शिक्षा मंत्रालय पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से PM SHRI Scheme लागू करने को कहेगा
भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) जल्द ही पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की सरकारों को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजने वाला है। इस पत्र के जरिए केंद्र सरकार इन दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) से PM SHRI (Pradhan Mantri Schools for Rising India) योजना को लागू करने के लिए कहेगी। मंत्रालय चाहता है कि ये राज्य जल्द से जल्द Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर करें ताकि सरकारी स्कूलों में इस योजना को शुरू किया जा सके।
NEP 2020 और PM SHRI योजना का लक्ष्य
PM SHRI योजना को केंद्र सरकार ने देश भर के 14,500 से अधिक स्कूलों को विकसित करने के लिए लॉन्च किया था। इन स्कूलों को मॉडल स्कूल (Model Schools) के रूप में तैयार किया जाएगा। यह पूरी योजना National Education Policy (NEP) 2020 के विजन पर आधारित है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद केंद्र सरकार को उम्मीद है कि अब इन राज्यों में शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को लागू करना आसान होगा।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की स्थिति
इससे पहले पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और तमिलनाडु में DMK की सरकारों ने इस योजना में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ जरूरी MoU साइन नहीं किया था। अब मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि वे आज या कल में इन राज्यों को पत्र भेजेंगे।
पश्चिम बंगाल के मामले में मंत्रालय ULLAS (Understanding Lifelong Learning for All in Society) योजना को भी लागू करने के लिए कहेगा। ULLAS योजना का मुख्य उद्देश्य एडल्ट लिटरेसी (Adult Literacy) और जीवन भर सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।
राज्यों में राजनीतिक बदलाव और उम्मीदें
शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को लगता है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की चुनावी जीत के बाद PM SHRI योजना को लागू करना आसान हो सकता है। वहीं, तमिलनाडु में स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है क्योंकि वहां अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने जीत हासिल की है।
केरल और अन्य राज्यों का मामला
केरल ने 23 अक्टूबर 2025 को केंद्र सरकार के साथ PM SHRI योजना के लिए MoU साइन किया था। हालांकि, बाद में राज्य सरकार ने इस समझौते को रोक (Hold) दिया था। अब केंद्र सरकार केरल में भी इस समझौते को फिर से शुरू करने के लिए दबाव डालेगी।
फंडिंग को लेकर विवाद
PM SHRI योजना को लेकर केंद्र और कुछ विपक्षी राज्यों के बीच विवाद भी रहा है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों के Samagra Shiksha फंड को रोक दिया था। केंद्र का कहना था कि इन फंड्स को पाने के लिए राज्यों को PM SHRI योजना के लिए MoU साइन करना अनिवार्य है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार शिक्षा अनुदान (Education Grants) को अपनी योजनाओं और NEP को जबरन थोपने के लिए इस्तेमाल कर रही है।
PM SHRI योजना की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | PM SHRI (Pradhan Mantri Schools for Rising India) |
| कुल स्कूलों का लक्ष्य | 14,500 से अधिक |
| मुख्य उद्देश्य | NEP 2020 के तहत मॉडल स्कूल विकसित करना |
| अन्य संबंधित योजना | ULLAS (Adult Literacy के लिए) |
| केरल MoU की तारीख | 23 अक्टूबर 2025 |
निष्कर्ष
शिक्षा मंत्रालय अब सक्रिय रूप से राज्यों के साथ संपर्क कर रहा है ताकि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को भेजे जाने वाले पत्रों से यह साफ हो जाएगा कि आने वाले समय में इन राज्यों के सरकारी स्कूलों में PM SHRI योजना के तहत विकास कार्य शुरू होंगे या नहीं।
FAQs
PM SHRI योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसके तहत देश के 14,500 से अधिक स्कूलों को आधुनिक और मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय किन राज्यों को पत्र लिख रहा है?
शिक्षा मंत्रालय मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मुख्य सचिवों को पत्र लिख रहा है।
ULLAS योजना का उद्देश्य क्या है?
ULLAS योजना का उद्देश्य समाज में एडल्ट लिटरेसी (प्रौढ़ शिक्षा) और जीवन भर सीखने की आदत को बढ़ावा देना है।
राज्यों का फंड क्यों रोका गया था?
केंद्र सरकार ने उन राज्यों का Samagra Shiksha फंड रोका था जिन्होंने PM SHRI योजना को लागू करने के लिए MoU साइन नहीं किया था।