Pakistan-Bangladesh Champions Trophy Controversy: Mohsin Naqvi के U-Turn पर मचा बवाल, ICC में हुई बड़ी हार!

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पाकिस्तान का U-Turn: मोहसिन नकवी ने देश को जिताया या बेइज्जत करवाया?

कुछ लोग कह रहे हैं कि मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान को जिताया है, ICC को हराया है, और इसमें पाकिस्तान या बांग्लादेश की जीत हुई है। उनका दावा है कि मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को बचा लिया है। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मैं आपको आईना दिखाता हूँ। पाकिस्तान को मोहसिन नकवी ने बचाया नहीं है, जिताया नहीं है, बल्कि बेइज्जत करवाया है। दुनिया में पाकिस्तान की थू-थू करवाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के चेहरे पर मोहसिन नकवी ने काली पोत दी है।

क्या मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान को बचाया?

जो लोग विन-विन सिचुएशन का ज्ञान दे रहे हैं, खास तौर पर पाकिस्तान के मीडिया वाले और सोशल मीडिया पर जो यह चल रहा है कि देखो एक मोहसिन नकवी के आगे पूरा ICC झुक गया, यह सब हकीकत से परे है। मैं आपको आईना दिखाता हूँ। कोई ICC नहीं झुका है। यहां जो झुका है, वह खुद मोहसिन नकवी और Cricket Board PCB है।

पाकिस्तान को क्या मिला? दावों का सच

बांग्लादेश और पाकिस्तान को इस पूरे ड्रामे से क्या मिला? बाई-लैटरल सीरीज (Bilateral series) की मांग खारिज कर दी गई। ट्राई-सीरीज की मांग खारिज हुई। पैसों की मांग को भी खारिज कर दिया गया। तो आखिर मिला क्या? यह जितना भी ड्रामा इतने दिनों से चल रहा था, वह सब व्यर्थ गया। याद कीजिए, जिस दिन पाकिस्तान ने बॉयकॉट का ऐलान किया था, पाकिस्तान सरकार ने बकायदा ट्वीट करके ऐलान किया था कि हम Cricket World Cup तो खेलेंगे, लेकिन टीम इंडिया के खिलाफ 15 तारीख वाला मैच नहीं खेलेंगे। उसी दिन कुछ घंटों बाद, मैंने बताया था कि पाकिस्तान इंडिया से मैच खेलेगा। यह पाकिस्तान की ब्लैकमेलिंग की आदत बहुत पुरानी हो चुकी है। हम सब पाकिस्तान को अंदर तक समझ चुके हैं। और वही हुआ, पाकिस्तान घूम-फिरकर खेला। यह सारा ड्रामा करके खेला। इस फैसले से पाकिस्तान की ही किरकिरी हुई है, पाकिस्तान कोई जीता नहीं है। मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान को जिताया नहीं बल्कि टेक्निकली हराया है।

प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा पर सवाल

सबसे पहले तो, नकवी की ही वजह से पाकिस्तान सरकार की किरकिरी हुई है। पूरी दुनिया के सामने एक सरकार की बात खाली हो गई। सरकार को अपनी बात से मुकरना पड़ा, यू-टर्न लेना पड़ा। पाकिस्तान के पीएम को अपनी बात से पलटना पड़ा। सोचिए, प्रधानमंत्री की जुबान की वैल्यू होती है। भारत और बाकी देशों में भी। अगर भारत का पीएम कह दे कि इंडिया पाकिस्तान से बाई-लैटरल सीरीज नहीं खेल रहा, तो दुनिया में कोई भी टीम उस बात को काट नहीं सकती। दूसरी तरफ, नकवी ने क्या करवाया? पहले तो शाहबाज शरीफ से मिलकर यह बुलवा दिया कि इंडिया से खेलने की जरूरत नहीं है, ऐलान कर दो कि बाकियों से खेलेंगे, इंडिया से मैच नहीं खेलेंगे। उन्होंने कर दिया। उसके बाद क्या हुआ? पाकिस्तान के पीएम की जुबान की वैल्यू दो टके की रही। उन्हें अपनी बात से मुकरना पड़ा। यह मोहसिन नकवी ही थे जिन्होंने पाक पीएम से जाकर कहा था कि इंडिया से नहीं खेलेंगे, ऐलान कर दो। नकवी के ही कहने पर पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ ने बॉयकॉट करने का ऐलान किया था कि हम नहीं खेलेंगे। Political credibility पर सवाल उठा। जब ICC से कई तरह के सेंशंस और अल्टीमेटम मिले तो उसके बाद पाकिस्तान को यू-टर्न लेना पड़ा। इसमें तो पाकिस्तान की हार हुई ना। आपको अपनी बात से पलटना पड़ा है। Government policy इस तरह से बदली गई।

