ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले AIS और Form 26AS चेक करना क्यों जरूरी है? जानें पूरी डिटेल्स

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले AIS और Form 26AS चेक करना क्यों जरूरी है? जानें पूरी डिटेल्स

Assessment Year 2026-27 के लिए Income Tax Return (ITR) फाइलिंग का सीजन शुरू हो गया है। बहुत से लोग अपना टैक्स रिटर्न फाइल करते समय केवल Form 16, Salary Slips और Bank Statements पर ही ध्यान देते हैं। लेकिन, ITR फाइल करने से पहले दो और बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट्स को चेक करना चाहिए। ये डॉक्यूमेंट्स हैं Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS।

ये रिकॉर्ड्स आपको Financial Year 2025-26 के दौरान आपके PAN कार्ड से जुड़े सभी बड़े लेनदेन, चुकाए गए टैक्स और इनकम की पूरी जानकारी देते हैं। रिटर्न फाइल करने से पहले इन्हें चेक करने से गलतियों की संभावना कम हो जाती है और Refund में देरी नहीं होती है।

ITR फाइल करने से पहले AIS और Form 26AS क्यों हैं जरूरी?

सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए Form 16 बहुत उपयोगी होता है, लेकिन इसमें टैक्स फाइलिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी नहीं होती। आजकल Income Tax Department को बैंकों, कंपनियों, Mutual Funds और Stock Brokers से सीधे जानकारी मिलती है। यह सारा डेटा AIS और Form 26AS में दिखाई देता है।

अगर आपके द्वारा फाइल किए गए रिटर्न और विभाग के पास मौजूद डेटा में अंतर होता है, तो आपको नोटिस मिल सकता है या रिफंड में देरी हो सकती है। इसलिए इन दोनों डॉक्यूमेंट्स को चेक करना अब बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।

Annual Information Statement (AIS) क्या है?

Income Tax Department ने टैक्सपेयर्स की जानकारी के लिए AIS को एक विस्तृत डॉक्यूमेंट के रूप में पेश किया है। AIS में आपकी वित्तीय गतिविधियों की बहुत गहराई से जानकारी होती है। इसमें निम्नलिखित चीजें शामिल हो सकती हैं:

  • Salary Income (सैलरी से आय)
  • Savings Account Interest (बचत खाते का ब्याज)
  • Fixed Deposit (FD) Interest (एफडी का ब्याज)
  • Dividend Receipts (डिविडेंड से कमाई)
  • Securities Transactions (शेयर बाजार के लेनदेन)
  • Mutual Fund Activity (म्यूचुअल फंड में निवेश और बिक्री)
  • Tax Refunds (टैक्स रिफंड की जानकारी)
  • Foreign Remittances (विदेश से पैसा भेजना या मंगाना)
  • High-value Transactions (PAN से जुड़े बड़े लेनदेन)

Form 26AS क्या है?

Form 26AS को मुख्य रूप से Tax Credit Statement के रूप में जाना जाता है। यह मुख्य रूप से आपके PAN कार्ड पर जमा किए गए टैक्स का विवरण देता है। इसमें ये जानकारियां शामिल होती हैं:

  • Tax Deducted at Source (TDS)
  • Tax Collected at Source (TCS)
  • Advance Tax (अग्रिम टैक्स)
  • Self-assessment Tax (स्व-मूल्यांकन टैक्स)
  • Refund Details (रिफंड की जानकारी)

अगर आपके एम्प्लॉयर ने सैलरी से टैक्स काटा है या बैंक ने ब्याज पर TDS काटा है, तो उसकी एंट्री Form 26AS में दिखाई देगी।

AIS और Form 26AS में मुख्य अंतर

हालांकि ये दोनों डॉक्यूमेंट्स टैक्सपेयर के लिए जरूरी हैं, लेकिन इनका उद्देश्य अलग-अलग है। नीचे दी गई टेबल से आप इनके अंतर को समझ सकते हैं:

