EPS Higher Pension: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पुराने रिकॉर्ड्स की कमी से EPFO नहीं रोक सकता पेंशन

EPS Higher Pension: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पुराने रिकॉर्ड्स की कमी से EPFO नहीं रोक सकता पेंशन

Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत Higher Pension का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) किसी कर्मचारी की Higher Pension की अर्जी सिर्फ इसलिए खारिज नहीं कर सकता क्योंकि उसके नियोक्ता (Employer) ने पुराने रिकॉर्ड जमा नहीं किए हैं।

कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि अगर कंपनी Form 6A, challans या दूसरे पुराने दस्तावेज देने में फेल रहती है, तो इसकी सजा कर्मचारियों को नहीं मिलनी चाहिए। यह फैसला उन हजारों रिटायर्ड और काम कर रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है जिनकी पेंशन की अर्जी तकनीकी कारणों से अटकी हुई थी।

क्या है पूरा मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में EPS Higher Pension को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इसके बाद EPFO ने पात्र सदस्यों को वास्तविक वेतन (Actual Salary) के आधार पर पेंशन के लिए आवेदन करने का मौका दिया था। पहले यह पेंशन 15,000 रुपये की सैलरी लिमिट पर आधारित थी।

लेकिन जब कर्मचारियों ने आवेदन किया, तो EPFO ने कई अर्जियों को यह कहकर खारिज कर दिया कि कंपनी ने पुराने रिकॉर्ड्स जैसे Form 6A या चालान जमा नहीं किए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अब कहा है कि ऐसे दावों को सिर्फ कागजों की कमी की वजह से खारिज नहीं किया जा सकता।

मिस्टर कल्लाकुरी और अन्य कर्मचारियों की याचिका

इस मामले में मुख्य याचिकाकर्ता मिस्टर कल्लाकुरी (Mr Kallakuri) थे। उन्होंने 1980 में नौकरी शुरू की थी और 35 साल की लंबी सर्विस के बाद 2017 में रिटायर हुए थे। उन्होंने बताया कि उनकी पूरी सर्विस के दौरान PF का पैसा वास्तविक वेतन (Actual Salary) पर काटा गया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने मार्च 2023 में Higher Pension के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। लेकिन EPFO ने यह कहकर उनकी अर्जी खारिज कर दी कि कंपनी ने कुछ पुराने रिकॉर्ड्स नहीं दिए हैं। उनके साथ 5 अन्य कर्मचारियों ने भी ऐसी ही समस्या का सामना किया, जिस पर कोर्ट ने एक साथ फैसला सुनाया।

EPFO ने किन दस्तावेजों की मांग की थी?

EPFO ने कंपनियों से कई पुराने रिकॉर्ड मांगे थे, जिनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं:

दस्तावेज का नाम विवरण
Para 26(6) Proof EPF स्कीम के तहत जॉइंट ऑप्शन का सबूत
EPS Joint Option हायर पेंशन के लिए जॉइंट ऑप्शन का सबूत
Contribution Proof सैलरी लिमिट से ऊपर PF और पेंशन योगदान का सबूत
Forms 3A and 6A सालाना और मासिक योगदान के फॉर्म
Challans बैंक में पैसा जमा करने की रसीदें

बॉम्बे हाईकोर्ट की 6 बड़ी बातें

जस्टिस अमित बोरकर ने इस मामले में EPFO के रवैये को ‘मैकेनिकल’ बताया और 6 महत्वपूर्ण बातें कहीं:

1. नियोक्ता की गलती की सजा कर्मचारी को नहीं

कोर्ट ने कहा कि Form 6A और चालान जैसे दस्तावेज कंपनी संभालती है। कर्मचारी का इन पर कोई कंट्रोल नहीं होता। इसलिए अगर कंपनी रिकॉर्ड नहीं दे पाती, तो इसका बोझ कर्मचारी पर नहीं डाला जा सकता।

2. एक दस्तावेज की कमी से दावा फेल नहीं होता

अगर कर्मचारी के पास Form 3A, EPF पासबुक, सैलरी स्लिप और जॉइंट ऑप्शन फॉर्म जैसे दूसरे सबूत हैं, तो सिर्फ Form 6A न होने से उसका दावा खारिज नहीं किया जा सकता।

3. पुराने मामलों में ‘परफेक्ट’ डॉक्यूमेंट मुमकिन नहीं

कोर्ट ने माना कि 2010 से पहले के ज्यादातर रिकॉर्ड फिजिकल (कागजों पर) रखे जाते थे। उस समय सब कुछ डिजिटल नहीं था। ऐसे में इतने पुराने रिकॉर्ड्स के लिए एकदम सही कागजों की जिद करना गलत है।

4. कानून लोगों की भलाई के लिए है

कोर्ट ने कहा कि PF और पेंशन के कानून कर्मचारियों के फायदे के लिए बनाए गए हैं। इन्हें कर्मचारियों के लिए रुकावट नहीं बनना चाहिए। तकनीकी कारणों से किसी का हक नहीं छीना जा सकता।

5. EPFO अपने खुद के रिकॉर्ड चेक करे

कोर्ट ने एक बहुत जरूरी बात कही कि अगर कंपनी सहयोग नहीं कर रही है, तो EPFO को अपने पास मौजूद डिजिटल डेटा, मेंबर लेजर, पासबुक एंट्री और पुराने कम्यूनिकेशन की जांच खुद करनी चाहिए।

6. रिजेक्शन आखिरी रास्ता होना चाहिए

EPFO को पहले कंपनी से बात करनी चाहिए, फिर अपने रिकॉर्ड देखने चाहिए और कर्मचारी से भी सबूत मांगने चाहिए। जब सारे रास्ते बंद हो जाएं, तभी अर्जी खारिज करनी चाहिए और उसका ठोस कारण भी बताना चाहिए।

कोर्ट का अंतिम आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने EPFO द्वारा पहले दिए गए रिजेक्शन ऑर्डर्स को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  • EPFO इन सभी मामलों पर फिर से विचार करे।
  • सिर्फ Form 6A या चालान न होने पर दावा खारिज न किया जाए, खासकर 2010 से पहले के मामलों में।
  • EPFO स्वतंत्र रूप से अपने रिकॉर्ड्स की जांच करे।
  • कर्मचारियों को अतिरिक्त सबूत जमा करने का मौका दिया जाए।
  • यह पूरी प्रक्रिया 12 हफ्तों के भीतर पूरी की जाए।

यह फैसला पूरे भारत के उन लाखों कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण है जिनकी Higher Pension की अर्जी कंपनी के पुराने रिकॉर्ड न होने की वजह से अटकी हुई थी।

FAQs

क्या EPFO अब मेरी Higher Pension की अर्जी खारिज कर सकता है?

बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार, सिर्फ पुराने रिकॉर्ड्स (जैसे Form 6A) की कमी की वजह से EPFO आपकी अर्जी खारिज नहीं कर सकता। उन्हें अपने रिकॉर्ड्स की जांच करनी होगी।

अगर मेरी कंपनी बंद हो गई है तो क्या होगा?

यह फैसला ऐसे ही लोगों के लिए है। अगर कंपनी बंद है या रिकॉर्ड नहीं दे रही है, तो EPFO को अपने पास मौजूद डेटा और आपके पास मौजूद पासबुक या सैलरी स्लिप के आधार पर फैसला लेना होगा।

कोर्ट ने इस प्रक्रिया के लिए कितना समय दिया है?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने EPFO को 12 हफ्तों (करीब 3 महीने) के भीतर इन मामलों को सुलझाने और आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।

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