IND vs USA Highlights: Suryakumar Yadav नहीं Gautam Gambhir के इस Masterstroke ने जिताया मैच

गौतम गंभीर की रणनीति ने भारत को बचाया: USA के खिलाफ कैसे पलटा हारा हुआ मैच और बेइज्जती से मिली मुक्ति

यूएसए के खिलाफ टीम इंडिया ने भले ही जीत दर्ज की हो, लेकिन एक समय ऐसा था जब टीम मुश्किल में थी। रनों के लिए तरस रही भारतीय टीम 100 रन बनाने के लिए भी संघर्ष कर रही थी। ऐसा माना जा रहा था कि टीम 300 का आंकड़ा पार कर सकती है, लेकिन हालात ऐसे हो गए थे कि 100 रन बनाना भी पहाड़ जैसा लग रहा था। यह गौतम गंभीर ही थे जिन्होंने सूर्यकुमार यादव को संभाला और मैच का रुख बदल दिया, जिससे टीम इंडिया को महत्वपूर्ण Cricket Victory मिली।

शुरुआती संघर्ष और टीम इंडिया की चुनौती

मैच में एक समय भारत के 77 रन पर छह विकेट गिर चुके थे। यूएसए के गेंदबाजों का दबदबा इतना ज्यादा था कि भारतीय बल्लेबाज बैकफुट पर थे। लग रहा था कि अब रन बनाना लगभग असंभव है। ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रिंकू सिंह और हार्दिक पांड्या जैसे प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। उस वक्त केवल सूर्यकुमार यादव और अक्षर पटेल ही क्रीज पर मौजूद थे, जो टीम को Early Collapse से निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद अक्षर पटेल भी आउट हो गए, और सारी जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव पर आ गई।

गौतम गंभीर का मास्टरस्ट्रोक और सूर्यकुमार यादव का पलटवार

ऐसे मुश्किल समय में, गौतम गंभीर ने ब्रेक के दौरान सूर्यकुमार यादव से बात की। सूर्यकुमार यादव, जो मन में रन बनाने की रणनीति सोच रहे थे, उन्हें गंभीर से वही मार्गदर्शन मिला। मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने बताया कि जब टीम 77 पर छह विकेट खो चुकी थी, तो उन्हें लगा कि एक बल्लेबाज को अंत तक खेलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि यह 180-190 की विकेट है, बल्कि उन्हें यह 140 की विकेट लगी थी। Gautam Gambhir Strategy ने यहीं काम किया। गौती भाई ने 14वें ओवर के ब्रेक के दौरान उनसे यही बात कही। उन्होंने कहा कि आखिरी तक बल्लेबाजी करने की कोशिश करो, तुम इसे कभी भी कवर कर सकते हो। इस बात ने सूर्यकुमार के Player Confidence को और बढ़ा दिया।

सूर्यकुमार यादव की महत्वपूर्ण पारी और सम्मानजनक स्कोर

गौतम गंभीर से मिले इस भरोसे के बाद, सूर्यकुमार यादव ने शानदार 84 रनों की पारी खेली। उन्होंने धीरे-धीरे अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर अंत में 84 रन बनाए। आखिरी ओवर में उन्होंने 21 रन बटोरकर मैच का पूरा Match Momentum बदल दिया। उनकी इस Match Winning Innings के दम पर टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161 रनों का एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। यह स्कोर उस स्थिति में जहां टीम 100 रन के लिए तरस रही थी, एक बड़ा सुधार था।

भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन और यूएसए की चुनौती

इसके बाद, जब यूएसए की टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो भारतीय गेंदबाजों ने कमाल कर दिखाया। मिया साहिब ने शानदार Bowling Performance Cricket करते हुए तीन विकेट झटके। वहीं, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल को दो-दो विकेट मिले, जिससे यूएसए की बल्लेबाजी बिखर गई। यूएसए की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 132 रन ही बना पाई। इस तरह भारत ने यह मुकाबला 29 रनों से जीत लिया। Indian Bowlers ने अपनी Disciplined Bowling से जीत सुनिश्चित की।

हार से बचाई इज्जत: गंभीर का संदेश

यह जीत केवल अंकों की नहीं, बल्कि टीम इंडिया की इज्जत बचाने वाली थी। जहां सब ढेर हो गए थे, वहां सूर्यकुमार यादव अकेले खड़े थे। जो मन में वह सोच रहे थे, वही गौतम गंभीर बाहर बैठकर सोच रहे थे। दोनों की सोच मिली और गौतम गंभीर का एक संदेश आया जिसने टीम की Team Transformation कर दी और टीम ने मैच भी जीत लिया। सोचिए, अगर हम 115 या 120 रनों पर ही ऑल आउट हो जाते, तो यह एक बहुत बड़ी बेइज्जती होती। कहीं न कहीं गौतम गंभीर का वह संदेश बेइज्जती को बचा गया। वरना Cricket World Cup में सही मायनों में टीम की घरेलू स्तर पर छवि खराब हो सकती थी।

आपको क्या लगता है, टीम इंडिया अगर हारती तो क्या होता या फिर आपको भरोसा था कि टीम इंडिया यूएसए को हरा ही देगी, कमेंट करके जरूर बताएं।

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