ED Raids in Punjab: मोहाली में छापेमारी के दौरान 9वीं मंजिल से फेंका गया कैश से भरा बैग, जानें पूरा मामला

ED Raids in Punjab: मोहाली में छापेमारी के दौरान 9वीं मंजिल से फेंका गया कैश से भरा बैग, जानें पूरा मामला

पंजाब और चंडीगढ़ में Enforcement Directorate (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को ED की टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक मामले में कई जगहों पर छापेमारी (Raids) की। यह पूरा मामला बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े एक कथित लैंड फ्रॉड (Land Fraud) से संबंधित है। इस छापेमारी के दौरान मोहाली के खरड़ इलाके में एक बहुत ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है।

9वीं मंजिल से फेंका गया कैश से भरा बैग

जब ED के अधिकारी मोहाली जिले के खरड़ (Kharar) में एक रेजिडेंशियल टावर में छापेमारी करने पहुंचे, तो वहां मौजूद चश्मदीदों ने एक अजीब नजारा देखा। चश्मदीदों के मुताबिक, अधिकारियों के पहुंचते ही बिल्डिंग की 9वीं मंजिल (9th Floor) से एक बैग नीचे फेंका गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।

बताया जा रहा है कि नीचे गिरने के बाद उस बैग को एक सफेद रंग की गाड़ी (White Vehicle) के ड्राइवर ने तुरंत उठाया और वहां से फरार हो गया। सूत्रों के मुताबिक, उस बैग में भारी मात्रा में कैश (Cash) होने का शक है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बैग में लगभग 21 लाख रुपये हो सकते हैं, हालांकि अभी तक अधिकारियों ने इस रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई?

ED की यह जांच मुख्य रूप से बिल्डरों द्वारा किए गए कथित घोटालों पर टिकी है। अधिकारियों ने लगभग एक दर्जन ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें निम्नलिखित प्रोजेक्ट्स और कंपनियां शामिल हैं:

  • Suntec City (सनटेक सिटी)
  • ABS Townships (एबीएस टाउनशिप)
  • Altus Builders (आल्टस बिल्डर्स)
  • Dhir Constructions (धीर कंस्ट्रक्शंस)
  • और इनसे जुड़ी अन्य संस्थाएं

क्या है पूरा मामला और आरोप?

ED के अधिकारियों के अनुसार, यह जांच Greater Mohali Area Development Authority (GMADA) से ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (CLU) परमिशन प्राप्त करने में हुई अनियमितताओं पर केंद्रित है। आरोप है कि इन कंपनियों ने गलत तरीके से परमिशन ली और निवेशकों (Investors) से बड़ी रकम इकट्ठा की। इन आरोपियों पर खरीदारों को ठगने और करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का संदेह है।

नितिन गोहल और राजनीतिक कनेक्शन

इस मामले में नितिन गोहल (Nitin Gohal) नाम का व्यक्ति भी जांच के घेरे में है। अधिकारियों का आरोप है कि उसने बिल्डरों को GMADA का बकाया चुकाने में डिफॉल्ट करने में मदद की। इसके अलावा, उस पर बिल्डरों के लिए “राजनीतिक सुरक्षा” (Political Protection) का इंतजाम करने का भी आरोप है। नितिन गोहल के संबंध पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी (OSD) राजबीर घुम्मन (Rajbir Ghuman) से भी बताए जा रहे हैं।

विपक्ष का हमला

इस छापेमारी के बाद पंजाब में सियासत भी गरमा गई है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा (Partap Singh Bajwa) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक केंद्रीय एजेंसी पंजाब के मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर खरड़ में छापेमारी कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इससे वास्तविक न्याय होगा या फिर राजनीतिक ‘वाशिंग मशीन’ (Washing Machine) अपना काम शुरू कर देगी।

मामले से जुड़ी मुख्य बातें

विवरण जानकारी
छापेमारी की जगह पंजाब (खरड़, मोहाली) और चंडीगढ़
मुख्य आरोप मनी लॉन्ड्रिंग और लैंड फ्रॉड
संबंधित विभाग GMADA (Greater Mohali Area Development Authority)
संदेहास्पद कैश लगभग 21 लाख रुपये (बैग में)
जांच के घेरे में व्यक्ति नितिन गोहल

ED की टीम अभी भी इस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि फंड के डायवर्जन और भ्रष्टाचार की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।

FAQs

ED ने पंजाब में छापेमारी क्यों की?

ED ने यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग और लैंड फ्रॉड से जुड़े एक मामले में की है, जिसमें बिल्डरों पर निवेशकों को ठगने और नियमों के उल्लंघन का आरोप है।

9वीं मंजिल से फेंके गए बैग में क्या था?

चश्मदीदों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस बैग में लगभग 21 लाख रुपये कैश होने का अनुमान है, जिसे एक ड्राइवर सफेद गाड़ी में लेकर भाग गया।

इस मामले में किन बिल्डरों के नाम सामने आए हैं?

इसमें सनटेक सिटी, एबीएस टाउनशिप, आल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शंस जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं।

नितिन गोहल कौन है?

नितिन गोहल एक व्यक्ति है जो ED की जांच के दायरे में है। उस पर बिल्डरों की मदद करने और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिलाने का आरोप है।

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