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मोहसिन नकवी का ‘अड़ियल रवैया’: क्रिकेट जगत में नई हलचल
क्रिकेट जगत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मोहसिन नकवी की नई ‘नौटंकी’ शुरू हो गई है, जिसमें वह भारत से मैच ना खेलने पर अड़े हुए हैं। जी हां, मोहसिन नकवी लगातार नई-नई चालें चल रहे हैं और नए-नए पैतरे अपना रहे हैं। वह बांग्लादेश को भड़काने और ICC के सामने अकड़ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। शायद वह भूल गए हैं कि वह किससे बात कर रहे हैं।
हाल ही में लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मुखिया और ICC के अधिकारी मौजूद थे। लेकिन अब कुछ और अपडेट्स सामने आ गए हैं, क्योंकि मांगें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और मोहसिन नकवी ने पूरी तरीके से एक अडियल रवैया अपना लिया है। वह ऐसी अटपटी शर्तें रख रहे हैं जो भविष्य में पूरी होती नहीं दिख रही हैं। ऐसा लगता है कि एशिया कप में हुई बेइज्जती का बदला मोहसिन नकवी अब ICC, भारत और पूरी वर्ल्ड क्रिकेट से ले रहे हैं।
अब तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ही आखिरी बयान सुनाएंगे कि मैच होगा या नहीं। लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में विद्रोह की चीजें शुरू हो गई हैं, क्योंकि अगर 15 फरवरी को मैच नहीं हुआ तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। Cricket dispute, International Cricket Council (ICC), Pakistan Cricket Board (PCB), Match boycott, Cricket politics.
पीसीबी की अटपटी शर्तें: ICC और बांग्लादेश को भड़काने की कोशिश
जो शर्तें रखी गई हैं, उनमें कुछ और चीजें भी जुड़ गई हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- बढ़ा हुआ मुआवजा: ICC बांग्लादेश के लिए बढ़ा हुआ मुआवजा दे।
- T20 वर्ल्ड कप पार्टिसिपेशन फीस: T20 वर्ल्ड कप से पत्ता कटने के बावजूद बांग्लादेश को पार्टिसिपेशन फीस मिले। बांग्लादेश ने पहले ही ICC के भारत में खेलने के ऑफर को मना कर दिया था। T20 World Cup fees.
- भविष्य के ICC टूर्नामेंट्स की मेजबानी: पाकिस्तान को भविष्य के ICC टूर्नामेंट्स के लिए मेजबानी का अधिकार मिले, जबकि उनके यहां सुरक्षा की स्थिति खराब है, टीमें घबराती हैं और दौरे रद्द कर देती हैं। Hosting rights, Cricket security.
- ICC रेवेन्यू शेयर में हिस्सेदारी बढ़ाना: पाकिस्तान अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग कर रहा है, जैसे कि 5% से 20-25% किया जाए, जबकि उनकी रैंकिंग खराब है और टीमें उनके देश में खेलने नहीं आतीं। Revenue sharing, Cricket finance.
- भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज का दबाव: ICC पर भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज के लिए दबाव बनाया जाए। हालांकि, ICC भी जानता है कि BCCI पर दबाव बनाना इतना आसान नहीं है और दोनों देशों के हालात ऐसे हैं कि द्विपक्षीय सीरीज हो ही नहीं सकती। 2013 के बाद से कोई सीरीज नहीं हुई है। Bilateral series, Cricket relations.
- मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल अनिवार्य करना: एशिया कप में हुए हैंडशेक न होने की बेइज्जती के बाद अब यह अनिवार्य करवाया जाए। भारतीय टीम ने एशिया कप में हैंडशेक नहीं किया था, जिससे पाकिस्तान के खिलाड़ी भड़क गए थे। Handshake protocol, Sportsmanship.
मोहसिन नकवी का यह अड़ियल रवैया एशिया कप में हुए हैंडशेक न होने, फाइनल में पोडियम पर खड़े होने के बावजूद ट्रॉफी न दे पाने (क्योंकि टीम इंडिया ने उनसे ट्रॉफी नहीं ली), और खिलाड़ियों पर बैन न रुकवा पाने जैसे कई कारणों से जुड़ा हुआ है। वह भारत से बदला लेने पर पूरी तरह अड़े हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि एशिया कप में उनकी बेइज्जती हुई, उनसे हाथ नहीं मिलाया गया और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे क्रिकेट जगत में बहुत पीछे हों।
पीसीबी को नुकसान: जिम्मेदार कौन?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स भी यह सवाल पूछ रहे हैं कि अगर मैच रद्द होने से नुकसान हुआ तो इसकी भरपाई कौन करेगा? क्या कोई चौथा बोर्ड इसकी भरपाई करेगा? इसका जवाब “नहीं” है। Financial impact, Cricket losses, PCB accountability.
भविष्य की मांगें और ICC का आखिरी फैसला
आने वाले 24 से 48 घंटे 15 फरवरी के मैच के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिसमें ICC, श्रीलंकन क्रिकेट बोर्ड, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, BCCI और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड जैसे सभी स्टेकहोल्डर्स शामिल हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान कुछ और मांगें भी कर रहा है:
- 2031 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश को और ज्यादा मैच दिए जाएं।
- पाकिस्तान के मैच बांग्लादेश में खेलें।
- भारत को सितंबर में बांग्लादेश का दौरा करना ही होगा।
- बांग्लादेश को किसी भी प्रकार का पैसा न रोका जाए और न ही काटा जाए।
- ICC भविष्य में बांग्लादेश के और ज्यादा मैच बढ़ाए।
ये सभी डिमांड मोहसिन नकवी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यही पाकिस्तान में भी आकर खेलिए। हालांकि, ICC इन शर्तों के आगे झुकेगा नहीं। ICC सीधा पूछेगा कि आपको खेलना है या नहीं खेलना। अगर नहीं खेलना तो “गुड बाय”। अगर खेलना है तो चुपचाप कोलंबो में मैदान के अंदर आइए और अपना मैच खेलिए।
अगर ICC को ज्यादा छेड़ा गया, तो वह पाकिस्तान से फुल मेंबर नेशन का स्टेटस भी छीन सकता है, जिससे उन्हें क्वालिफिकेशन के लिए खेलना पड़ेगा। ICC के पास ऐसा कोई वैलिड पॉइंट नहीं है जिसके चलते वह इन मांगों के आगे झुक जाए। Cricket negotiations, ICC regulations, Full member status, Cricket ultimatum, Future of cricket.
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