IAS Rinkoo Singh Rahee: 16 बार UPSC परीक्षा और शरीर में 7 गोलियां, अब जालौन के जॉइंट मजिस्ट्रेट बने

IAS Rinkoo Singh Rahee: 16 बार UPSC परीक्षा और शरीर में 7 गोलियां, अब जालौन के जॉइंट मजिस्ट्रेट बने

उत्तर प्रदेश कैडर के 2023-बैच के IAS ऑफिसर रिंकू सिंह राही (Rinkoo Singh Rahee) एक बार फिर चर्चा में हैं। सरकार के साथ लंबे विवाद और अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद, अब उन्हें जालौन (Jalaun) का जॉइंट मजिस्ट्रेट (Joint Magistrate) नियुक्त किया गया है। रिंकू सिंह राही की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जानलेवा हमला झेला और सिस्टम से टकराकर अपनी जगह बनाई।

16 कोशिशों के बाद पूरा हुआ IAS बनने का सपना

रिंकू सिंह राही का सफर बहुत लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने साल 2004 में एक PCS ऑफिसर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। लेकिन उनका सपना IAS बनने का था। उन्होंने हार नहीं मानी और कुल 16 बार UPSC की परीक्षा दी। आखिरकार 2023 में वह IAS ऑफिसर बनने में सफल रहे।

साल UPSC रैंक इंटरव्यू मार्क्स परिणाम
2021 683 110 कोई सर्विस अलॉट नहीं हुई
2022 921 105 IAS ऑफिसर बने

हैरानी की बात यह है कि रिंकू सिंह राही को दोनों बार UPSC इंटरव्यू में बहुत कम नंबर मिले, लेकिन उनकी मेन्स (Mains) परीक्षा की तैयारी इतनी मजबूत थी कि वह सफल हो गए।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग और माफिया का हमला

रिंकू सिंह राही की ईमानदारी का किस्सा साल 2009 से शुरू होता है। उस समय वह मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी (District Social Welfare Officer) के पद पर तैनात थे। वहां उन्होंने छात्रवृत्ति (Scholarship) और पेंशन योजनाओं में हो रहे करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था।

इस कार्रवाई से नाराज माफियाओं ने उन पर जानलेवा हमला किया और उन्हें 7 गोलियां मारीं। दो गोलियां उनके चेहरे पर लगी थीं, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी चली गई और जबड़ा पूरी तरह खराब हो गया। कई महीनों तक अस्पताल में रहने और कई सर्जरी के बाद वह ठीक हुए, लेकिन उनके चेहरे पर आज भी उस हमले के निशान हैं।

“No Work, No Pay” और इस्तीफे का विवाद

IAS ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, साल 2025 में उन्हें शाहजहांपुर के पुवायां (Puwaiyan) में SDM के पद पर तैनात किया गया था। वहां एक विवाद के बाद उन्हें लखनऊ राजस्व परिषद (Lucknow Revenue Council) से संबद्ध कर दिया गया। रिंकू सिंह राही वहां बिना काम के खाली बैठने से परेशान थे।

26 मार्च 2026 को उन्होंने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने “No work, no pay” का नारा दिया और कहा कि बिना काम के सैलरी लेना एक ईमानदार ऑफिसर के लिए सजा की तरह है। उन्होंने यह भी मांग की थी कि अगर उन्हें काम नहीं दिया जा सकता, तो उन्हें वापस PCS कैडर में “समाज कल्याण अधिकारी” बना दिया जाए ताकि वह जनता की सेवा कर सकें।

जालौन में मिली नई जिम्मेदारी

रिंकू सिंह राही के इस्तीफे की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इसके बाद सरकार ने उनके अनुभव और ईमानदारी को देखते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी देने का फैसला किया। उत्तर प्रदेश में कल रात कुल 38 IAS अधिकारियों के तबादले (Transfer) किए गए, जिनमें रिंकू सिंह राही का नाम भी शामिल है। अब वह जालौन के जॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी दूसरी पारी शुरू करेंगे।

शाहजहांपुर का वो चर्चित किस्सा

जब वह शाहजहांपुर में SDM थे, तब एक अनोखी घटना हुई थी। गंदगी फैलाने पर उन्होंने एक क्लर्क को सजा के तौर पर उठक-बैठक कराई थी। इस पर वकीलों ने हंगामा कर दिया। रिंकू सिंह राही पीछे हटने के बजाय खुद वकीलों के बीच गए और कान पकड़कर उठक-बैठक करने लगे। उन्होंने यह संदेश दिया कि नियम और सजा सबके लिए बराबर है।

FAQs

1. रिंकू सिंह राही किस बैच के IAS अधिकारी हैं?

रिंकू सिंह राही उत्तर प्रदेश कैडर के 2023-बैच के IAS अधिकारी हैं।

2. रिंकू सिंह राही पर हमला कब और क्यों हुआ था?

साल 2009 में मुजफ्फरनगर में करोड़ों रुपये के स्कॉलरशिप घोटाले का खुलासा करने पर माफियाओं ने उन पर हमला किया था और उन्हें 7 गोलियां मारी थीं।

3. रिंकू सिंह राही ने इस्तीफा क्यों दिया था?

उन्होंने 26 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था क्योंकि उन्हें लखनऊ राजस्व परिषद में बिना किसी काम के रखा गया था। उनका कहना था कि वह बिना काम किए सैलरी नहीं लेना चाहते।

4. अब रिंकू सिंह राही की पोस्टिंग कहां हुई है?

रिंकू सिंह राही को अब उत्तर प्रदेश के जालौन (Jalaun) जिले में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्त किया गया है।

Leave a Comment