Assam Election 2026: ‘Mama’ और Social Media ने कैसे बदली असम की राजनीति? जानें BJP की जीत की पूरी कहानी
असम विधानसभा चुनाव 2026 (Assam Assembly Elections 2026) में राजनीति का एक नया रूप देखने को मिला है। इस बार चुनावी जंग सिर्फ रैलियों और भाषणों तक सीमित नहीं रही, बल्कि Social Media प्लेटफॉर्म्स पर भी जमकर लड़ी गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उनके समर्थकों ने एक सोची-समझी Digital Strategy के जरिए जनता के बीच अपनी बात पहुंचाई। इस कैंपेन ने असम के लोगों की सोच, संस्कृति और पार्टी के प्रति वफादारी पर गहरा असर डाला।
Himanta Biswa Sarma की ‘Mama’ वाली इमेज
इस पूरे Digital Campaign के केंद्र में असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma रहे। सोशल मीडिया पर उन्हें “Mama” (मामा) के रूप में पेश किया गया। उन्हें एक ऐसे नेता के तौर पर दिखाया गया जो असमिया पहचान (Assamese identity) की रक्षा करते हैं और विकास को गति देते हैं। प्रो-बीजेपी हैंडल्स ने Memes, Short Videos और युवाओं को पसंद आने वाले Content का इस्तेमाल किया। इन पोस्ट्स में सरमा को एक मेहनती और कड़े फैसले लेने वाले नेता के रूप में दिखाया गया।
Congress पर ‘Miya Party’ का लेबल
एक तरफ जहां बीजेपी की इमेज को मजबूत किया गया, वहीं दूसरी तरफ Congress पार्टी को “Miya party” (मिया पार्टी) के रूप में प्रचारित किया गया। असम की राजनीति में यह शब्द अक्सर बंगाली मूल के मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स और विजुअल्स के जरिए यह दावा किया गया कि कांग्रेस पार्टी अवैध प्रवासियों (illegal immigrants) का समर्थन करती है।
विपक्ष के बड़े नेताओं, जैसे Gaurav Gogoi और Kunki Chaudhary को भी निशाना बनाया गया। Coordinated Messaging और वायरल कंटेंट के जरिए उनकी साख को कम करने की कोशिश की गई। इससे जनता के बीच यह संदेश गया कि कांग्रेस पार्टी स्वदेशी लोगों के हितों के खिलाफ है।
‘Paaijan’ कैंपेन और Gaurav Gogoi पर निशाना
पिछले दो सालों में बीजेपी समर्थकों और उनसे जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने हजारों की संख्या में टारगेटेड कैंपेन चलाए। इसमें छोटे प्लेटफॉर्म्स, Influencers और Anonymous प्रोफाइल का इस्तेमाल किया गया। एक खास कैंपेन जिसे “Paaijan” कहा गया, उसमें गौरव गोगोई को पाकिस्तान से जोड़ने की कोशिश की गई।
यह नैरेटिव तब और तेज हो गया जब राज्य सरकार की Special Investigation Team (SIT) ने एक रिपोर्ट दी। इस रिपोर्ट में गौरव गोगोई की पत्नी Elizabeth (जो यूके की नागरिक हैं) और पाकिस्तानी संस्थाओं के बीच लिंक होने का दावा किया गया। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो भी शेयर किए गए जो कथित तौर पर पाकिस्तान से थे और जिनमें गोगोई की तारीफ की जा रही थी।
सोशल मीडिया और AI का इस्तेमाल
चुनाव प्रचार के दौरान AI-generated images और कमेंट कैंपेन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ। Facebook, Instagram और X (Twitter) पर कांग्रेस को “Miya Lovers” या “Miya IT Cell” जैसे नामों से बुलाया गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद यह दावा किया कि हजारों बांग्लादेशी मुस्लिम फेसबुक अकाउंट्स कांग्रेस के डिजिटल कैंपेन की मदद कर रहे हैं। इन बयानों ने सोशल मीडिया पर पहचान और राजनीतिक निष्ठा की बहस को और हवा दी।
चुनाव परिणाम और कांग्रेस की हार
जब 6 मई 2026 को चुनाव के नतीजे सामने आए, तो डिजिटल कैंपेन का असर साफ दिखा। बीजेपी की मैसेजिंग ने न केवल डिजिटल स्पेस पर कब्जा किया, बल्कि लोगों की सोच को भी प्रभावित किया।
कांग्रेस पार्टी को असम में लगातार तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा। पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कांग्रेस द्वारा जीती गई कुल सीटें | 20 |
| कांग्रेस के हिंदू विधायकों की संख्या | 01 |
| हार का सिलसिला | लगातार तीसरी बार |
जानकारों का मानना है कि बीजेपी की Hindu identity politics और बंगाली मुसलमानों को लेकर असमिया हिंदू वोटरों के बीच पुराने तनाव ने इस जीत में बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन इस बार सोशल मीडिया के जरिए जिस तरह से नैरेटिव सेट किया गया, उसने चुनावी नतीजों को पूरी तरह बदल कर रख दिया।
FAQs
Q1. असम चुनाव 2026 में हिमंत बिस्वा सरमा को किस नाम से पुकारा गया?
सोशल मीडिया पर उन्हें “Mama” के नाम से पुकारा गया और उन्हें असमिया पहचान के रक्षक के रूप में दिखाया गया।
Q2. ‘Paaijan’ कैंपेन क्या था?
यह गौरव गोगोई के खिलाफ चलाया गया एक डिजिटल कैंपेन था, जिसमें उन्हें पाकिस्तान से जोड़ने की कोशिश की गई थी।
Q3. 2026 के चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?
कांग्रेस को इस चुनाव में केवल 20 सीटें मिलीं और उनके केवल एक हिंदू विधायक ही जीत सके।
Q4. सोशल मीडिया पर कांग्रेस को क्या लेबल दिया गया?
कांग्रेस को “Miya party”, “Miya Lovers” और “Miya IT Cell” जैसे नामों से लेबल किया गया।