IDBI Bank Privatization Update: सरकार करेगी बैंक के निजीकरण और नए Valuation की समीक्षा

IDBI Bank Privatization Update: सरकार करेगी बैंक के निजीकरण और नए Valuation की समीक्षा

IDBI Bank के निजीकरण (Privatization) की प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है। 27 अप्रैल 2026 को विनिवेश (Disinvestment) पर सचिवों का एक मुख्य समूह (Core Group of Secretaries) एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। इस मीटिंग में IDBI Bank की रणनीतिक बिक्री (Strategic Sale) की समीक्षा की जाएगी। यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि नया वैल्यूएशन (Fresh Valuation) शुरू होने के बाद यह पहली हाई-लेवल मीटिंग है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले ही साफ कर दिया है कि विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी, भले ही इसमें पहले कुछ देरी हुई हो। कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें बैंक की वैल्यू और निवेशकों की रुचि पर चर्चा की जाएगी।

नए Valuation के साथ फिर से शुरू होगी प्रक्रिया

IDBI Bank की बिक्री के लिए नया वैल्यूएशन एक्सरसाइज शुरू किया गया है। इसे सौदे के लिए एक ‘रीसेट’ के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, पहले जो फाइनेंशियल बिड्स (Financial Bids) मिली थीं, वे सरकार की उम्मीदों या रिजर्व प्राइस (Reserve Price) से कम थीं। अब सरकार बाजार की मौजूदा स्थितियों के हिसाब से बैंक की कीमत फिर से तय कर रही है ताकि इस सेल प्रोसेस में तेजी लाई जा सके।

इस बैठक में अधिकारी अपडेटेड वैल्यूएशन बेंचमार्क पर विचार करेंगे। इसके साथ ही अगले कदमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसमें संभावित बिडर्स (Bidders) के साथ बातचीत का समय भी तय होगा। सरकार चाहती है कि इस बार कीमत बाजार की हकीकत के करीब हो ताकि निवेशकों और सरकार के बीच कोई मतभेद न रहे।

IDBI Bank Sale से जुड़ी मुख्य जानकारी

विवरण (Details) जानकारी (Information)
कुल हिस्सेदारी जो बेची जाएगी (Stake for Sale) 60.72%
हिस्सेदारी बेचने वाले (Sellers) भारत सरकार और LIC
प्रक्रिया की शुरुआत (Process Started) साल 2022
अगली समीक्षा बैठक (Next Review Meeting) 27 अप्रैल 2026
बैठक की अध्यक्षता (Chaired by) कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary)

कौन-कौन से विभाग हैं इस प्रक्रिया में शामिल?

IDBI Bank के निजीकरण की देखरेख एक खास पैनल कर रहा है। इस पैनल में कई विभागों के सीनियर अधिकारी शामिल हैं। यह पैनल वैल्यूएशन, ट्रांजैक्शन स्ट्रक्चर और समय सीमा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करता है। इसमें निम्नलिखित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं:

  • निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM)
  • वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services)
  • आर्थिक मामले (Economic Affairs)
  • कानूनी मामले (Legal Affairs)
  • नीति आयोग (NITI Aayog)
  • संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय

2022 से चल रही है निजीकरण की कोशिश

IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया साल 2022 से चल रही है। इस योजना के तहत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसके साथ ही बैंक का मैनेजमेंट कंट्रोल (Management Control) भी खरीदार को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यह भारत के बैंकिंग क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े निजीकरण प्रयासों में से एक है।

निजीकरण में देरी की मुख्य वजहें

IDBI Bank की बिक्री में देरी के पीछे कई कारण रहे हैं। सरकार की वैल्यूएशन उम्मीदों और बिडर्स के ऑफर्स के बीच अंतर एक बड़ी वजह थी। इसके अलावा ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) में लगने वाला समय और बाजार की बदलती स्थितियों ने भी इस प्रक्रिया को धीमा कर दिया। अब होने वाली समीक्षा बैठक में इन सभी चुनौतियों को सुलझाने की कोशिश की जाएगी ताकि ट्रांजैक्शन को पूरा किया जा सके।

FAQs

1. IDBI Bank में सरकार और LIC कितनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं?

सरकार और LIC मिलकर IDBI Bank में कुल 60.72% हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

2. IDBI Bank का निजीकरण कब शुरू हुआ था?

IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर साल 2022 में शुरू हुई थी।

3. नया वैल्यूएशन क्यों किया जा रहा है?

नया वैल्यूएशन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पिछली बोलियां (Bids) सरकार की उम्मीदों और रिजर्व प्राइस से कम थीं।

4. विनिवेश पर सचिवों के समूह की बैठक कब है?

यह महत्वपूर्ण बैठक 27 अप्रैल 2026 को होने वाली है।

IDBI Bank का निजीकरण भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम है। सरकार अब इसे सही वैल्यूएशन पर जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है।

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