Chilla Elevated Road Update: दिल्ली-नोएडा के बीच सफर होगा आसान, जानें कब तक पूरा होगा काम
दिल्ली और नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। लंबे समय से रुके हुए Chilla Elevated Road project के काम में अब तेज़ी आई है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि इस प्रोजेक्ट का लगभग 47% निर्माण कार्य (Construction) पूरा हो चुका है। यह 6-lane वाला एलिवेटेड कॉरिडोर दिल्ली और नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बनाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की ऑफिशियल डेडलाइन दिसंबर 2027 है। लेकिन काम की रफ़्तार को देखते हुए उम्मीद है कि यह जून 2027 तक ही पूरा हो जाएगा। इससे रोजाना ट्रैफिक जाम (Traffic Congestion) से जूझने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
Chilla Elevated Road Project की खास बातें
यह प्रोजेक्ट नोएडा के एंट्री पॉइंट पर लगने वाले जाम को कम करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। नीचे दी गई टेबल में इस प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी दी गई है:
| विवरण (Description) | जानकारी (Details) |
|---|---|
| प्रोजेक्ट का नाम | Chilla Elevated Road |
| लेन की संख्या | 6-Lane |
| कुल लंबाई | लगभग 5.5 किलोमीटर |
| वर्तमान स्थिति | 47% काम पूरा |
| संभावित ओपनिंग डेट | जून 2027 |
| ऑफिशियल डेडलाइन | दिसंबर 2027 |
| अनुमानित लागत (Cost) | 893 करोड़ रुपये |
ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
Chilla Elevated Road बनने से दिल्ली और नोएडा के बीच आने-जाने वाले लोगों को बहुत फायदा होगा। अक्सर नोएडा एंट्री गेट के पास बहुत लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। यह नया कॉरिडोर नोएडा एक्सप्रेसवे (Noida Expressway) पर दबाव कम करेगा। इससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच ट्रैफिक फ्लो स्मूथ हो जाएगा।
यह रूट उन लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होगा जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) की तरफ जाना चाहते हैं। यह मयूर विहार (Mayur Vihar) और महामाया फ्लाईओवर (Mahamaya Flyover) के बीच की दूरी को आसान बना देगा। वर्तमान में इस स्ट्रेच पर सुबह और शाम के समय बहुत भारी जाम रहता है।
कंस्ट्रक्शन का स्टेटस और अगला स्टेप
इस प्रोजेक्ट का काम पिछले साल मार्च में फिर से शुरू हुआ था। अब तक फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए जरूरी सभी 85 पिलर्स (Piers) खड़े कर दिए गए हैं। अब अगला स्टेप पियर कैप्स (Pier Caps) बनाना और कॉरिडोर का सुपरस्ट्रक्चर तैयार करना है।
इसके बाद इंजीनियर्स गर्डर्स (Girders) और प्रीकास्ट सेगमेंट्स लगाएंगे। अंत में डेक स्लैब (Deck Slabs) बिछाई जाएगी, जिस पर गाड़ियां चलेंगी। आखिरी फेज में रोड सरफेसिंग, लाइटिंग, सेफ्टी बैरियर्स और ट्रैफिक इंटीग्रेशन का काम किया जाएगा।
प्रोजेक्ट में देरी और लागत बढ़ने की वजह
Chilla Elevated Road का प्रस्ताव सबसे पहले साल 2012 में रखा गया था। लेकिन कई कारणों से इसमें देरी होती गई। 2020 तक केवल 13% काम ही पूरा हो पाया था। देरी की मुख्य वजहें नीचे दी गई हैं:
- पर्यावरण और प्रशासनिक मंजूरियां (Environmental and Administrative Clearances)
- फंडिंग की समस्या (Funding constraints)
- पाइपलाइन डायवर्जन का काम
- कोविड-19 महामारी के कारण रुकावट
- मटेरियल और पेमेंट को लेकर विवाद
देरी की वजह से प्रोजेक्ट की लागत भी काफी बढ़ गई है। शुरुआत में इसका बजट 605 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 893 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, अब सभी विवाद सुलझ गए हैं और काम पूरी क्वालिटी के साथ आगे बढ़ रहा है।
FAQs
1. Chilla Elevated Road कब तक बनकर तैयार होगा?
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट जून 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
2. इस एलिवेटेड रोड की लंबाई कितनी है?
इस 6-lane एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 5.5 किलोमीटर है।
3. यह रोड किन इलाकों को जोड़ेगी?
यह रोड मुख्य रूप से दिल्ली के मयूर विहार और नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी और नोएडा एक्सप्रेसवे का विकल्प देगी।
4. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
रिवाइज्ड टेंडर के बाद इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 893 करोड़ रुपये है।
Chilla Elevated Road प्रोजेक्ट क्षेत्रीय मोबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।