IIIT M.Tech Course Update: AI, ML और Robotics जैसे नए कोर्सेज होंगे शुरू, जानें पूरी जानकारी

IIIT M.Tech Course Update: AI, ML और Robotics जैसे नए कोर्सेज होंगे शुरू, जानें पूरी जानकारी

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ने अपने एमटेक (M.Tech) कोर्सेज में एक बहुत बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। तेजी से बदलती दुनिया और इंडस्ट्री की नई जरूरतों को पूरा करने के लिए संस्थान ने अपने पुराने शैक्षणिक ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है। अब छात्रों को केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रहना होगा। उन्हें भविष्य की एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और रोबोटिक्स में विशेषज्ञता (Specialization) हासिल करने का मौका मिलेगा।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगे नए बदलाव

संस्थान की सीनेट (Senate) ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह नया और आधुनिक कोर्स स्ट्रक्चर आगामी शैक्षणिक सत्र (Academic Session) 2026-27 से प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा। इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री की मांग के अनुसार पूरी तरह से कुशल (Skilled) बनाना है।

12 में से 10 कोर्सेज का बदला स्वरूप

ट्रिपलआईटी (IIIT) में वर्तमान में कुल 12 पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इनमें से 10 एमटेक कोर्सेज के नाम और उनके सिलेबस (Syllabus) में बड़ा बदलाव किया गया है। संस्थान का मानना है कि इन कोर्सेज को नेशनल और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से बनाना बहुत जरूरी था। इससे यहां के छात्र दुनिया के किसी भी कोने में अपनी योग्यता साबित कर सकेंगे।

ये प्रोग्राम मुख्य रूप से तीन विभागों के तहत चलाए जाते हैं:

  • आईटी विभाग (IT Department)
  • ईसीई विभाग (ECE Department)
  • एप्लाइड साइंसेज (Applied Sciences)

विभागों के अनुसार नए कोर्सेज की लिस्ट

संस्थान ने अलग-अलग विभागों में आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता दी है। नीचे दी गई टेबल में आप देख सकते हैं कि किस विभाग में कौन से नए स्पेशलाइजेशन शुरू किए गए हैं:

विभाग (Department) नए कोर्स और स्पेशलाइजेशन (New Courses/Specializations)
ईसीई विभाग (ECE) कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (Communication Engineering)
ईसीई विभाग (ECE) कम्युनिकेशन एंड सिग्नल प्रोसेसिंग (Communication and Signal Processing)
ईसीई विभाग (ECE) माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एंड वीएलएसआई (Microelectronics and VLSI)
आईटी विभाग (IT) एआई एंड मशीन लर्निंग (AI and Machine Learning)
आईटी विभाग (IT) रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Robotics and Artificial Intelligence)
आईटी विभाग (IT) ह्यूमन-मशीन इंटरैक्शन एंड इमर्सिव टेक्नोलॉजीज (Human-Machine Interaction and Immersive Technologies)
आईटी विभाग (IT) सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एंड ऑटोमेशन (Software Engineering and Automation)
आईटी विभाग (IT) नेटवर्क्स, सिस्टम्स एंड कंप्यूटिंग (Networks, Systems and Computing)

छात्रों और करियर पर इसका प्रभाव

इस बड़े बदलाव का सबसे बड़ा फायदा छात्रों को मिलेगा। अब उन्हें पुराने सिलेबस के बजाय वह पढ़ाया जाएगा जिसकी मांग आज की बड़ी कंपनियां कर रही हैं। ‘इमर्सिव टेक्नोलॉजीज’ और ‘ऑटोमेशन’ जैसे विषय छात्रों को भविष्य की हाई-पेइंग नौकरियों के लिए तैयार करेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन नए कोर्सेज के माध्यम से छात्रों को प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस (Practical Experience) ज्यादा मिलेगा। इससे वे अपनी पढ़ाई पूरी करते ही सीधे बड़ी कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने के काबिल हो जाएंगे। यह कदम न केवल संस्थान के प्लेसमेंट रिकॉर्ड को बेहतर बनाएगा, बल्कि भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ग्लोबल पावर बनाने में भी मदद करेगा।

FAQs

1. IIIT में नए एमटेक कोर्सेज कब से शुरू होंगे?

ये नए कोर्सेज और सिलेबस बदलाव आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किए जाएंगे।

2. कितने एमटेक कोर्सेज के नाम और सिलेबस बदले गए हैं?

संस्थान के कुल 12 पीजी प्रोग्रामों में से 10 एमटेक कोर्सेज के नाम और स्वरूप में बदलाव किया गया है।

3. आईटी विभाग में कौन से मुख्य नए विषय शामिल किए गए हैं?

आईटी विभाग में एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग ऑटोमेशन और इमर्सिव टेक्नोलॉजीज जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं।

4. ईसीई विभाग में किन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है?

ईसीई विभाग में सेमीकंडक्टर और संचार उद्योग की मांग को देखते हुए माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, वीएलएसआई और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग पर ध्यान दिया गया है।

संस्थान का यह निर्णय शिक्षा जगत में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

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