैं और आईपीएल (IPL rules) के बड़े नियमों की याद दिलाई जा रही है।

चोट और निजी कारणों से खिलाड़ी नहीं जुड़ रहे

इस वक्त, लगभग 10 टीमों के कुछ खिलाड़ी चोटिल (injury update) हो चुके हैं, जिनमें ज़्यादातर खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के हैं (Australian cricketers)। कुछ खिलाड़ी अपनी निजी समस्याओं के चलते टीम में शामिल नहीं हो रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। उदाहरण के तौर पर, पैट कमिंस (Pat Cummins) और जोश हेज़लवुड (Josh Hazlewood) अभी अनफिट हैं। मिचल स्टार्क (Mitchell Starc) ने वर्कलोड (workload management) का हवाला देते हुए शुरुआती तीन से चार मैच न खेलने का बहाना दिया है। लॉकी फर्ग्यूसन (Lockie Ferguson), जो पंजाब के लिए खेलने वाले हैं, कहते हैं कि मैं पहले सात मैच नहीं खेलूंगा। जोश हेज़लवुड पिछले चार से पांच महीने से बाहर हैं, जिसके कारण वे T20 World Cup का भी हिस्सा नहीं थे। मिचल स्टार्क का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया बोर्ड भी वर्कलोड की बात को मानता है। वहीं, लॉकी फर्ग्यूसन कह रहे हैं कि वे अभी-अभी पिता बने हैं, इसलिए उन्हें 7-8 मैचों के लिए 7 या 15 दिन का आराम चाहिए। यह सब खिलाड़ियों की मनमानी के रूप में देखा जा रहा है।

सुनील गावस्कर की खिलाड़ियों की मनमानी पर कड़ी टिप्पणी

पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने इस पूरे मामले पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी मालिक (franchise owners) अपने खिलाड़ियों को खुश रखने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, यहां तक कि खिलाड़ियों के परिवारों का खर्च भी उठाते हैं। अक्सर कुछ खिलाड़ी इसे गलत समझ लेते हैं और स्थिति का अनुचित फायदा उठाते हैं। गावस्कर साहब का मानना है कि जब फ्रेंचाइजी इतनी सारी सुविधाएं प्रदान करती है, तो खिलाड़ियों को भी कम से कम सही तरीके से काम करना चाहिए।

IPL के नियम और 2 साल का प्रतिबंध

पहले भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई थी, जब कुछ खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले नहीं आते थे। इसके बाद BCCI (BCCI regulations) द्वारा एक नियम बनाया गया कि ऑक्शन (auction process) में बिकने के बाद आना आपको ज़रूरी है। अगर खिलाड़ी पर ऑक्शन में पैसा खर्च किया गया है, तो उसे हर हाल में खेलने आना ही पड़ेगा। यदि कोई खिलाड़ी नहीं आता है, तो उस पर 2 साल का बैन (player ban) लग सकता है। इसका अर्थ है कि वह आने वाले 2 साल में कहीं भी नहीं खेल पाएगा और ऑक्शन में भी शामिल नहीं हो पाएगा। न खेलने पर खिलाड़ी को एक वैध और ठोस कारण बताना होता है। मेडिकल छूट संभव है, लेकिन इसके लिए होम बोर्ड (team management) की पुष्टि अनिवार्य है। किसी बड़ी घटना पर खिलाड़ी को बाहर होने की छूट मिल सकती है, लेकिन यह मनमानी नहीं चलेगी कि “मैं अभी फिट नहीं हूं, जब तक फिट नहीं हूंगा मैं खेल नहीं पाऊंगा।” आपको आना तो पड़ेगा, फिर देखा जाएगा कि आप खेल पाते हैं या नहीं।

किन खिलाड़ियों पर लटक रही है प्रतिबंध की तलवार?

अब इन चार खिलाड़ियों – पैट कमिंस (Pat Cummins), जोश हेज़लवुड (Josh Hazlewood), मिचल स्टार्क (Mitchell Starc) और लॉकी फर्ग्यूसन (Lockie Ferguson) – पर बैन लगने की संभावना है। बोर्ड इस मामले में सख्ती कर सकता है। सवाल उठता है कि क्या इन खिलाड़ियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए या फिर अनफिट होने पर उन्हें आने की छूट देनी चाहिए?


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