Mahanati Savitri: South Cinema की वो सुपरस्टार जो अर्श से फर्श पर आ गई, कोमा में हुई मौत
साउथ सिनेमा के इतिहास में सावित्री (Savitri) एक ऐसा नाम है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्हें ‘महानटी’ (Mahanati) यानी ‘महान अभिनेत्री’ कहा जाता था। एक समय वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री की सबसे महंगी एक्ट्रेस (Highest-paid actress) थीं और उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। लेकिन इतनी शोहरत के बाद भी उनकी निजी जिंदगी और आखिरी दिन बहुत दर्दनाक रहे।
बचपन से सुपरस्टार बनने तक का सफर
सावित्री का जन्म आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके चलने से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था। जब वह मात्र 12 साल की थीं, तब वह अपने चाचा की महत्वाकांक्षा के कारण मद्रास (अब चेन्नई) आ गईं। उनके पास उस समय कुछ नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई।
1950 के दशक तक वह साउथ सिनेमा की सबसे बड़ी स्टार बन चुकी थीं। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और मलयालम सहित 5 भाषाओं में काम किया। 1952 में फिल्म ‘Pelli Chesi Choodu’ से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला। इसके बाद ‘Devadasu’ जैसी फिल्मों ने उन्हें रातों-रात क्वीन बना दिया। 1957 में आई ‘Mayabazar’ को आज भी तेलुगु सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्म माना जाता है।
Gemini Ganesan से शादी और निजी जीवन का संघर्ष
1953 में एक फिल्म के सेट पर उनकी मुलाकात जेमिनी गणेशन (Gemini Ganesan) से हुई। जेमिनी बहुत आकर्षक थे लेकिन वह पहले से ही शादीशुदा थे। उनकी पहली पत्नी अलमेलु से उनकी चार बेटियां थीं। इतना ही नहीं, वह एक्ट्रेस पुष्पवल्ली के साथ भी रिश्ते में थे और उनके दो बच्चे थे।
सावित्री के चाचा ने उन्हें इस शादी के लिए बहुत मना किया, लेकिन सावित्री ने 1952 में गुप्त रूप से जेमिनी से शादी कर ली। दुनिया को इस शादी का पता 1956 में चला जब उन्होंने एक फोटो पर ‘सावित्री गणेश’ (Savitri Ganesh) के रूप में साइन किए।
करियर की ऊंचाई और फिर पतन की शुरुआत
1950 और 60 के दशक में सावित्री का कोई मुकाबला नहीं था। उन्हें ‘राष्ट्रपति पुरस्कार’ (Rashtrapati Award) से भी नवाजा गया। लेकिन जेमिनी गणेशन के अन्य महिलाओं के साथ अफेयर कभी खत्म नहीं हुए। जेमिनी खुद को ‘कैसानोवा’ (Casanova) कहते थे।
1960 के दशक के अंत में सावित्री की फिल्में फ्लॉप होने लगीं। उन्होंने जिन फिल्मों को डायरेक्ट और फाइनेंस किया था, वे भी डूब गईं। 1970 के दशक में टैक्स अधिकारियों ने उनकी सारी संपत्ति जब्त कर ली। जो एक्ट्रेस करोड़ों कमाती थी, वह अब एक दो कमरों के किराए के मकान में रहने को मजबूर हो गई। इस दुख को भुलाने के लिए उन्होंने शराब (Alcohol) का सहारा लिया, जिसने उनकी सेहत बिगाड़ दी।
सावित्री के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल फिल्में | 250 (5 भाषाओं में) |
| बड़ा ब्रेक | Pelli Chesi Choodu (1952) |
| सबसे प्रसिद्ध फिल्म | Mayabazar (1957) |
| पति का नाम | Gemini Ganesan |
| पुरस्कार | Rashtrapati Award |
| निधन की तारीख | 26 दिसंबर 1981 |
| मौत के समय उम्र | 40 के दशक में (47 वर्ष) |
19 महीने कोमा में रहने के बाद मौत
मई 1980 में सावित्री अचानक गिर गईं और बेहोश हो गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां वह कोमा (Coma) में चली गईं। वह पूरे 19 महीने तक कोमा में रहीं। इस दौरान उनके अलग हो चुके पति जेमिनी गणेशन उनके पास लौटे और उनके मेडिकल खर्चों का भुगतान किया।
बाद में उन्हें घर ले जाया गया जहां रिश्तेदारों ने उनकी देखभाल की। अंततः 26 दिसंबर 1981 को उनका निधन हो गया। जिस अभिनेत्री को कभी ‘महानटी’ कहा जाता था, उसने अपने आखिरी दिनों में गुजारे के लिए छोटी-छोटी भूमिकाएं कीं और गुमनामी में दुनिया छोड़ दी।
FAQs
सावित्री को ‘महानटी’ क्यों कहा जाता था?
सावित्री को उनकी बेहतरीन एक्टिंग स्किल्स और 250 फिल्मों में शानदार काम की वजह से ‘महानटी’ (The Great Actress) की उपाधि दी गई थी।
सावित्री की आर्थिक स्थिति खराब क्यों हुई?
फिल्मों के फ्लॉप होने, गलत बिजनेस फैसलों और टैक्स अधिकारियों द्वारा संपत्ति जब्त किए जाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी।
सावित्री की मृत्यु कैसे हुई?
सावित्री शराब की लत और खराब स्वास्थ्य के कारण 19 महीने तक कोमा में रहीं और 26 दिसंबर 1981 को उनका निधन हो गया।