EY-FICCI Report: Premium Hotel Rooms पर GST 18% से घटाकर 9% करने की मांग
भारत में विदेशी टूरिस्ट्स (Foreign Tourists) की संख्या बढ़ाने और टूरिज्म सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक बड़ा सुझाव सामने आया है। EY India और FICCI की एक जॉइंट रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को प्रीमियम होटल रूम्स (Premium Hotel Rooms) पर लगने वाले GST को 18% से घटाकर 9% कर देना चाहिए। यह रिपोर्ट सोमवार को जयपुर में आयोजित ‘Great Indian Travel Bazaar 2026’ (GITB) के दौरान पेश की गई।
क्यों जरूरी है GST में कटौती?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में होटल का किराया, ट्रांसपोर्ट का खर्चा और टैक्स बहुत ज्यादा हैं। इस वजह से विदेशी सैलानियों के लिए भारत एक महंगा देश बन जाता है। थाईलैंड (Thailand) और वियतनाम (Vietnam) जैसे देशों की तुलना में भारत में घूमना काफी महंगा पड़ता है। अगर प्रीमियम रूम्स पर टैक्स कम होता है, तो भारत की इमेज एक किफायती डेस्टिनेशन (Affordable Destination) के रूप में बनेगी और ज्यादा विदेशी टूरिस्ट यहां आएंगे।
वर्तमान GST स्लैब और प्रस्तावित बदलाव
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि 1,000 रुपये से 7,500 रुपये के बीच के होटल रूम टैरिफ पर मौजूदा 5% GST को बरकरार रखा जाना चाहिए। लेकिन 7,500 रुपये से ऊपर वाले रूम्स के लिए टैक्स रेट को आधा कर देना चाहिए।
| Room Tariff (Per Night) | Current GST Rate | Proposed GST Rate |
|---|---|---|
| Rs 1,000 to Rs 7,500 | 5% | 5% (No Change) |
| Above Rs 7,500 | 18% | 9% |
टूरिज्म सेक्टर की मौजूदा स्थिति
इस स्टडी का टाइटल ‘Reimagining Inbound Tourism in India: Trends, Technology & Transformational Opportunities – Towards Incredible India 4.0’ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का टूरिज्म सेक्टर देश की इकोनॉमी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
- GDP में योगदान: टूरिज्म सेक्टर भारत की GDP में लगभग 21 लाख करोड़ रुपये का योगदान देता है।
- रोजगार: यह सेक्टर 46 मिलियन (4.6 करोड़) से ज्यादा लोगों को नौकरियां देता है।
- विदेशी पर्यटक: साल 2024 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों (Inbound Tourists) की संख्या लगभग 9.9 मिलियन रही।
- होटल रूम्स: भारत में फिलहाल 1 लाख से ज्यादा नए होटल रूम्स पाइपलाइन में हैं, यानी इनका निर्माण होने वाला है।
टूरिज्म के सामने बड़ी चुनौतियां
EY-FICCI की रिपोर्ट में उन कारणों का भी जिक्र किया गया है जो भारत के टूरिज्म को रोक रहे हैं। इसमें राज्यों के बीच अलग-अलग ब्रांडिंग, कमजोर ग्लोबल मार्केटिंग, पैकेज्ड ट्रेवल एक्सपीरियंस की कमी और वीजा प्रोसेस जैसी समस्याएं शामिल हैं। साथ ही, कनेक्टिविटी गैप (Connectivity Gaps) भी एक बड़ी बाधा है।
नए ट्रेंड्स और भविष्य की संभावनाएं
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब टूरिज्म का तरीका बदल रहा है। स्पोर्ट्स टूरिज्म (Sports Tourism), आध्यात्मिक वेलनेस (Spiritual Wellness), वाइल्डलाइफ ट्रेवल और इवेंट-आधारित टूरिज्म में काफी मौके हैं।
भारत की लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (Live Entertainment Industry) ने 2024 में 12,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। अगले तीन सालों में इसके 19% CAGR की दर से बढ़ने की उम्मीद है। कॉन्सर्ट और स्पोर्ट्स इवेंट्स विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का बड़ा जरिया बन सकते हैं।
इसके अलावा, AI टूल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के आने से लोग आसानी से नई जगहें खोज रहे हैं। Gen Z ट्रेवलर्स, महिला यात्री और सोलो टूरिस्ट्स (Solo Tourists) की बढ़ती संख्या से मार्केट में डिमांड पैटर्न बदल रहा है। अनुमान है कि 2034 तक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का खर्च 5.5% सालाना की दर से बढ़कर 2.95 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।
निष्कर्ष
रिपोर्ट का कहना है कि अगर भारत सही पॉलिसी रिफॉर्म्स, कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग और बेहतर मार्केटिंग स्ट्रेटजी अपनाता है, तो वह अपनी सांस्कृतिक विविधता का फायदा उठाकर दुनिया का सबसे पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है।
FAQs
1. EY-FICCI रिपोर्ट में प्रीमियम होटल रूम्स पर कितना GST सुझाया गया है?
रिपोर्ट में 7,500 रुपये से अधिक के होटल रूम्स पर GST को 18% से घटाकर 9% करने का सुझाव दिया गया है।
2. भारत में टूरिज्म सेक्टर कितने लोगों को रोजगार देता है?
भारत में टूरिज्म सेक्टर 46 मिलियन (4.6 करोड़) से ज्यादा लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
3. साल 2024 में कितने विदेशी पर्यटक भारत आए?
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में लगभग 9.9 मिलियन विदेशी पर्यटक भारत आए थे।