Bengaluru Second International Airport: Kanakapura के दो ठिकानों को मिलाकर बनेगा नया एयरपोर्ट, जानें पूरी डिटेल्स
बेंगलुरु में बनने वाले दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Bengaluru Second International Airport) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्नाटक सरकार अब कनकपुरा (Kanakapura) इलाके में दो अलग-अलग जगहों को चुनने के बजाय, उन्हें आपस में मिलाने पर विचार कर रही है। सरकार का प्लान है कि Chudahalli और Somanahalli की जमीनों को जोड़कर एक “परफेक्ट लैंड पार्सल” तैयार किया जाए।
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने पहले ही साफ कर दिया था कि नए एयरपोर्ट के लिए कनकपुरा के दो साइट्स को शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब ताजा जानकारी के अनुसार, सरकार इन दोनों जगहों को मर्ज (merge) कर सकती है। इसमें कुनिगल और नेलमंगला के बीच के गांवों को भी शामिल किया जा सकता है।
शॉर्टलिस्ट की गई जगहों की जानकारी
बेंगलुरु के इस दूसरे एयरपोर्ट के लिए जमीन का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया जा रहा है। कनकपुरा रोड पर जिन दो जगहों की पहचान की गई है, वे काफी बड़े इलाके में फैली हुई हैं। सरकार चाहती है कि एयरपोर्ट के लिए कम से कम 4,500 से 5,000 एकड़ जमीन उपलब्ध हो।
| Location Name | Area (Acres) | Region |
|---|---|---|
| Chudahalli | 4,800 Acres | Kanakapura Road |
| Somanahalli | 5,000 Acres | Kanakapura Road |
| Nelamangala | Around 4,500 Acres | North Bengaluru |
अधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार इन दोनों साइट्स को मिलाकर देखती है, तो एयरपोर्ट के लिए जरूरी 4,500-5,000 एकड़ जमीन को बेहतर तरीके से निकाला जा सकता है।
नेलमंगला की रेस हुई कम
शुरुआत में उत्तर बेंगलुरु के नेलमंगला (Nelamangala) को भी एयरपोर्ट के लिए एक विकल्प माना जा रहा था। लेकिन अब वहां एयरपोर्ट बनने की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं। डीके शिवकुमार ने संकेत दिए हैं कि नया एयरपोर्ट दक्षिण बेंगलुरु (South Bengaluru) में ही बनने की सबसे ज्यादा संभावना है। दक्षिण बेंगलुरु में कनकपुरा रोड का इलाका तेजी से बढ़ रहा है और यहां कनेक्टिविटी भी अच्छी है।
एयरपोर्ट के लिए फिजिबिलिटी स्टडी (Feasibility Study)
सही जगह चुनने के लिए कर्नाटक सरकार ने “Meinhardt-KPMG” कंसोर्टियम को काम सौंपा है। यह टीम तीनों शॉर्टलिस्ट की गई जगहों पर एक डिटेल स्टडी करेगी। इस स्टडी की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- स्टडी की लागत: इस काम के लिए 4.96 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
- समय सीमा: इस स्टडी को पूरा होने में लगभग 5 महीने का समय लगेगा।
- मकसद: यह देखना कि कौन सी जगह भविष्य की जरूरतों के हिसाब से सबसे अच्छी है।
बेंगलुरु को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत क्यों है?
बेंगलुरु भारत की IT राजधानी है और यहां की आबादी और व्यापार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मौजूदा केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kempegowda International Airport) पर यात्रियों और कार्गो (cargo) का बोझ लगातार बढ़ रहा है। आने वाले सालों में यह अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच जाएगा।
शहर का पुराना HAL एयरपोर्ट अब केवल सीमित कामों के लिए इस्तेमाल होता है। इसलिए, बेंगलुरु जैसे बड़े शहर के लिए केवल एक मुख्य एयरपोर्ट पर निर्भर रहना सही नहीं है। नया एयरपोर्ट बनने से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
जमीन और कनेक्टिविटी का महत्व
नया एयरपोर्ट कहां बनेगा, इसमें कनेक्टिविटी (Connectivity) सबसे बड़ा फैक्टर है। कनकपुरा रोड की साइट्स शहर के दक्षिणी हिस्से के करीब हैं, जहां कई नई रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल कॉलोनियां बन रही हैं। सरकार यह भी देख रही है कि नया एयरपोर्ट हाईवे और रेल नेटवर्क से कैसे जुड़ेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (IDD), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (KIADB) के अधिकारी मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
FAQs
1. बेंगलुरु का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कहां बनेगा?
अभी कनकपुरा रोड पर Chudahalli और Somanahalli साइट्स सबसे आगे हैं। सरकार इन दोनों को मर्ज करने पर विचार कर रही है।
2. एयरपोर्ट के लिए कितनी जमीन की जरूरत है?
प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए लगभग 4,500 से 5,000 एकड़ जमीन की जरूरत है।
3. फिजिबिलिटी स्टडी में कितना खर्च होगा?
इस स्टडी के लिए सरकार 4.96 करोड़ रुपये खर्च कर रही है और यह 5 महीने में पूरी होगी।
4. क्या नेलमंगला में एयरपोर्ट बनेगा?
नेलमंगला भी रेस में था, लेकिन अब वहां एयरपोर्ट बनने की संभावना काफी कम हो गई है।