IND vs NZ: Gautam Gambhir के इन 4 गलत फैसलों की वजह से Team India को मिली हार, Highlights देखें

यहां दूसरे ओडीआई मैच में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने बड़ी मुश्किल से 284 रन बनाए थे, लेकिन न्यूजीलैंड ने महज तीन विकेट खोकर आसानी से 286 रन बनाकर मैच जीत लिया। हिंदुस्तान में आकर न्यूजीलैंड ने शान से इस मुकाबले को अपने नाम किया और अब सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है। इस हार के बाद कुछ गलत फैसलों और खिलाड़ी चयन पर सवाल उठ रहे हैं।

विवादित खिलाड़ी चयन: प्रसिद्ध कृष्णा (Controversial Player Selection: Prasidh Krishna)

इस मैच में सबसे पहला गलत फैसला तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को एक बार फिर टीम में शामिल करना था। प्रसिद्ध कृष्णा पहले मुकाबले में फ्लॉप रहे थे, और दूसरे मैच में भी वे कुछ खास नहीं कर पाए। उन्होंने नौ ओवर की गेंदबाजी में 49 रन लुटाए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया। टीम के पास अर्शदीप सिंह जैसा तेज गेंदबाज (fast bowler) उपलब्ध होने के बावजूद, उन्हें लगातार बाहर बिठाया जा रहा है। प्रसिद्ध कृष्णा को बार-बार खिलाने के इस निर्णय पर सवाल उठना लाज़मी है, खासकर जब अर्शदीप सिंह जैसे युवा खिलाड़ी को मौका नहीं मिल रहा। यह टीम इंडिया के खिलाड़ी चयन (cricket selection) और प्रदर्शन विश्लेषण (performance analysis) पर सवाल खड़े करता है।

रविंद्र जडेजा का निराशाजनक प्रदर्शन और अक्षर पटेल की अनदेखी (Ravindra Jadeja’s Disappointing Performance and Axar Patel’s Oversight)

ऑल-राउंडर रविंद्र जडेजा का प्रदर्शन भी लगातार निराशाजनक रहा है। इस मुकाबले में उन्होंने आठ ओवर में 44 रन दिए और कोई विकेट नहीं ले पाए। बल्लेबाजी में भी वे फ्लॉप साबित हुए। इससे पहले खेले गए ओडीआई मैच में भी रविंद्र जडेजा शून्य पर आउट हुए थे और कुछ खास नहीं कर पाए थे। इसके बावजूद उन्हें बार-बार खिलाया जा रहा है, जबकि अक्षर पटेल को सेलेक्ट ही नहीं किया जा रहा है। अक्षर पटेल की क्या गलती है कि रविंद्र जडेजा के प्रति यह विशेष आकर्षण (obsession) बढ़ता ही जा रहा है? यह चयन दुविधा (selection dilemma) एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

नीतीश रेड्डी: एक अकारण चयन (Nitish Reddy: An Unjustified Selection)

हार्दिक पांड्या विजय हजारे ट्रॉफी में 10 ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं, लेकिन प्रेस रिलीज में कहा जाता है कि वे ओडीआई सीरीज में 10 ओवर गेंदबाजी नहीं कर सकते, इसलिए उन्हें नहीं खिलाया जा रहा। ऐसे में नीतीश रेड्डी को टीम में क्यों शामिल किया गया, यह एक बड़ा सवाल है। नीतीश रेड्डी से सिर्फ दो ओवर गेंदबाजी करवाई गई, जिसमें उन्होंने 13 रन दिए। जब उनसे ओवर ही नहीं करवाने थे, तो उन्हें खिलाने का क्या मतलब था? यशस्वी जायसवाल या ऋतुराज गायकवाड़ जैसे बल्लेबाजों को टीम में क्यों नहीं लिया गया? हार्दिक पांड्या को टीम में क्यों नहीं लाया जा रहा और उन्हें क्यों ‘बचाया’ जा रहा है, यह भी समझ से परे है। यह टीम संरचना (team composition) और गेंदबाजी विकल्प (bowling options) पर सवाल खड़े करता है।

मोहम्मद शमी और कुलदीप यादव की गेंदबाजी पर सवाल (Questions on Mohammed Shami and Kuldeep Yadav’s Bowling)

भारतीय टीम की गेंदबाजी भी पूरी तरह से फ्लॉप रही। मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज (veteran bowler) पिछले लगभग 10 महीने से डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और चैंपियन ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन उन्हें टीम में मौका नहीं मिल रहा। क्या किसी को इस बात की परवाह है कि टीम अपनी गेंदबाजी को कमजोर करती जा रही है?

इसके अलावा, कुलदीप यादव एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। उन्होंने 10 ओवर में 82 रन लुटा दिए। कुलदीप यादव की प्रदर्शन में निरंतरता (consistency) की कमी दिखती है, वे एक मैच में विकेट लेते हैं और फिर तीन-चार मैचों में विकेट नहीं ले पाते। उनकी इकोनॉमी रेट (economy rate) भी चिंता का विषय है।

सीरीज का हाल और आगे की चुनौती (Series Status and Future Challenge)

बल्लेबाजी में श्रेयस अय्यर, रोहित शर्मा और विराट कोहली भी ज्यादा रन नहीं बना पाए, लेकिन 284 का स्कोर बुरा नहीं था। समस्या यह थी कि गेंदबाज सिर्फ तीन विकेट ले पाए और न्यूजीलैंड ने आसानी से मैच जीत लिया। दूसरा ओडीआई हारने के बाद अब सीरीज 1-1 से बराबर है और तीसरे ओडीआई में ही सीरीज का विजेता तय होगा। न्यूजीलैंड ने दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम से बेहतर खेल दिखाया है।

भारतीय टीम की इस हार और न्यूजीलैंड की जीत पर आपके क्या विचार हैं? गलत फैसलों और खिलाड़ी चयन पर अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

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