टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी: तीन खिलाड़ी जिन्हें ODI टीम से तुरंत बाहर करना होगा
टीम इंडिया (Team India) को एक बार फिर से शर्मिंदगी से बचाने के लिए, तीन खिलाड़ियों को वन डे टीम (ODI team) से हटाना बेहद ज़रूरी है। यदि इन खिलाड़ियों को लगातार टीम में रखा जाता है, तो हमें दूसरे वन डे (ODI Match) की तरह ही तीसरे मैच में भी हार का सामना करना पड़ सकता है, और सीरीज़ भी गँवानी पड़ सकती है। इन तीन खिलाड़ियों के लगातार औसत प्रदर्शन (Player performance) के कारण टीम की हालत ऐसी ही बनी रहेगी। हम यहाँ 2025 की शुरुआत से लेकर अब तक, यानी बीते एक साल के उनके प्रदर्शन (Cricket stats) पर आंकड़ों के साथ बात करेंगे।
1. रविंद्र जडेजा: सिर्फ़ नाम के भरोसे टीम में
ऑलराउंडर (All-rounder) रविंद्र जडेजा का प्रदर्शन बीते एक साल से काफ़ी निराशाजनक रहा है। ऐसा लगता है कि वह सिर्फ़ अपने नाम और लंबे समय से टीम में रहने के कारण ही जगह बनाए हुए हैं। ना तो वह बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर पा रहे हैं और ना ही गेंद से।
बीते एक साल में, रविंद्र जडेजा ने 12 वन डे मैच (ODI matches) खेले हैं, जिसमें उनके बल्ले से सिर्फ़ 137 रन निकले हैं। इन 12 मैचों में उन्होंने एक भी अर्द्धशतक या शतक नहीं बनाया है। कल के मैच में भी उन्हें 50 रन बनाने का पूरा मौका मिला था, लेकिन वह चूक गए। वहीं, गेंदबाजी (Bowling performance) में भी उनका प्रदर्शन औसत रहा है, उन्होंने 12 मैचों में सिर्फ़ 12 विकेट लिए हैं। यह प्रदर्शन एक मुख्य खिलाड़ी के लिए बहुत खराब माना जाता है। इस स्तर के प्रदर्शन के साथ टीम को आगे ले जाना मुश्किल है।
2. प्रसिद्ध कृष्णा: महंगे साबित होते तेज़ गेंदबाज़
तेज गेंदबाज (Fast Bowler) प्रसिद्ध कृष्णा का प्रदर्शन भी बीते एक साल में बेहद खराब रहा है। चोट के कारण भी वह अक्सर बाहर रहते हैं, और 2025 से लेकर अब तक वह सिर्फ़ छह वन डे मैच ही खेल पाए हैं।
इन छह मैचों में उन्होंने 11 विकेट ज़रूर लिए हैं, लेकिन वह बहुत महंगे साबित हुए हैं। उनकी इकॉनमी (Economy Rate) लगभग 7 के आसपास रही है, जिसका मतलब है कि उन्होंने 10 ओवर में लगभग 70 रन दिए हैं। वन डे क्रिकेट (Cricket analysis) में इतनी महंगी गेंदबाजी टीम पर दबाव बढ़ाती है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 66 रन देकर चार विकेट रहा है, और उन्होंने एक भी फाइव विकेट हॉल (Five-wicket haul) नहीं लिया है। ऐसे महंगे गेंदबाज के साथ वन डे टीम में बने रहना सवाल खड़े करता है।
3. नितीश कुमार रेड्डी: मिले मौके गंवाए
नितीश कुमार रेड्डी को टीम में क्यों रखा जाता है, यह समझना मुश्किल है। उन्हें मौके मिलते हैं, लेकिन वह उनका फ़ायदा नहीं उठा पाते। अभी तक उन्होंने तीन वन डे मैच (ODI performance) खेले हैं और सिर्फ़ 47 रन बनाए हैं।
इन तीन मैचों में उन्होंने एक भी अर्द्धशतक या शतक नहीं लगाया है। भले ही उन्हें कल के मैच में कुछ देर के लिए सेट होने का मौका मिला था, लेकिन वह अपना विकेट गंवा बैठे। गेंदबाजी में भी तीनों मैचों में उन्हें मौका मिला, लेकिन वह एक भी विकेट लेने में नाकाम रहे। ऐसे औसत प्रदर्शन (Average performance) वाले खिलाड़ी को टीम में बनाए रखने से टीम की समग्र ताकत कमज़ोर होती है। एक प्रभावी ऑलराउंडर (All-round potential) की जगह ऐसे खिलाड़ी को मौका देना टीम सिलेक्शन (Team selection) पर सवाल उठाता है।
इन खिलाड़ियों के साथ टीम इंडिया (Team India) 2027 का वन डे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) जीतने का सपना कैसे देख सकती है? चयनकर्ताओं (Selectors) को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा। आपकी इस बारे में क्या राय है?
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