Usman Khawaja Retirement: संन्यास के दौरान Khawaja ने लगाया Racial Stereotyping और Media Double Standards का गंभीर आरोप

उस्मान ख्वाजा के आखिरी बयान: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में मची खलबली!

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी Usman Khawaja ने अपने आखिरी मैच से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज बयान दिए हैं। उनके इन बयानों ने पूरे Australian cricket जगत में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपनी पहचान, रंग और खेल करियर को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे ऑस्ट्रेलिया में अब एक बड़ा घमासान मच चुका है।

उस्मान ख्वाजा के बड़े खुलासे

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Usman Khawaja ने बताया कि उन्हें अक्सर ‘पाक मूल का क्रिकेटर’ या ‘मुस्लिम क्रिकेटर’ कहा जाता था। आपको बता दें कि उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन चार साल की उम्र में वे अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया आ गए थे।

उन्होंने अपने रंग को लेकर भी कई बार नस्लीय टिप्पणियों (Racism in cricket) का सामना करने की बात कही। ख्वाजा ने बताया कि उन्हें Golf खेलने पर सवाल उठाए गए, चोटिल होने पर उनकी आलोचना हुई और उनकी फिटनेस को लेकर ‘आलसी’ तक कहा गया।

ख्वाजा ने महसूस किया कि उन्हें कई बार अकेला महसूस करवाया गया और उन्होंने Australian cricket system पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि उन पर अक्सर खुद की परवाह करने और टीम की चिंता न करने का आरोप लगता था। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जिससे उन्हें अकेलापन महसूस हुआ और इन चीज़ों से वह जिंदगी भर जूझते रहे। अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर आकर, Ashes के अपने अंतिम मुकाबले से पहले, Khawaja ने अपने जीवन भर के इन अनुभवों पर खुलकर बात की।

पूर्व क्रिकेटर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया

Usman Khawaja के इन बयानों पर Australian cricket के कई पूर्व खिलाड़ियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और पाकिस्तान के पूर्व कोच Jason Gillespie ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

Gillespie ने नस्लीय भेदभाव (Racism in cricket) के खिलाफ Khawaja की आवाज बुलंद करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “मैं उस्मान के साथ हूं। नस्लीय भेदभाव हमारे समाज पर एक बड़ा धब्बा है और इसके खिलाफ हमेशा आवाज उठाने की जरूरत है।” उन्होंने Khawaja के पूरे जीवन में नस्लवाद का सामना करने की बात को स्वीकार किया।

हालांकि, Jason Gillespie ने Golf खेलने पर सवाल उठाए जाने और उसे ‘बुलींग’ कहने पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि एक पेशेवर खिलाड़ी के करियर में अपनी पसंद के लिए जवाबदेह ठहराया जाना (Sports professionalism) सामान्य बात है और यह दुर्व्यवहार नहीं है। यह उस काम की जिम्मेदारी लेने जैसा है जिसके लिए पैसे मिलते हैं।

Jason Gillespie ने Khawaja के ‘आलसी’ कहे जाने वाले आरोप पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया में उन्हें कभी ‘आलसी’ कहे जाने का जिक्र नहीं मिला और उन्हें नहीं पता कि यह बात कहां से आई। Gillespie ने तर्क दिया कि अगर Khawaja आलसी या अनफिट होते, तो वे 15 साल तक Australian cricket के लिए तीनों फॉर्मेट में नहीं खेल पाते। उन्होंने इस आरोप के स्रोत पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने माना कि हो सकता है कि उनके बैकग्राउंड या रंग को लेकर उन्हें चिढ़ाया गया हो, लेकिन आलसी कहा गया हो, यह उन्हें समझ नहीं आता।

जबकि कुछ पूर्व खिलाड़ी सामने आकर Khawaja के साथ खड़े हैं, कुछ उनके खिलाफ भी हैं और कई बड़े नाम इस पूरे विवाद पर अभी भी चुप हैं।

Usman Khawaja के इन बयानों ने Australian cricket में एक बड़ी बहस छेड़ दी है, खासकर Player welfare और Athlete mental health जैसे मुद्दों पर। एक तरफ उनके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर सहानुभूति है, वहीं दूसरी ओर एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर उनकी जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। आपको क्या लगता है, क्या Khawaja ने जाते-जाते बयानों का बम फोड़कर सही किया या इसकी कोई जरूरत नहीं थी?

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