Vimi Hamraaz Actress Tragic Life Story: 34 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गई थीं एक्ट्रेस विमी, ठेले पर गई थी अर्थी

Vimi Hamraaz Actress Tragic Life Story: 34 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गई थीं एक्ट्रेस विमी, ठेले पर गई थी अर्थी

बॉलीवुड की दुनिया बाहर से जितनी चमक-धमक वाली दिखती है, अंदर से कभी-कभी उतनी ही अंधेरी होती है। 1960 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस विमी (Vimi) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। फिल्म ‘Hamraaz’ से रातों-रात स्टार बनने वाली विमी ने अपने जीवन में बहुत शोहरत देखी, लेकिन उनका अंत बहुत ही दर्दनाक और गरीबी में हुआ। मात्र 34 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

विमी का शुरुआती जीवन और बॉलीवुड में एंट्री

विमी का जन्म साल 1943 में जालंधर के एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था। उनका असली नाम विमलेश कौर वधवान (Vimlesh Kaur Wadhwan) था। बॉलीवुड में आने से पहले ही उनकी शादी एक बड़े बिजनेसमैन के बेटे शिव अग्रवाल (Shiv Agarwal) से हो चुकी थी और उनके दो बच्चे भी थे।

विमी की किस्मत तब बदली जब वह कोलकाता (तब कलकत्ता) में एक पार्टी में गई थीं। वहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर रवि (Ravi) से हुई। रवि ने उन्हें और उनके पति को मुंबई आने का न्योता दिया। मुंबई में रवि ने उन्हें मशहूर फिल्म मेकर बी.आर. चोपड़ा (B.R. Chopra) से मिलवाया। चोपड़ा साहब विमी की खूबसूरती से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत उन्हें फिल्म ‘Hamraaz’ ऑफर कर दी। इस तरह एक हाउसवाइफ सीधे बॉलीवुड की हीरोइन बन गई।

स्टारडम और करियर का शिखर

साल 1967 में फिल्म ‘Hamraaz’ रिलीज हुई और यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में विमी के साथ सुनील दत्त (Sunil Dutt) और राज कुमार (Raaj Kumar) मुख्य भूमिका में थे। विमी रातों-रात एक बड़ी स्टार बन गईं। उस दौर में वह एक फिल्म के लिए 3 लाख रुपये फीस लेती थीं, जो उस समय के हिसाब से बहुत बड़ी रकम थी। उन्होंने शशि कपूर जैसे बड़े एक्टर्स के साथ भी काम किया।

पारिवारिक मुश्किलें और करियर में गिरावट

विमी के फिल्मी करियर की वजह से उनके पति शिव अग्रवाल को उनके परिवार ने जायदाद से बेदखल कर दिया था। इसके बाद घर की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी विमी के कंधों पर आ गई। हालांकि, ‘Hamraaz’ के बाद उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार फ्लॉप होने लगीं। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलना बंद हो गया और उनकी सारी जमा-पूंजी खत्म हो गई।

उनकी निजी जिंदगी भी बहुत दुखद थी। उनकी मौत के बाद सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पति उनके साथ मारपीट और शारीरिक शोषण (Physical Abuse) करते थे। साल 1970 के शुरुआती दशक में उनका तलाक हो गया। विमी ने कोलकाता में टेक्सटाइल बिजनेस शुरू करके अपनी जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की, लेकिन वह बिजनेस भी फेल हो गया और वह बेघर हो गईं।

शोषण और शराब की लत

पति से अलग होने के बाद विमी की जिंदगी में जॉली (Jolly) नाम का एक फिल्म ब्रोकर आया। कहा जाता है कि जॉली ने विमी का बहुत शोषण किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉली ने उन्हें देह व्यापार (Prostitution) में धकेल दिया था। जिस इंसान से विमी ने सहारे की उम्मीद की थी, उसी ने उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इन सब दुखों से टूटी हुई विमी को शराब की लत लग गई।

अंतिम समय और दर्दनाक मौत

ज्यादा शराब पीने की वजह से विमी को लिवर की बीमारी (Liver Disease) हो गई। 22 अगस्त 1977 को मुंबई के नानावती अस्पताल (Nanavati Hospital) के जनरल वार्ड में उनकी मौत हो गई। मौत के समय वह बिल्कुल अकेली थीं और उनके पास कुछ नहीं बचा था।

उनकी मौत के बाद की कहानी और भी ज्यादा झकझोर देने वाली है। जॉली उनकी डेड बॉडी को एक ठेले (Cart) पर लादकर सांताक्रूज श्मशान घाट (Santacruz Crematorium) ले गया और वहां छोड़ दिया। एक समय की सुपरस्टार का अंतिम संस्कार इतना लावारिस होगा, किसी ने सोचा नहीं था।

विमी का परिवार

विमी के दो बच्चे थे। उनके बेटे ने बाद में ओशो (Osho) की शरण ले ली और वह एक संन्यासी बन गए। उनकी बेटी के बारे में कभी कोई जानकारी सामने नहीं आई।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
असली नाम विमलेश कौर वधवान
डेब्यू फिल्म Hamraaz (1967)
जन्म स्थान जालंधर, पंजाब
मृत्यु की तारीख 22 अगस्त 1977
मृत्यु के समय उम्र 34 साल
मृत्यु का कारण लिवर की बीमारी (शराब के कारण)
अस्पताल नानावती अस्पताल, मुंबई

FAQs

विमी की पहली फिल्म कौन सी थी?

विमी की पहली फिल्म ‘Hamraaz’ थी जो 1967 में रिलीज हुई थी और सुपरहिट रही थी।

विमी की मृत्यु कैसे हुई?

विमी की मृत्यु 34 साल की उम्र में लिवर की बीमारी के कारण हुई थी, जो अत्यधिक शराब के सेवन की वजह से हुई थी।

विमी के पति कौन थे?

विमी के पति का नाम शिव अग्रवाल था, जो एक उद्योगपति के बेटे थे।

विमी का अंतिम संस्कार कैसे हुआ?

विमी की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उनकी मौत के बाद उनके शव को एक ठेले पर रखकर श्मशान घाट ले जाया गया था।

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