भारत और वियतनाम के बीच बड़ी डील: 2030 तक 25 बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य और 13 समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और वियतनाम के बीच बड़ी डील: 2030 तक 25 बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य और 13 समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और वियतनाम ने अपने रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। बुधवार, 6 मई 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम (To Lam) के बीच एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इस मीटिंग में दोनों देशों ने अपने संबंधों को “Enhanced Comprehensive Strategic Partnership” में बदलने का फैसला किया है। राष्ट्रपति टो लैम भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा (State Visit) पर आए हुए हैं।

इस मुलाकात का सबसे बड़ा उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा को मजबूत करना है। India Vietnam Strategic Partnership के तहत दोनों देशों ने साल 2030 तक आपसी व्यापार को 25 बिलियन डॉलर तक ले जाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है।

व्यापार और समझौतों की पूरी जानकारी

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति टो लैम की मौजूदगी में कुल 13 महत्वपूर्ण समझौतों (Agreements) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते अलग-अलग क्षेत्रों जैसे टेक्नोलॉजी, व्यापार और सुरक्षा से जुड़े हैं। वर्तमान में भारत और वियतनाम के बीच व्यापार लगभग 16.46 बिलियन डॉलर (वित्तीय वर्ष 2025-26) है, जिसे अब तेजी से बढ़ाने की योजना है।

मुख्य बिंदु विवरण
नया व्यापार लक्ष्य (2030 तक) 25 बिलियन डॉलर
वर्तमान व्यापार (2025-26) 16.46 बिलियन डॉलर
कुल समझौतों की संख्या 13 समझौते
मीटिंग की जगह हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली
मुख्य नेता पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति टो लैम

डिजिटल पेमेंट और टेक्नोलॉजी में सहयोग

इस PM Modi President To Lam Meeting में एक बहुत बड़ा फैसला डिजिटल पेमेंट को लेकर लिया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है। इसके तहत अब दोनों देशों के बीच QR कोड के जरिए डिजिटल पेमेंट करना आसान हो जाएगा। इससे पर्यटकों और छोटे व्यापारियों (MSMEs) को बहुत फायदा होगा।

इसके अलावा, दोनों देशों ने “Rare Earth Minerals” यानी दुर्लभ खनिजों को लेकर भी हाथ मिलाया है। यह समझौता सेमीकंडक्टर (Semiconductors) और इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) की मैन्युफैक्चरिंग के लिए बहुत जरूरी है। इससे सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा

भारत और वियतनाम ने रक्षा (Defence) के क्षेत्र में भी अपने सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों नेताओं ने एक “Free and Open Indo-Pacific” विजन पर जोर दिया। इसका मतलब है कि समुद्री रास्तों पर सभी का समान अधिकार हो और शांति बनी रहे।

रक्षा क्षेत्र में सहयोग के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • रक्षा उपकरणों की खरीद और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना।
  • समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) में आपसी सहयोग बढ़ाना।
  • स्पेस टेक्नोलॉजी (Space Technology) और 6G टेलीकम्युनिकेशन में मिलकर काम करना।
  • परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) का शांतिपूर्ण उपयोग करना।

निष्कर्ष

भारत की “Act East” पॉलिसी के लिए वियतनाम एक बहुत ही महत्वपूर्ण साथी है। इस नई पार्टनरशिप से न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि एशिया में सुरक्षा का संतुलन भी बना रहेगा। India Vietnam trade target 25 billion dollars 2030 को पूरा करने के लिए दोनों देश अब संस्कृति, कनेक्टिविटी और क्षमता निर्माण पर मिलकर काम करेंगे। यह समझौता आने वाले समय में भारत और वियतनाम के रिश्तों को एक नई दिशा देगा।

FAQs

1. भारत और वियतनाम ने 2030 तक कितना व्यापार लक्ष्य रखा है?

भारत और वियतनाम ने साल 2030 तक आपसी व्यापार को 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

2. पीएम मोदी और राष्ट्रपति टो लैम के बीच कितने समझौतों पर हस्ताक्षर हुए?

दोनों नेताओं की मीटिंग के दौरान कुल 13 महत्वपूर्ण समझौतों (Agreements) पर हस्ताक्षर किए गए।

3. डिजिटल पेमेंट को लेकर क्या समझौता हुआ है?

RBI और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच समझौता हुआ है, जिससे अब QR कोड के जरिए दोनों देशों के बीच आसानी से डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा।

4. रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों का क्या प्लान है?

दोनों देश रक्षा मैन्युफैक्चरिंग, समुद्री सुरक्षा और आधुनिक रक्षा उपकरणों की खरीद में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।

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