तमिलनाडु में DMK और Congress के बीच दरार: विजय की TVK को समर्थन देने पर भड़की DMK, कहा ‘Backstabbers’
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कांग्रेस (Congress) ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) की पार्टी DMK का साथ छोड़ दिया है। कांग्रेस अब अभिनेता से नेता बने विजय (Vijay) की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) को सरकार बनाने के लिए समर्थन दे रही है। इस फैसले के बाद DMK और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूट गया है और दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।
DMK ने कांग्रेस को कहा ‘पीठ में छुरा घोंपने वाला’
DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई (Saravanan Annadurai) ने कांग्रेस के इस कदम पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कांग्रेस को ‘Backstabbers’ (पीठ में छुरा घोंपने वाला) कहा है। सरवनन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि DMK कांग्रेस के इस ‘एकतरफा’ (unilateral) फैसले का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस ने बिना बताए विजय की TVK को सपोर्ट करने का फैसला लिया है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर का पलटवार
DMK के आरोपों पर विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर (Manickam Tagore) ने जवाब दिया है। उन्होंने सरवनन के बयानों को ‘बेबुनियाद’ बताया और कहा कि ये बातें केवल हताशा (frustration) में कही जा रही हैं। टैगोर ने कहा कि तमिलनाडु की जनता का फैसला एमके स्टालिन सरकार के खिलाफ गया है। उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट के आधे मंत्री अपनी सीटें हार चुके हैं।
टैगोर ने आगे कहा कि कांग्रेस को बिना किसी गलती के नुकसान (collateral damage) उठाना पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस को उन लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए जिन्हें जनता ने नकार दिया है? उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य तमिलनाडु में BJP को पैर जमाने से रोकना है।
विजय की TVK को क्यों मिला कांग्रेस का साथ?
कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने बताया कि TVK अध्यक्ष थिरु विजय ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से समर्थन मांगा था। विजय ने अपनी राजनीतिक यात्रा में ‘पेरुमथलाईवर कामराज’ (Perumthalaivar Kamaraj) से प्रेरणा लेने की बात भी कही है।
कांग्रेस का कहना है कि तमिलनाडु का जनादेश एक ‘सेकुलर सरकार’ (secular government) के लिए है। पार्टी संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और वह नहीं चाहती कि BJP या उसके सहयोगी राज्य में सरकार चलाएं। तमिलनाडु कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) ने मंगलवार देर रात हुई बैठक में विजय को समर्थन देने का फैसला किया।
संख्या बल और बहुमत का गणित
तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत की जरूरत है। वर्तमान स्थिति में सीटों का गणित कुछ इस प्रकार है:
| विवरण | संख्या / जानकारी |
|---|---|
| कांग्रेस (Congress) के पास कुल विधायक | 5 MLAs |
| विजय की TVK को बहुमत के लिए कमी | 10 MLAs |
| समर्थन का फैसला कब हुआ | मंगलवार देर रात (PAC बैठक) |
| मुख्य विवाद की तारीख | 6 मई, 2026 |
विजय की पार्टी TVK अभी भी बहुमत के आंकड़े से 10 विधायक दूर है। कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ आने के बाद भी उन्हें अन्य विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
निष्कर्ष
तमिलनाडु में DMK और कांग्रेस का पुराना रिश्ता अब खतरे में है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका उद्देश्य राज्य में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाना और BJP को रोकना है। वहीं, DMK इसे धोखे के तौर पर देख रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय अपनी सरकार बनाने के लिए जरूरी 10 और विधायकों का समर्थन कैसे जुटाते हैं।
FAQs
DMK ने कांग्रेस को ‘Backstabbers’ क्यों कहा?
क्योंकि कांग्रेस ने एमके स्टालिन की DMK का साथ छोड़कर विजय की पार्टी TVK को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का फैसला किया है।
विजय की पार्टी TVK को बहुमत के लिए कितने विधायकों की जरूरत है?
इनपुट के अनुसार, विजय की पार्टी बहुमत के आंकड़े से 10 विधायक पीछे है।
कांग्रेस के पास तमिलनाडु में कितने विधायक हैं?
तमिलनाडु में कांग्रेस के पास कुल 5 विधायक (MLAs) हैं।
केसी वेणुगोपाल ने समर्थन के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि विजय ने खुद कांग्रेस से समर्थन मांगा था और कांग्रेस एक सेकुलर सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।