BCCI Central Contract 2025-26 से Ishan Kishan और Mohammed Shami बाहर, इन 5 खिलाड़ियों की हुई छुट्टी

भारतीय क्रिकेट सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2025-26: ईशान किशन और बड़े नामों के बाहर होने की वजह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2025-26 के लिए अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट (Central Contract) की घोषणा कर दी है, जिसमें कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। कुछ खिलाड़ियों को प्रमोशन मिला है तो कुछ का डिमोशन भी हुआ है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उन नामों की हो रही है, जिन्हें इस बार इस महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट में जगह नहीं मिली है। इनमें ईशान किशन, मोहम्मद शमी और सरफराज खान जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये बदलाव और किन वजहों से कुछ अहम खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, जो क्रिकेट जगत में एक बड़ी खबर है।

क्या है नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2025-26?

BCCI द्वारा जारी यह सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस बार कुल 30 खिलाड़ियों को इसमें शामिल किया गया है, जबकि पहले यह संख्या 34 थी। एक बड़ा बदलाव यह भी है कि इस बार ग्रेड ए प्लस (Grade A Plus) को शामिल नहीं किया गया है। अब खिलाड़ियों को सिर्फ तीन ग्रेड – ग्रेड ए, ग्रेड बी और ग्रेड सी में बांटा गया है। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत खिलाड़ियों को सालाना रिटेनरशिप (Annual Retainership) मिलती है, जो इस प्रकार है: ग्रेड ए में 5 करोड़ रुपये, ग्रेड बी में 3 करोड़ रुपये और ग्रेड सी में 1 करोड़ रुपये। पहले ग्रेड ए प्लस में 7 करोड़ रुपये मिलते थे। यह नई संरचना BCCI Player Contracts के वितरण में बदलाव को दर्शाती है।

ग्रेड-वार खिलाड़ियों की सूची

नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट (BCCI Contracts) विभिन्न ग्रेडों में खिलाड़ियों को वर्गीकृत करता है। आइए देखते हैं कि किस ग्रेड में कौन-कौन से खिलाड़ी शामिल हैं:

  • ग्रेड ए: इस ग्रेड में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा शामिल हैं। पहले इस ग्रेड में रोहित शर्मा और विराट कोहली भी ग्रेड ए प्लस के तहत आते थे, लेकिन अब वे ग्रेड बी का हिस्सा हैं।
  • ग्रेड बी: इस सूची में वाशिंगटन सुंदर, रोहित शर्मा, विराट कोहली, के एल राहुल, मोहम्मद सिराज, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जैसवाल, सूर्य कुमार यादव और श्रेयस अय्यर जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।
  • ग्रेड सी: यह ग्रेड अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्दीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाशदीप, ध्रुव जुड़ैल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साईं सुदर्शन, रवि बिश्नोई और ऋतुराज गायवाड़ जैसे खिलाड़ियों को दिया गया है। यह सूची युवा प्रतिभाओं और अनुभव का मिश्रण दर्शाती है।

ईशान किशन समेत इन खिलाड़ियों को क्यों नहीं मिला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट?

इस सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट (Player Contracts) में कई जाने-माने नामों के न होने से फैंस के बीच काफी सवाल उठे हैं। सबसे प्रमुख नाम ईशान किशन का है, जिनके बाहर होने पर कई लोग हैरान हैं। उनके अलावा मोहम्मद शमी, सरफराज खान, रजत पाटीदार और मुकेश कुमार जैसे खिलाड़ी भी इस सूची में शामिल नहीं हैं। इसके पीछे BCCI का एक खास नियम और खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन व उपलब्धता की वजह है। यह फैसला हर खिलाड़ी के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है।

खिलाड़ियों के बाहर होने के पीछे की असली वजह

BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट (Contract Eligibility) में शामिल होने का एक मुख्य नियम है कि खिलाड़ियों को उस अनुबंध अवधि में (या उससे ठीक पहले) भारतीय टीम के लिए कम से कम तीन मैच (वनडे या टेस्ट) खेलने होते हैं। जिन खिलाड़ियों ने इस नियम का पालन नहीं किया, उन्हें इस बार कॉन्ट्रैक्ट में जगह नहीं मिली:

  • ईशान किशन: उन्होंने 1 अक्टूबर 2025 से पहले 2025 में कोई मैच नहीं खेला था। हालांकि उन्होंने 2026 में आकर मैच खेले हैं, लेकिन अनुबंध की पात्रता के लिए 2025 की अवधि महत्वपूर्ण थी। यही वजह है कि वे इस कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा नहीं हैं। हालांकि, जब 2026-27 के लिए कॉन्ट्रैक्ट जारी होगा, तब उनके खेलने के कारण उन्हें निश्चित रूप से शामिल किया जाएगा।
  • मोहम्मद शमी: वे मार्च 2025 में आखिरी बार दिखे थे और उसके बाद कॉन्ट्रैक्ट के नियमों को पूरा नहीं कर पाए। उनका केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट (BCCI Rules) में शामिल न होना उनकी हालिया अनुपस्थिति से संबंधित है।
  • सरफराज खान, रजत पाटीदार और मुकेश कुमार: इन खिलाड़ियों ने 2024 के बाद भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में कोई मैच नहीं खेला। इसी कारण उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर रखा गया है।

यह स्पष्ट है कि जिन खिलाड़ियों ने 1 अक्टूबर 2025 से पहले BCCI के निर्धारित नियमों को पूरा किया और पर्याप्त मैच खेले, उन्हीं को यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। कुछ फैंस ने अक्षर पटेल को निचले ग्रेड में रखने या के एल राहुल को प्रमोट न करने पर सवाल उठाए हैं, लेकिन BCCI अपने फैसले बहुत सोच-समझकर और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर लेता है।

क्या है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का भविष्य?

इस बार ग्रेड ए प्लस को खत्म कर दिया गया है, जो सालाना 7 करोड़ रुपये का भुगतान करता था। अब खिलाड़ियों को ग्रेड ए, बी और सी के तहत क्रमशः 5 करोड़, 3 करोड़ और 1 करोड़ रुपये सालाना मिलेंगे। क्रिकेट जगत में हर साल खिलाड़ियों के प्रदर्शन (Player Performance) और टीम की जरूरतों के हिसाब से बदलाव होते रहते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले कॉन्ट्रैक्ट में कितने मौजूदा खिलाड़ी अपनी जगह बनाए रख पाते हैं, कौन से खिलाड़ी बाहर होते हैं, और कौन सी नई प्रतिभाएं इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होती हैं। खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया (Player Selection) हमेशा बहस का विषय रही है, लेकिन BCCI का लक्ष्य हमेशा टीम की मजबूती सुनिश्चित करना होता है।

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