पाकिस्तान क्रिकेट में नई ‘बगावत’: वर्ल्ड कप में टीम के अंदरूनी विवाद
वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट में एक नई ‘बगावत’ ने जन्म ले लिया है। टीम के भीतर उथल-पुथल का दौर जारी है, खासकर भारत से हार के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इस पूरे प्रकरण में अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
खिलाड़ियों और पूर्व क्रिकेटरों के बीच तकरार
यह सब तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के खिलाड़ी शादाब खान ने पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद युसुफ पर एक बयान दिया। भारत के खिलाफ मैच में हार के बाद कई पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे और बदलाव की मांग की थी। मोहम्मद युसुफ ने भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि 2021 में भारत को हराने के बाद सब हीरो बन गए थे। इसी पर शादाब खान ने पलटवार करते हुए कहा कि मोहम्मद युसुफ ने भी वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ कुछ खास नहीं किया था, इसलिए उन्हें ज्यादा ज्ञान नहीं देना चाहिए। इस बयानबाजी ने Player Statements का एक नया दौर शुरू कर दिया है, जहां मौजूदा खिलाड़ी पूर्व दिग्गजों को आँखें दिखा रहे हैं।
पीसीबी का सख्त रुख और चेतावनी
मामला गंभीर होने पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को इसमें कूदना पड़ा। PCB के टीम मैनेजर नवीद चीमा ने शादाब खान से फोन पर बात की और अपनी नाराजगी जाहिर की। चीमा साहब ने शादाब को समझाया कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी सीमाएं लांघी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सकलैन मुश्ताक और मोहम्मद युसुफ जैसे सभी पूर्व खिलाड़ी पाकिस्तान क्रिकेट के बड़े नाम हैं और वे सम्मान के हकदार हैं। खिलाड़ियों को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यह चेतावनी सिर्फ शादाब को नहीं, बल्कि पूरी Pakistan Cricket Team को दी गई है।
बड़ी कार्रवाई की आशंका
पीसीबी ने साफ संदेश दिया है कि टीम के खिलाड़ियों को ‘बदतमीजी’ से बचना चाहिए। यदि किसी खिलाड़ी ने दोबारा ऐसी मर्यादा लांघी, तो उस पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। ऐसी बदतमीजी करने वाले खिलाड़ी को एक बड़ा दंड भुगतना पड़ सकता है, जिससे Player Sanctions का रास्ता खुल सकता है। बोर्ड ने Team Discipline को बनाए रखने के लिए यह कड़ा रुख अपनाया है।
आगे क्या? पाकिस्तान क्रिकेट का भविष्य
मौजूदा आंतरिक कलह के अलावा, पाकिस्तान के लिए Cricket World Cup में आगे का रास्ता भी आसान नहीं है। टीम को सुपर एट में न्यूजीलैंड (21 फरवरी), इंग्लैंड (24 फरवरी) और श्रीलंका (28 फरवरी) जैसी बड़ी टीमों से भिड़ना है। पहले भी टीम में अंदरूनी Internal Conflicts की खबरें सामने आई हैं, जैसे कोच द्वारा सलमान अली आगा से बदतमीजी, शाहीन अफरीदी को ड्रॉप करना और बाबर आजम को बैटिंग के लिए नहीं भेजना। इन सब से पता चलता है कि पाकिस्तान क्रिकेट में चीजें ठीक नहीं हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट में इस ‘बगावत’ और प्रदर्शन के मोर्चे पर क्या कुछ होता है।
Leave a Reply