सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर के बीच ‘लड़ाई’ का सच: T20 वर्ल्ड कप टीम चयन का अनोखा किस्सा
वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत के बाद Cricket News में एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यह खबर जुड़ी है कप्तान सूर्यकुमार यादव और दिग्गज गौतम गंभीर के बीच हुई ‘लड़ाई’ से। हालांकि, यह लड़ाई वैसी नहीं है जैसा आप सोच रहे हैं। खुद सूर्यकुमार यादव ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है और पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में पूरी कहानी बताई है।
लड़ाई नहीं, विचारों का टकराव: स्काई का स्पष्टीकरण
सूर्यकुमार यादव ने साफ किया है कि उनके और गौतम गंभीर के बीच कोई शारीरिक लड़ाई नहीं हुई थी। इसे ‘विचारों की लड़ाई’ या ‘शब्दों की लड़ाई’ कहा जा सकता है, जहां मतभेद सामने आए। यह एक रचनात्मक Sports Debate थी। स्काई ने कहा कि उनके बीच कभी जबरदस्ती बातें ओवरलैप नहीं होतीं, बल्कि हमेशा गंभीर चर्चाएं होती हैं। यह इंटरव्यू तब आया जब टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद Suryakumar Yadav Interview के लिए कई बड़े संस्थान उनसे बात कर रहे हैं।
गौती भाई से गौतम सर तक का सफर
सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर के साथ अपने रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने बताया कि वह आज भी गौतम गंभीर को ‘गौती भाई’ कहकर बुलाते हैं, ‘गौतम सर’ नहीं। इसकी वजह उनका पुराना संबंध है, जो 2012-13 के दौर का है। उस समय सूर्यकुमार यादव कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से खेलते थे और गौतम गंभीर टीम के कप्तान थे। तब से ही वे एक-दूसरे को जानते हैं और स्काई उन्हें ‘गौती भाई’ कहते आ रहे हैं। भले ही अब Gautam Gambhir Coach की भूमिका में हों, लेकिन उनके बीच का रिश्ता वैसा ही बना हुआ है।
टीम चयन में एक खिलाड़ी पर हुई ‘बहस’
स्काई ने खुलासा किया कि उनके और गौती भाई के बीच एक मसले पर असहमति हुई थी। यह असहमति T20 World Cup Squad Selection के दौरान सामने आई। जब टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम चुनी जा रही थी, तो सभी को अपनी-अपनी 15 सदस्यीय टीम के नाम सुझाने थे। सूर्यकुमार यादव ने अपनी पसंद की टीम बताई और गौतम गंभीर ने अपनी। स्काई के मुताबिक, दोनों की सुझाए गए नामों में से 14 खिलाड़ी कॉमन थे, यानी उनकी सोच काफी मिलती-जुलती थी।
रहस्यमयी खिलाड़ी कौन? स्काई ने तोड़ा सस्पेंस नहीं!
असली ‘लड़ाई’ या असहमति सिर्फ एक खिलाड़ी पर थी। एक खिलाड़ी ऐसा था जिसे सूर्यकुमार यादव अपनी Indian Cricket Team में चाहते थे, जबकि गौतम गंभीर का नाम कोई और था। यह खिलाड़ी कौन था, इस पर स्काई ने इंटरव्यू में खुलकर कुछ नहीं बताया। वह इस सवाल को गोल कर गए, बस इतना कहा कि 14 खिलाड़ी कॉमन थे और एक खिलाड़ी पर ही विवाद था कि ‘इसे होना चाहिए या नहीं होना चाहिए’। यह नाम आज भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
अंदर की खबर: ईशान किशन पर थी जंग!
हालांकि, अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस खिलाड़ी को लेकर यह मतभेद था, वह कोई और नहीं बल्कि विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन थे। ईशान किशन का हालिया फॉर्म काफी शानदार था। ऐसा कहा जा रहा है कि सूर्यकुमार यादव ने ईशान किशन के नाम की सिफारिश की थी और उन्हें टीम में शामिल करवाने के लिए जोर दिया था। यहां तक कि स्काई ने ईशान को फोन करके पूछा भी था, “क्या तू मुझे वर्ल्ड कप जिताएगा?” और ईशान ने जवाब दिया था कि “भैया, भरोसा करके देखिए, आपका सपना जरूर पूरा करूंगा।” और वाकई में उन्होंने इस सपने को पूरा करने में अहम भूमिका भी निभाई।
यह खबर सौ प्रतिशत पुष्टि के साथ नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि सूर्या ने ईशान का नाम सुझाया था, जबकि गंभीर के पास कोई दूसरा नाम था। अंततः सभी की सहमति से ईशान किशन के नाम को आगे बढ़ाया गया और 15वें खिलाड़ी के रूप में उनका चयन हुआ। यह एक दिलचस्प खुलासा है कि कैसे ‘मेरा प्लेयर’ बनाम ‘मेरा प्लेयर’ की इस लड़ाई में, आखिरकार ईशान किशन का चयन हुआ। यह Ishan Kishan World Cup सफर की अंदरूनी कहानी है।
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