आईपीएल से पहले क्रिकेटर की मैदान पर दर्दनाक मौत: शाहजहांपुर में सोनल चंद्रा के साथ क्या हुआ?
आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होना है, लेकिन उससे पहले एक क्रिकेटर की दुखद मौत हो गई। मैदान पर बैट पकड़ने के बाद उनका वह मैच जिंदगी का आखिरी मैच साबित हुआ। यह घटना सबके लिए एक गहरा सदमा है।
मैच बना जिंदगी का आखिरी सफर
आईपीएल के आगाज से पहले उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक दोस्ताना मैच खेला जा रहा था। इस मैच में खेल रहे सोनल चंद्रा को शायद यह आभास नहीं था कि यह उनके जीवन का अंतिम मैच होगा। जब सोनल चंद्रा बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर आए, तो ड्रोन से उनका वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा था। बल्लेबाजी के दौरान अचानक उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ। उन्होंने इसे सामान्य परेशानी समझा और खेल जारी रखा। आउट होने के बाद, जब वह मैदान से बाहर आए, तो उनकी दिक्कतें अचानक बहुत बढ़ गईं। कुछ ही पल में सोनल चंद्रा बेहोश होकर मैदान पर गिर पड़े। Shahjahanpur में हुई इस घटना ने सभी को हिला दिया।
सीने में दर्द को किया नजरअंदाज
क्रिकेट खेलते समय कई बार खिलाड़ी सीने या कंधे में होने वाले दर्द को गंभीरता से नहीं लेते और उसे नजरअंदाज कर देते हैं। सोनल चंद्रा ने भी बल्लेबाजी के दौरान सीने में महसूस हुई बेचैनी को साधारण समझा और उसे गंभीरता से नहीं लिया। आज के दौर में, अगर ऐसी कोई भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है और Cricket death जैसे मामलों को बढ़ा सकती है।
सीपीआर की कमी और गलत इलाज
अगर सोनल चंद्रा को समय पर सही उपचार मिला होता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। मैदान पर बेहोश होने के बाद उन्हें CPR देने की बजाय, एक के बाद एक कई अस्पतालों में ले जाया गया। हालांकि उन्हें कुछ जगह First aid उपचार तो मिला, लेकिन बरेली के एक अस्पताल में भर्ती होने से पहले उन्हें एक बार फिर दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक कोई व्यक्ति बेहोश होकर गिरे तो उसे सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय, पहले सीपीआर देना बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर Heart attack के मामलों में। मैच के दौरान का वीडियो भी सामने आया है जिसमें सोनल बल्लेबाजी के दौरान काफी परेशान दिख रहे थे। यह एक बड़ी Medical emergency है जिसके लिए जागरूकता की कमी है।
कौन थे सोनल चंद्रा?
रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी के निवासी सोनल चंद्रा निगोई के राणा पब्लिक स्कूल में शिक्षक थे। ईद की छुट्टी के दिन, शनिवार को वह ओसीएफ स्टेडियम में मैच खेलने पहुंचे थे। टॉक टीम की ओर से बल्लेबाजी करते हुए सोनल को कुछ असहजता महसूस हुई, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य दर्द समझा। 33 रन की पारी खेलने के बाद जब वह आउट होकर मैदान से बाहर आए, तो उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और जल्द ही वे बेहोश हो गए। उनके साथी जब तक कुछ समझ पाते, उन्हें यह भी आभास नहीं था कि यह दिल का दौरा है। उन्हें होश में लाने की कोशिश की गई, फिर अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें एक निजी अस्पताल भेजा गया, जहां फर्स्ट एड के बाद भी सुधार न होने पर चिकित्सकों ने बरेली के राममूर्ति मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। रास्ते में उन्हें एक बार फिर दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
युवा खिलाड़ियों में बढ़ता दिल का दौरा: एक गंभीर चिंता
यह बहुत दुखद घटना है कि एक 33 साल का युवा और फिट व्यक्ति क्रिकेट खेलने गया और अचानक गिर पड़ा, जिसके बाद वह दोबारा उठ नहीं पाया। कोविड महामारी के बाद से 18 से 45 साल के युवाओं में Heart attack के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह एक गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल का संकेत है, जिस पर चिकित्सा इकाई और स्वास्थ्य मंत्रालय को विशेष ध्यान देना चाहिए। इतनी कम उम्र में फिट लोगों की Cardiac arrest से मौत एक चिंताजनक स्थिति है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। Young adult heart attack अब एक बड़ी समस्या बनती जा रही है और Health awareness बहुत ज़रूरी है।
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