IPO Market Update: 66% IPOs में निवेशकों को हुआ भारी नुकसान, इश्यू प्राइस से नीचे गिरे शेयर
India के IPO Market के लिए FY26 एक बड़ा रियलिटी चेक लेकर आया है। पिछले एक साल में लिस्ट हुए लगभग 66 प्रतिशत IPO अब अपने Issue Price से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब है कि हर तीन में से दो IPO में निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मार्केट की खराब हालत और उतार-चढ़ाव की वजह से Investor Sentiment में यह बड़ा बदलाव आया है।
निवेशकों के पैसे में भारी गिरावट
हालिया डेटा के अनुसार, पिछले एक साल की लिस्टिंग्स में से 66% कंपनियां घाटे में चल रही हैं। लगभग 15 कंपनियां ऐसी हैं जो अपने इश्यू प्राइस से कम से कम 50 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रही हैं। कुछ कंपनियों ने तो निवेशकों की 70 प्रतिशत तक वैल्यू खत्म कर दी है। यह उन दिनों से बिल्कुल अलग है जब IPO लिस्ट होते ही तगड़ा मुनाफा देते थे।
सबसे ज्यादा नुकसान देने वाली कंपनियां
नीचे दी गई टेबल में उन कंपनियों के नाम हैं जिन्होंने निवेशकों को सबसे ज्यादा निराश किया है:
| Company Name | Value Erosion (Loss) |
|---|---|
| Glottis | Up to 70% |
| VMS TMT | Up to 70% |
| Mangal Electrical | Up to 70% |
| Jinkushal Industries | Up to 70% |
| Shree Ram Twistex | Up to 70% |
क्यों गिर रहा है IPO Market?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले 12 से 18 महीनों में Equity Markets पर काफी दबाव रहा है। खासकर Midcap और Smallcap सेगमेंट में बड़ी गिरावट देखी गई है। चूंकि ज्यादातर IPO इसी सेगमेंट से थे, इसलिए उन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अब निवेशक नए IPO में पैसा लगाने से पहले बहुत सावधानी बरत रहे हैं।
मार्केट पर दबाव के मुख्य कारण
- Geopolitical Tensions: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता है।
- Crude Oil and Rupee: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर होता रुपया महंगाई की चिंता बढ़ा रहा है।
- Aggressive Pricing: कई कंपनियों ने अपने IPO की कीमत बहुत ज्यादा (High Valuation) रखी थी, जो गिरते मार्केट में टिक नहीं पाई।
- Low Demand: अब IPO में पहले जैसी भारी ओवर-सब्सक्रिप्शन देखने को नहीं मिल रही है।
Grey Market और डिमांड में कमी
Grey Market Premium (GMP) को अक्सर लिस्टिंग की उम्मीदों का संकेत माना जाता है। हाल के समय में कई IPO के लिए प्रीमियम बहुत कम हो गया है या नेगेटिव हो गया है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग से पहले ही निवेशकों का उत्साह ठंडा पड़ गया है। कुछ IPO तो मुश्किल से ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो पा रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
एनालिस्ट्स का मानना है कि यह मार्केट का पूरी तरह से खत्म होना नहीं है, बल्कि एक Cyclical Correction है।
Khushi Mistry (Bonanza Portfolio): उन्होंने कहा कि निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई है। लोग अब नए IPO में पैसा लगाने के बजाय अपनी पुरानी पोजीशन को संभालने पर ध्यान दे रहे हैं।
Uday Patil (PL Capital Markets): उनके अनुसार, कंपनियां अब मार्केट की स्थिति को देखते हुए अपने IPO लाने में हिचकिचा रही हैं। मार्केट में उतार-चढ़ाव और वैल्यूएशन की चिंता डिमांड को कम कर रही है।
Bhavesh Shah (Equirus Capital): वे थोड़े आशावादी हैं। उनका कहना है कि यह मंदी केवल सेंटीमेंट की वजह से है। जैसे ही मार्केट स्थिर होगा, IPO एक्टिविटी फिर से बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल IPO Market Update यही है कि निवेशकों को बहुत सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। हाई वैल्यूएशन और खराब ग्लोबल संकेतों ने नए शेयरों की चमक कम कर दी है। जब तक मार्केट में स्थिरता नहीं आती, तब तक IPO में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
FAQs
1. कितने प्रतिशत IPO इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं?
लगभग 66 प्रतिशत IPO अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिससे निवेशकों को नुकसान हो रहा है।
2. किन कंपनियों ने निवेशकों का सबसे ज्यादा पैसा डुबोया है?
Glottis, VMS TMT, और Mangal Electrical जैसी कंपनियों ने निवेशकों की वैल्यू में 70% तक की कमी की है।
3. IPO मार्केट में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
ज्यादा कीमत (Aggressive Pricing), मिडकैप में गिरावट, और कच्चा तेल व रुपये की कमजोरी इसके मुख्य कारण हैं।