अबरार अहमद विवाद: सुनील गावस्कर ने काव्या मारन को घेरा, कहा – ‘देश की जान से बड़ा है क्या टूर्नामेंट जीतना?’
काव्या मारन और अबरार अहमद से जुड़ा विवाद (Kavya Maran Abrar Ahmed Controversy) अब एक नया मोड़ ले चुका है। अब देश के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने इस मामले पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। “द हंड्रेड” टूर्नामेंट (The Hundred Tournament) में पाकिस्तान के खिलाड़ी अबरार अहमद को एक भारतीय फ्रेंचाइजी (Indian Franchise) द्वारा खरीदने के बाद से ही क्रिकेट प्रेमी (Cricket Fans) गुस्से में हैं, लेकिन अब गावस्कर साहब के बयानों ने इस आग में घी डालने का काम किया है।
गावस्कर का सीधा सवाल: ‘पैसों से आएंगे हथियार’
सुनील गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा है कि द हंड्रेड में एक भारतीय ओनर (Indian Owner) की फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी (Pakistani Player) को खरीदने पर मचा हंगामा बिल्कुल भी चौंकाने वाला नहीं है। उन्होंने 2008 के मुंबई हमलों (Mumbai Attacks) का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय फ्रेंचाइजी ओनर ने आईपीएल (IPL) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया। गावस्कर के अनुसार, किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी जाने वाली फीस (Player Fees) अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और आम नागरिकों की मौत (Civilian Casualties) में योगदान देना है। वे तर्क देते हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ी मिले हुए पैसे पर अपनी सरकार को इनकम टैक्स (Income Tax) देते हैं, जिससे हथियार और बारूद (Weapons and Ammunition) खरीदे जाते हैं, जो अंततः भारत के खिलाफ उपयोग किए जाते हैं। यह सुनील गावस्कर की स्पष्ट राय है। Cricket Controversy, Indian Cricket Legend
“द हंड्रेड” और काव्या मारन: खरीद का विवरण
दरअसल, ‘द हंड्रेड’ की नीलामी (The Hundred Auction) में अबरार अहमद को सनराइजर्स लीग (Sunrisers League) ने खरीदा था, जो भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) की ही एक टीम है। यह खरीद 190,000 पाउंड (लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपये) में हुई थी। काव्या मारन (Kavya Maran), जो SRH की ओनर हैं, इस खरीद के केंद्र में हैं और उन पर ही सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने सीधे सवाल उठाए हैं। The Hundred Draft, Kavya Maran SRH, Cricket Auction
देश प्रेम पर उठे सवाल
गावस्कर ने काव्या मारन पर सीधे सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उन्हें अपने देश से प्यार नहीं? उन्होंने कहा कि एक फ्रेंचाइजी ओनर के रूप में उन्हें हालात की समझ होनी चाहिए थी। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के कोच डेनियल विटोरी (Daniel Vettori) का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशी कोच शायद इस सामान्य बात को नहीं समझ पाएंगे, लेकिन एक भारतीय ओनर को इसकी समझ होनी चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा, “क्या एक ऐसे फॉर्मेट के टूर्नामेंट को जीतना जिसे कोई दूसरा देश नहीं खेलता, भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है?” यह भारतीय संस्थाओं द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों और स्पोर्ट्स पर्सन (Pakistani Artists and Sportspersons) को बुलाना बंद करने के ऐतिहासिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है। Nationalism in Sports, Indian Sports Ownership, Ethical Dilemmas in Cricket
BCCI का रुख और भविष्य का फैसला
इस विवाद पर बीसीसीआई (BCCI) ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। उनका कहना है कि यह एक ओवरसीज मामला (Overseas Matter) है और उनके अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में नहीं आता। हालांकि, सुनील गावस्कर के सवाल उठाने के बाद अब देखना होगा कि काव्या मारन क्या फैसला लेती हैं। अतीत में ऐसा ही एक मामला केकेआर (KKR) और मुस्तफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) का था, जब BCCI के कहने पर केकेआर ने उन्हें टीम से हटा दिया था। अब सवाल यह है कि क्या देश में बढ़ रहे इस बवाल और फैन फॉलोइंग (Fan Following) पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के चलते काव्या मारन अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को टीम से बाहर करेंगी या नहीं। BCCI Rules, Cricket Governing Body, Fan Backlash, Player Release Clause
निष्कर्ष
यह देखना दिलचस्प होगा कि काव्या मारन इस पूरे विवाद के बाद क्या निर्णय लेती हैं, जब एक तरफ देश के पूर्व कप्तान (Former Captain) ने गंभीर सवाल उठाए हैं और दूसरी तरफ BCCI ने खुद को इससे अलग कर लिया है। Sports Ethics, Cricket Controversies
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