तुलना का बिंदु (Comparison Point) Annual Information Statement (AIS) Form 26AS
मुख्य फोकस (Main Focus) यह आपकी रिपोर्ट की गई इनकम और सभी ट्रांजैक्शन पर फोकस करता है। यह मुख्य रूप से आपके PAN पर उपलब्ध Tax Credits पर फोकस करता है।
दायरा (Scope) इसका दायरा बहुत बड़ा (Broader) है। इसका दायरा सीमित (Narrower) है।
जानकारी (Information) इसमें सैलरी, ब्याज, शेयर, म्यूचुअल फंड और बड़े खर्चों की जानकारी होती है। इसमें मुख्य रूप से TDS, TCS और चुकाए गए टैक्स की जानकारी होती है।
उद्देश्य (Purpose) यह ट्रैक करने में मदद करता है कि विभाग को आपके बारे में क्या जानकारी मिली है। यह यह वेरिफाई करने में मदद करता है कि कितना टैक्स पहले ही जमा हो चुका है।

टैक्सपेयर्स को किन चीजों की जांच करनी चाहिए?

रिटर्न फाइल करने से पहले टैक्सपेयर्स को अपनी सैलरी, बैंक ब्याज, FD ब्याज, डिविडेंड इनकम, म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन और शेयर बाजार के लेनदेन को अच्छी तरह वेरिफाई कर लेना चाहिए। इसके अलावा रेंट से होने वाली इनकम और अन्य टैक्स योग्य प्राप्तियों की भी जांच करनी चाहिए।

जो लोग Stocks, F&O या Mutual Funds में ट्रेडिंग करते हैं, उन्हें अपने ब्रोकर स्टेटमेंट से डेटा का मिलान करना चाहिए। अगर आपने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो सभी एम्प्लॉयर्स से मिली सैलरी और TDS एंट्रीज को ध्यान से चेक करें।

अगर डेटा में कोई गलती (Mismatch) हो तो क्या करें?

कभी-कभी AIS या Form 26AS में जानकारी गलत हो सकती है या कुछ एंट्रीज गायब हो सकती हैं। ऐसा तब हो सकता है जब टैक्स काटने वाले (Deductor) ने सही समय पर रिटर्न फाइल न किया हो। ऐसी स्थिति में आपको अपने Form 16, Form 16A, Bank Statements और Broker Statements से डेटा का मिलान करना चाहिए। AIS में गलत जानकारी के खिलाफ फीडबैक देने की सुविधा भी उपलब्ध है।

इन डॉक्यूमेंट्स को कैसे डाउनलोड करें?

AIS और Form 26AS दोनों को Income Tax Department के आधिकारिक e-filing portal पर लॉगिन करके डाउनलोड किया जा सकता है। रिटर्न फाइल करने से ठीक पहले इनका लेटेस्ट वर्जन चेक करना चाहिए, क्योंकि डेटा समय-समय पर अपडेट होता रहता है।

FAQs

1. क्या ITR फाइल करने के लिए केवल Form 16 काफी है?

नहीं, Form 16 केवल सैलरी की जानकारी देता है। अन्य आय और टैक्स क्रेडिट्स को वेरिफाई करने के लिए AIS और Form 26AS चेक करना जरूरी है।

2. AIS में कौन-कौन से ट्रांजैक्शन दिखते हैं?

AIS में बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर और म्यूचुअल फंड की खरीद-बिक्री, और विदेश भेजे गए पैसे जैसे बड़े लेनदेन दिखते हैं।

3. अगर Form 26AS में TDS नहीं दिख रहा तो क्या करें?

अगर TDS नहीं दिख रहा है, तो अपने एम्प्लॉयर या बैंक से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि उन्होंने आपका TDS रिटर्न सही ढंग से फाइल किया है।

4. AIS और Form 26AS कहां से मिलते हैं?

ये दोनों डॉक्यूमेंट्स इनकम टैक्स विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल (e-filing portal) पर लॉगिन करके डाउनलोड किए जा सकते हैं।

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