यहां सूर्यकुमार यादव के LBW विवाद पर आधारित एक SEO-अनुकूल ब्लॉग लेख प्रस्तुत है:
सूर्यकुमार यादव का LBW विवाद: क्या अंपायर का फैसला सही था?
हाल ही में 12वें ओवर की आखिरी गेंद पर सूर्यकुमार यादव के आउट या नॉट आउट होने को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान में यह दावा किया जा रहा है कि इस मैच में चीटिंग हुई है और अंपायर ने जानबूझकर सूर्यकुमार यादव को नॉट आउट दिया। यह घटना cricket controversy का विषय बन गई है।
मोहम्मद नवाज की गेंद और घटना का विवरण
यह विवादित घटना 12वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुई, जब गेंदबाज मोहम्मद नवाज थे। गेंद सूर्यकुमार यादव के पैर पर लगती हुई दिखाई दे रही थी। आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि गेंद उनके पैर पर लगी थी। हालांकि, जो तस्वीर दिखाई जा रही है, वह रीप्ले की तस्वीर है। यह LBW decision खेल के अहम पलों में से एक था।
पाकिस्तान का दावा और अंपायर्स कॉल
पाकिस्तान का दावा है कि अगर अंपायर ने इस अपील को आउट दिया होता, तो गेंद pitching in line थी, impact in line था और wickets hitting अंपायर्स कॉल पर जाती, जो पाकिस्तान के पक्ष में होता। उस समय सूर्यकुमार यादव केवल नौ गेंदों पर नौ रन बनाकर खेल रहे थे। अगर वे उस वक्त आउट हो जाते, तो उसके बाद उन्होंने जो रन बनाए, वे उतने रन नहीं बना पाते। यही सवाल उठता है कि क्या Suryakumar Yadav out or not out थे।
अंपायर का फैसला और DRS
अंपायर ने इस अपील को नॉट आउट दिया। बाद में जब पाकिस्तान ने डीआरएस (DRS) लिया और रिव्यू चेक किया गया, तो उसमें यह देखने को मिला कि गेंद विकेट पर लग जाती और सूर्यकुमार यादव आउट भी हो जाते, अगर अंपायर ने इसे पहली बार में आउट दे दिया होता। यह Umpire’s call cricket का एक classic उदाहरण है, जहां पहले फैसले का महत्व होता है। DRS review ने भी इस बात को उजागर किया।
क्या फैसले हमेशा भारत के पक्ष में होते हैं?
यह हमेशा नहीं होता कि क्रिकेट के फैसले केवल एक टीम के पक्ष में जाएं। ऐसे बहुत सारे फैसले भारत के खिलाफ भी गए हैं। उदाहरण के लिए, 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में ट्रेंट बोल्ट की गेंद विराट कोहली के पैड पर लगी थी, जिसे अंपायर ने आउट दे दिया था। अगर उस समय अंपायर ने उसे नॉट आउट दिया होता, तो विराट कोहली उस दिन आउट नहीं होते और शायद भारत वह सेमीफाइनल जीत जाता। यह cricket match integrity पर होने वाली बहसों का एक हिस्सा है।
निष्कर्ष: अंपायर का फैसला सही था
एक बार देखने पर भले ही लग रहा हो कि गेंद विकेट की तरफ जा रही थी और विकेट को हल्का सा छू रही थी, लेकिन अंपायर ने इसे नॉट आउट दिया है। जब अंपायर ने नॉट आउट का फैसला दिया है, तो उसके बाद कोई बवाल खड़ा नहीं होना चाहिए कि अंपायर ने जानबूझकर कुछ किया। अगर अंपायर आउट दे देते, तो सूर्यकुमार यादव आउट हो जाते। अब जब अंपायर ने इसे नॉट आउट दिया है, तो सूर्यकुमार यादव नॉट आउट हैं। इस पूरे मामले पर मेरा यह मानना है कि अंपायर का फैसला पूरी तरह से सही था। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की तरफ से जो भी बातें लिखी जा रही हैं, लोग उन्हें लिखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन अंपायर का फैसला मान्य है। Mohammad Nawaz bowling और Suryakumar Yadav innings खेल का हिस्सा हैं, और ऐसे फैसले आते रहते हैं।
Leave a Reply