बांग्लादेश को बचाने का दावा: एक मिथक

आप जो बता रहे हैं कि हमने बांग्लादेश को बचा लिया, भाई को बचा लिया, बांग्लादेश पर अब कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होगी, क्योंकि उसने टी20 वर्ल्ड कप से नाम वापस लिया, ये सब गलत है। बांग्लादेश पर तो पहले से ही International Cricket Council (ICC) कोई कार्रवाई करने वाली नहीं थी। खबर यही थी क्योंकि बांग्लादेश ने बोला था कि सरकार ने हमें मना कर दिया है, हम नहीं खेल सकते। उन्होंने कहा था कि आप हमारे मैच इंडिया से बाहर करवा दीजिए। वह ICC ने नहीं करवाया। तो ICC पहले से ही बांग्लादेश पर कोई कार्रवाई नहीं करने जा रही थी। पाकिस्तान यहां माहौल ना बनाए। मोहसिन नकवी साहब माहौल ना बनाएं कि हमने कार्रवाई से बचा लिया है। जो कार्रवाई होनी ही नहीं थी, उसको बचाया कैसे जा सकता है?

जो खबर आ रही है कि 2031 से पहले बांग्लादेश को एक ICC इवेंट मिलेगा, वह तो वैसे भी मिल ही जाता। बांग्लादेश में सिविल राइट्स की वजह से जो वुमेन वर्ल्ड कप नहीं हो पाया था, उसके बाद जब वहां चीजें ठीक होतीं, तो वह अपने आप फॉरवर्ड होता, वह अपने आप मिल जाता। अगले साइकिल में उनको कोई ना कोई ICC इवेंट खुद से ICC देता। तो इसमें बांग्लादेश ने या पाकिस्तान ने क्या करवा दिया? नकवी साहब ने कुछ नहीं करवाया।

पाकिस्तान की पुरानी आदत: U-Turn की कहानी

बिना कुछ हासिल किए पाकिस्तान को यू-टर्न लेना पड़ा। पाकिस्तान को कुछ नहीं मिला। इसमें कोई एक्स्ट्रा पैसा नहीं मिला, कुछ नहीं मिला। कौन कह रहा है कि पाकिस्तान की जीत हुई है? नकवी ने खुद के साथ पीएम शरीफ की भी पूरी दुनिया में थू-थू करवा दी कि यार इनके पीएम की तो कोई वैल्यू ही नहीं है। कोई जुबान की वैल्यू नहीं है। कुछ भी बकते रहते हैं, कुछ भी बोलते रहते हैं। अभी बोलेंगे A तो कल बोलेंगे B। अपनी बात से यू-टर्न ले लेते हैं। पाकिस्तान ने 10 बार यू-टर्न लिया है। यह पहली बार नहीं है। Cricket history इसका गवाह है।

  • 2023 एशिया कप: पाकिस्तान ने तब कहा था कि भारत-पाकिस्तान आकर मैच खेलेगा। भारत का मैच कहीं और नहीं करवाया जाएगा। हुआ क्या? भारत ने अपने मैच श्रीलंका में खेले।
  • 2023 वर्ल्ड कप: पाकिस्तान बोला भारत खेलने नहीं जाएंगे। हमारे मैच कहीं और करवाओ। ICC ने कहा चुपचाप खेलो नहीं तो भगा दिए जाओगे। क्या हुआ? पाकिस्तान ने अपने सारे मैच भारत में खेले, हैदराबाद में बिरयानी चापी।
  • चैंपियंस ट्रॉफी 2025: बोला भारत को पाकिस्तान जाकर मैच खेलने ही होंगे। पाकिस्तान होस्टिंग नेशन है, भारत को आना ही पड़ेगा, इनके मैच कहीं और नहीं कराएंगे। हुआ क्या? भारत ने अपने सारे मैच बड़े आराम से दुबई में खेले और जीते भी। भारत चैंपियन भी बना। यह Sports diplomacy का एक उदाहरण है।
  • एशिया कप 2025 (रेफरी विवाद): मैच रेफरी एंडडी पैक्राफ्ट को हटाने के लिए ICC से भिड़ गया। बोला इनको हटाओ नहीं तो हम बॉयकॉट कर देंगे, हम नहीं खेलेंगे। क्या हुआ बाद में? मैच रेफरी तो एंडडी पैक्राफ्ट ही रहे और पाकिस्तान ने मैच भी खेला उसी मुंह के साथ, जिससे बोला था कि हम नहीं खेलेंगे।
  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया से मैच नहीं खेलेंगे ये पूरा गाना गाया और उसके बाद खबर आई कि अब हम मैच खेलेंगे।

नाटक का नतीजा: मिला क्या?

वाह भाई साहब! मेरे पास शब्द ही नहीं हैं। कोई इतना दोगला कैसे हो सकता है? जब यही करना था तो इतना रायता क्यों फैलाया? चुपचाप खेलते रहते। इतनी नौटंकी क्यों की? क्या मिला इतनी नौटंकी करके? बस मुझे इतना बता दो। Cricket controversies में पाकिस्तान का नाम बार-बार आता है। इस पाकिस्तान पर हंसी आती है।


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