Mamata Banerjee TMC Meeting: 9-10 MLAs Absent After Bengal Election Loss
West Bengal Assembly elections के नतीजों के बाद Trinamool Congress (TMC) के अंदर काफी हलचल मची हुई है। चुनाव में हार के बाद पार्टी की पहली बड़ी strategy meeting में करीब 9 से 10 विधायक (MLAs) शामिल नहीं हुए। इससे पार्टी के अंदर फूट और मतभेद की खबरें तेज हो गई हैं।
यह महत्वपूर्ण बैठक कोलकाता में Mamata Banerjee के घर पर हुई थी। इस बैठक में पार्टी की हार के बाद आगे की रणनीति और Leader of the Opposition के चुनाव पर चर्चा होनी थी। लेकिन कई विधायकों के न आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या TMC में कोई बड़ी टूट होने वाली है।
बैठक में कौन आया और कौन नहीं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC के कुल 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से केवल 70 विधायक ही इस high-stakes meeting में पहुंचे। करीब 10 विधायक इस बैठक से गायब रहे। हालांकि, पार्टी ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि जो विधायक नहीं आए, उन्होंने पहले ही जानकारी दे दी थी।
| विवरण | संख्या/नाम |
|---|---|
| कुल नवनिर्वाचित विधायक | 80 |
| बैठक में शामिल विधायक | 70 |
| अनुपस्थित विधायक | 9 से 10 |
| अनुपस्थित रहने का कारण (Sagardighi MLA) | Family medical emergency |
| अनुपस्थित रहने का कारण (Kajal SK, Birbhum MLA) | जिले में हिंसा प्रभावित परिवारों की मदद करना |
TMC के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि North Bengal के कुछ विधायकों को खुद पार्टी ने ही आने से मना किया था। पार्टी ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि विधायकों के बीच कोई नाराजगी है।
पार्टी के अंदर से उठने लगी विरोध की आवाज
भले ही पार्टी नेतृत्व सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है, लेकिन चुनाव परिणाम के 48 घंटों के भीतर ही कई बड़े नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। पूर्व मंत्री और क्रिकेटर Manoj Tewari ने पूर्व मंत्री Aroop Biswas पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
Manoj Tewari ने एक वीडियो मैसेज में कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार था और लोगों ने उसे सही सबक सिखाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके द्वारा प्रस्तावित athletic hub प्रोजेक्ट को जानबूझकर रोका गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खेल विभाग में अपमानित किया गया और Mamata Banerjee ने भी उनकी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया।
नेताओं ने पार्टी मैनेजमेंट पर उठाए सवाल
सिर्फ मनोज तिवारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य नेताओं ने भी अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:
- Riju Dutta: TMC प्रवक्ता रिजु दत्ता ने आरोप लगाया कि जब चुनाव के बाद उनके घर पर हमला हुआ, तो उनकी पार्टी के किसी नेता ने मदद नहीं की। उन्हें BJP नेताओं से मदद मिली।
- Dev (Actor-MP): सांसद देव ने BJP को जीत की बधाई दी और फिल्म इंडस्ट्री में एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने Ghatal Master Plan के लिए सहयोग मांगा।
- Ratna Chatterjee: बेहाला पश्चिम से चुनाव हारने वाली रत्ना चटर्जी ने कहा कि वह मुश्किल समय में पार्टी नेतृत्व से संपर्क नहीं कर पा रही थीं।
- Abhishek Banerjee पर सवाल: कृष्णेंदु नारायण चौधरी और कोलकाता के डिप्टी मेयर अतीन घोष जैसे नेताओं ने अभिषेक बनर्जी के काम करने के तरीके को हार की वजह बताया।
ममता बनर्जी लेंगी अंतिम फैसला
बैठक के बाद TMC प्रवक्ता और बेलियाघाटा विधायक Kunal Ghosh ने कहा कि भविष्य की सभी जिम्मेदारियों का फैसला केवल ममता बनर्जी ही लेंगी। उन्होंने कहा कि “दीदी” जो भी फैसला करेंगी, वह सबको मान्य होगा।
कुणाल घोष ने चुनाव नतीजों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि BJP की जीत सही तरीके से नहीं हुई है और इसमें गड़बड़ी की गई है। उन्होंने Election Commission पर भी पक्षपात करने का आरोप लगाया।
TMC की आधिकारिक प्रतिक्रिया
पार्टी के अंदर बढ़ते विवाद को देखते हुए Trinamool Congress ने एक बयान जारी किया है। पार्टी ने कहा कि नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर दिए जा रहे बयान उनके निजी विचार हैं। इसे पार्टी का आधिकारिक स्टैंड नहीं माना जाना चाहिए।
चुनाव में हार, विधायकों की अनुपस्थिति और वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी ने ममता बनर्जी के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना यह है कि पार्टी इस अंदरूनी कलह से कैसे निपटती है।
FAQs
Mamata Banerjee की बैठक में कितने विधायक शामिल नहीं हुए?
पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक में करीब 9 से 10 नवनिर्वाचित विधायक शामिल नहीं हुए थे।
Manoj Tewari ने क्या आरोप लगाए हैं?
मनोज तिवारी ने पूर्व मंत्री अरूप विश्वास पर काम रोकने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने खुद को अपमानित किए जाने की बात भी कही है।
TMC ने विधायकों की अनुपस्थिति पर क्या सफाई दी?
TMC ने कहा कि अनुपस्थित विधायकों ने पहले ही जानकारी दे दी थी। कुछ को मेडिकल इमरजेंसी थी और कुछ को हिंसा प्रभावित इलाकों में रहने के निर्देश दिए गए थे।