Income Tax Return: CBDT ने ITR-1 से ITR-4 फॉर्म में किए बड़े बदलाव, जानें नए नियम और Disclosure Rules
Income Tax Department ने Assessment Year (AY) 2026-27 के लिए Income Tax Return (ITR) फाइल करने के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 फॉर्म को रिवाइज किया है। इन नए फॉर्म्स में अब टैक्सपेयर्स को अपनी कमाई और ट्रांजेक्शन की अधिक जानकारी देनी होगी।
यह बदलाव Financial Year 2025-26 के दौरान हुई कमाई पर लागू होंगे। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का मकसद टैक्स फाइलिंग को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। हालांकि, अभी इनकम टैक्स पोर्टल पर इन फॉर्म्स की utilities को इनेबल नहीं किया गया है, इसलिए टैक्सपेयर्स अभी फाइलिंग शुरू नहीं कर सकते हैं।
New ITR Forms में क्या है खास?
नए नियमों के अनुसार, अब टैक्सपेयर्स को Long-Term Capital Gains (LTCG), Buyback losses, Futures and Options (F&O) trading, और Intraday trading की विस्तृत जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, Foreign assets और High-value transactions के लिए भी नए Disclosure requirements जोड़े गए हैं।
Tax2win के CEO और Co-founder, Abhishek Soni के अनुसार, CBDT ने इन फॉर्म्स को रिवाइज किया है ताकि फाइलिंग प्रोसेस को सरल बनाया जा सके और रिपोर्टिंग को बेहतर किया जा सके।
ITR-1 से ITR-4 तक के प्रमुख बदलाव
नीचे दी गई टेबल में आप देख सकते हैं कि किस फॉर्म में क्या बदलाव किए गए हैं और कौन सा फॉर्म किसके लिए है:
| ITR Form | किसके लिए है? (Who Can Apply?) | नए बदलाव (New Changes) |
|---|---|---|
| ITR-1 (Sahaj) | Salaried individuals और pensioners जिनकी इनकम 50 लाख रुपये तक है। इसमें सैलरी, एक या दो घर और अन्य सोर्स से होने वाली इनकम शामिल है। | – अब 2 House properties तक की इनकम रिपोर्ट की जा सकती है। – Section 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक का LTCG रिपोर्ट किया जा सकता है। – Secondary address, mobile number और email ID के लिए नए फील्ड्स जोड़े गए हैं। – Overseas pension account की जानकारी देना अब जरूरी नहीं है। |
| ITR-2 | Individuals और HUFs जिन्हें बिजनेस से इनकम नहीं होती है, लेकिन Capital gains या Foreign assets से कमाई होती है। | – Capital gains की रिपोर्टिंग अब और भी विस्तार से करनी होगी। – Buyback losses के लिए अलग से डिस्क्लोजर देना होगा। – Foreign assets और इनकम की रिपोर्टिंग जारी रहेगी। – Secondary contact और address डिटेल्स जोड़ने का विकल्प मिला है। |
| ITR-3 | Individuals और HUFs जिन्हें बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम होती है (इसमें ट्रेडर्स भी शामिल हैं)। | – F&O, intraday, commodity और currency trading के लिए अलग से जानकारी देनी होगी। – Business और high-value transactions की रिपोर्टिंग को बढ़ाया गया है। – Auditor disclosure की शर्तों को सरल बनाया गया है। – नए secondary address और contact fields जोड़े गए हैं। |
| ITR-4 (Sugam) | छोटे बिजनेस, प्रोफेशनल्स और Presumptive income टैक्सपेयर्स जिनकी इनकम तय सीमा के अंदर है। | – अब 2 House properties से होने वाली इनकम की अनुमति है। – Section 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक का LTCG रिपोर्ट किया जा सकता है। – Bank balance की जानकारी देना अब अनिवार्य कर दिया गया है। – एडिशनल contact और address डिटेल्स के फील्ड्स जोड़े गए हैं। |
इनकम रिपोर्टिंग के नए नियम
नए ITR फॉर्म्स में सरकार ने पारदर्शिता पर बहुत जोर दिया है। New ITR Forms AY 2026-27 में अब आपको अपने बैंक बैलेंस और शेयर बाजार से जुड़ी हर छोटी-बड़ी कमाई का हिसाब देना होगा।
House Property और Capital Gains
पहले ITR-1 और ITR-4 में केवल एक घर से होने वाली इनकम की जानकारी दी जा सकती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2 घर कर दिया गया है। इसके अलावा, Section 112A के तहत मिलने वाली 1.25 लाख रुपये तक की LTCG छूट को भी अब फॉर्म में स्पष्ट रूप से दिखाना होगा।
Trading और Business Income
ITR-3 भरने वाले व्यापारियों और ट्रेडर्स के लिए अब नियम थोड़े सख्त हुए हैं। उन्हें Futures and Options (F&O) और Intraday trading से होने वाले नफे-नुकसान की अलग-अलग जानकारी देनी होगी। इससे टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी।
Contact Details में बदलाव
सभी फॉर्म्स में अब टैक्सपेयर्स को अपना Secondary mobile number और Email ID देने का विकल्प दिया गया है। साथ ही पते की जानकारी के लिए भी नए फील्ड्स जोड़े गए हैं ताकि विभाग जरूरत पड़ने पर आसानी से संपर्क कर सके।
Conclusion
CBDT द्वारा लाए गए New ITR Forms AY 2026-27 टैक्सपेयर्स के लिए अधिक जानकारी साझा करने का जरिया बनेंगे। हालांकि कुछ नियम सरल किए गए हैं, जैसे कि ITR-1 से विदेशी पेंशन की जानकारी हटाना, लेकिन F&O और Capital gains जैसे मामलों में अब अधिक सावधानी बरतनी होगी। Key changes in ITR 1 to ITR 4 for FY 2025-26 को समझना हर टैक्सपेयर के लिए जरूरी है ताकि फाइलिंग के समय कोई गलती न हो। Income Tax Return Filing Changes के बारे में अधिक अपडेट के लिए इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।
FAQs
1. क्या ITR-1 में अब दो घरों की जानकारी दी जा सकती है?
हाँ, नए बदलावों के बाद ITR-1 (Sahaj) और ITR-4 (Sugam) में अब 2 House properties तक की इनकम रिपोर्ट करने की अनुमति दी गई है।
2. Section 112A के तहत LTCG की कितनी सीमा रिपोर्ट की जा सकती है?
टैक्सपेयर्स अब ITR-1 और ITR-4 फॉर्म में Section 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक का Long-term capital gains (LTCG) रिपोर्ट कर सकते हैं।
3. क्या F&O ट्रेडिंग के लिए अलग से जानकारी देनी होगी?
हाँ, ITR-3 फॉर्म में अब F&O, intraday, commodity और currency trading के लिए अलग से डिस्क्लोजर देना अनिवार्य कर दिया गया है।
4. क्या नए ITR फॉर्म अभी फाइल किए जा सकते हैं?
नहीं, हालांकि CBDT ने फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं, लेकिन अभी इनकम टैक्स पोर्टल पर फाइलिंग के लिए utilities शुरू नहीं की गई हैं।