गौतम गंभीर और रोहित शर्मा: वनडे कप्तानी विवाद का अंदरूनी सच हुआ उजागर A Major Revelation in Indian Cricket
टीम इंडिया में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक ओर विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच रिश्तों में खटास की खबरें लगातार सुर्खियों में हैं, वहीं अब T20 World Cup से पहले एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। इस खुलासे ने भारतीय क्रिकेट में हलचल मचा दी है। यह ताज़ा विवाद Indian Cricket Team के एक महत्वपूर्ण फैसले से जुड़ा है।
मनोज तिवारी का चौंकाने वाला दावा Former Cricketers’ Opinion
टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि रोहित शर्मा को ODI Captaincy से हटाने के फैसले में गौतम गंभीर की अहम भूमिका रही है। यानी, रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटाना गौतम गंभीर का ही फैसला था। मनोज तिवारी के अनुसार, उन्हीं की वजह से चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद अचानक रोहित शर्मा से वनडे कप्तानी छीन ली गई। इस बयान के बाद Cricket Controversy और अधिक बढ़ गई है।
रोहित शर्मा की कप्तानी और सफलताएं Rohit Sharma’s Captaincy Achievements
रोहित शर्मा का नाम टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार किया जाता है। उन्हीं की कप्तानी में भारत ने कई ICC ट्रॉफियां जीती हैं। बावजूद इसके, Champions Trophy जीतने के कुछ ही समय बाद उन्हें वनडे कप्तानी से हटा दिया गया और Shubman Gill को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई। यह फैसला कई क्रिकेट प्रेमियों के लिए हैरान करने वाला था।
BCCI का तर्क और आलोचना BCCI Selection Committee’s Logic
BCCI सिलेक्शन कमेटी का तर्क था कि वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए एक नई शुरुआत करना चाहते हैं। इस फैसले का आधिकारिक ऐलान चीफ सेलेक्टर Ajit Agarkar ने किया था। हालांकि, Cricket News Hindi से जुड़े एक बड़े वर्ग का मानना था कि रोहित को कप्तानी से हटाने का फैसला जरूरत से ज्यादा कठोर था। यह Captaincy Debate एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया था।
गंभीर का कथित प्रभाव और मनोज तिवारी के पुराने बयान Gautam Gambhir’s Influence and Prior Statements
मनोज तिवारी का मानना है कि इस बड़े फैसले में मुख्य कोच गौतम गंभीर का इनपुट जरूर रहा होगा। एक साक्षात्कार में मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें प्राथमिक कारण नहीं पता, लेकिन अजीत अगरकर मजबूत और निर्णायक व्यक्तित्व के इंसान हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी सोचने पर जोर दिया कि क्या उन्होंने यह फैसला पूरी तरह से अकेले लिया था? तिवारी के अनुसार, “पर्दे के पीछे बहुत कुछ होता है। हो सकता है निर्णय चयनकर्ता का हो लेकिन Head Coach का इनपुट जरूर शामिल रहा होगा। ऐसे फैसले अकेले नहीं लिए जाते। दोनों समान रूप से जिम्मेदार होते हैं।”
आपको बता दें, मनोज तिवारी गंभीर के खिलाफ पहले भी बयान देते रहे हैं। उन्होंने BCCI से टेस्ट टीम के लिए अलग रेड बॉल कोच नियुक्त करने की मांग की थी। एक मीडिया बातचीत में तिवारी ने कहा था कि टीम में बार-बार किए गए बदलाव गलत रणनीति का नतीजा है, जो बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका सीरीज में साफ दिखाई दिया। उन्होंने भारतीय टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए यह फैसला तुरंत जरूरी बताया था।
साथ ही, एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी की जीत का श्रेय गौतम गंभीर को देने पर आपत्ति जताते हुए तिवारी ने कहा था कि ये टीमें पहले से Rohit Sharma, Rahul Dravid और Virat Kohli द्वारा तैयार थीं। उनके अनुसार, एक वाइट बॉल स्पेशलिस्ट कोच का हेड कोच बनना दुर्भाग्यपूर्ण है।
रोहित शर्मा का मौजूदा प्रदर्शन Rohit Sharma’s Current Form
वहीं रोहित शर्मा की बात करें तो शुरुआत में माना जा रहा था कि 38 साल के रोहित को अगले वर्ल्ड कप की योजनाओं में शामिल नहीं किया जाएगा। लेकिन Rohit Sharma ने अपने लगातार प्रदर्शन, फिटनेस और जज्बे से साबित कर दिया कि उनमें अभी भी बड़े स्तर पर खेलने और कड़ी प्रतिस्पर्धा की भूख बाकी है। उनकी निरंतरता ने सभी को प्रभावित किया है। Team India के भविष्य के लिए उनका अनुभव महत्वपूर्ण है।
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