गैरी कर्स्टन ने खोली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और मोहसिन नकवी की पोल: ‘जहरीला’ है वर्क कल्चर!
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और उसके अध्यक्ष मोहसिन नकवी एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। वर्ल्ड कप विजेता कोच गैरी कर्स्टन, जो कुछ समय के लिए पाकिस्तान टीम के कोच रहे थे, ने अब PCB के कामकाज और वर्क कल्चर को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि बोर्ड में जिस तरह की दखल अंदाजी है और काम करने का जो तरीका है, वह ‘जहरीला’ है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन लगातार गिर रहा है और बोर्ड की कार्यप्रणाली पर खुद पूर्व क्रिकेटर भी सवाल उठा रहे हैं।
जहरीला वर्क कल्चर और असहनीय दखल अंदाजी (Toxic work culture, unbearable interference)
गैरी कर्स्टन ने अपने इंटरव्यू में सबसे ज्यादा जिस बात पर हैरानी जताई, वह थी दखल अंदाजी का स्तर। उनका कहना था कि उन्होंने पहले कभी इतनी अधिक दखल अंदाजी नहीं देखी। एक कोच के लिए खिलाड़ियों के साथ काम करना और टीम बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है, जब बाहर से लगातार “शोरशराबा” होता रहता है। यह शोरशराबा किसी खिलाड़ी की सिफारिश करना, किसी को टीम में शामिल करने या बाहर करने का दबाव बनाने जैसा था। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट की तरफ से यह कहना कि ‘इसको लाइए, उसको लाइए’ या ‘ये हमारा बंदा है’ जैसी बातें बड़ी परेशान करती थीं। इस माहौल में कोच को “बेइज्जती” फील होती थी। Keywords: PCB criticism, Mohsin Naqvi, Gary Kirsten revelations, cricket management issues, team selection pressure.
“कोच क्यों रखते हो?” – गैरी कर्स्टन का सवाल (Why hire a coach? – Gary Kirsten’s question)
गैरी कर्स्टन ने सीधे तौर पर बोर्ड की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब आपको मनमानी ही करनी है तो आप कोच रखते ही क्यों हैं?” उन्होंने बताया कि जब टीमें अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही होतीं, तो सबसे आसान उपाय होता है कोच को हटा देना या उस पर प्रतिबंध लगा देना। उनके अनुसार, यह तरीका “प्रतिकूल” (counterproductive) है। उनका कहना था कि जब कोच को अपने हिसाब से काम करने का मौका ही नहीं दिया जाता और हारने पर सारा दोष कोच पर मढ़ दिया जाता है, तो यह “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली बात हो जाती है। यह रवैया कोच के काम करने के तरीके को बाधित करता है और टीम के प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डालता है। Keywords: Cricket coaching challenges, management interference, coach accountability, sports governance in Pakistan.
कार्यकाल और पाकिस्तान क्रिकेट का गिरता स्तर (Tenure and declining Pakistan cricket)
गैरी कर्स्टन ने अप्रैल 2024 में पाकिस्तान टीम का कोच पद संभाला था, लेकिन मात्र छह महीने बाद ही अक्टूबर 2024 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनके कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 2024 वर्ल्ड कप में टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई, जिसमें यूएसए जैसी टीम के खिलाफ हार भी शामिल थी। उनके कार्यकाल में पाकिस्तान ने 8 टी20 मैचों में से केवल 2 में जीत दर्ज की। गैरी कर्स्टन के खुलासे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की उन आंतरिक समस्याओं को उजागर करते हैं, जिन पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर भी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। वे “भाईचारा, रिशेदारी और दोस्ती यारी” के आधार पर टीम चलाने और इसके कारण टीम के “एसोसिएट नेशन” बनते जाने की बात कहते रहे हैं। Keywords: Pakistan cricket performance, ICC World Cup 2024, coaching tenure, sports nepotism.
पाकिस्तान क्रिकेट के लिए चुनौतियां (Challenges for Pakistan cricket)
गैरी कर्स्टन के इस बयान ने पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। अगर पाकिस्तान क्रिकेट को बचाना है और उसे वापस उस आक्रामक क्रिकेट शैली में लौटना है जिसके लिए वह जानी जाती थी, तो बोर्ड को अपने कामकाज के तरीके में बुनियादी बदलाव लाने होंगे। पूर्व क्रिकेटर्स द्वारा उठाई जा रही आवाजों और गैरी कर्स्टन जैसे अनुभवी कोच के खुलासे को गंभीरता से लेना होगा ताकि पाकिस्तान क्रिकेट का “हिसाब किताब ठीक” हो सके और वह “डूबने” से बच सके। Keywords: Future of Pakistan cricket, cricket reforms, sports administration challenges, revival of cricket excellence.
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