HDFC Bank CEO Sashidhar Jagdishan के Reappointment का रास्ता साफ, Law Firms ने दी Clean Chit
HDFC Bank के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। Law firms ने बैंक के कामकाज (governance) की जांच पूरी कर ली है और उन्हें इसमें कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है। इस रिपोर्ट के बाद अब बैंक के CEO Sashidhar Jagdishan के दोबारा चुनाव (reappointment) का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है। इस खबर के आते ही HDFC Bank के shares में भी तेजी देखी गई है।
Law Firms की जांच में क्या निकला?
HDFC Bank ने बैंक के कामकाज की जांच के लिए मुंबई की दो बड़ी law firms, Trilegal और Wadia Ghandy & Co को काम पर रखा था। इन firms ने पिछले 3 सालों के board meetings और extraordinary general meetings के minutes और video recordings की बारीकी से जांच की।
जांच का मुख्य मकसद यह पता लगाना था कि क्या पूर्व चेयरमैन Atanu Chakraborty ने कामकाज को लेकर कोई सवाल उठाए थे और अगर उठाए थे, तो बैंक ने उन पर क्या एक्शन लिया। रिपोर्ट के अनुसार, सभी मुद्दों को तय नियमों (prescribed processes) के तहत सुलझाया गया था। यह रिपोर्ट इसी महीने बैंक के board को सौंपी जाएगी, जिसे बाद में Reserve Bank of India (RBI) को भेजा जाएगा।
Share Market पर दिखा असर
जैसे ही यह खबर बाजार में आई, HDFC Bank के share price में उछाल देखने को मिला। बैंक के शेयर 3.1% तक बढ़कर 796.95 rupees पर पहुंच गए। हालांकि, बाद में यह थोड़ा नीचे आकर 2.9% की बढ़त पर ट्रेड कर रहे थे।
आपको बता दें कि जब Atanu Chakraborty ने इस्तीफा दिया था, तब बैंक के शेयरों में 13.81% की भारी गिरावट आई थी। इससे बैंक की market value में लगभग $16 billion का नुकसान हुआ था।
HDFC Bank बनाम अन्य (Performance Comparison)
2023 में HDFC Ltd के साथ $40 billion के बड़े merger के बाद से HDFC Bank के शेयरों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि पिछले कुछ समय में बैंक का प्रदर्शन कैसा रहा है:
| Category | Performance Details |
|---|---|
| HDFC Bank Share Price (Post Merger) | 5% की गिरावट |
| ICICI Bank Share Price (Same Period) | 33% की बढ़त |
| Benchmark Nifty 50 (Same Period) | 24% की बढ़त |
| Market Value Loss (After Chairman Resignation) | $16 Billion |
| Total Customers | 120 Million |
| Banking Deposits Share | 10% से ज्यादा (1/10th) |
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह पूरा मामला मार्च में शुरू हुआ जब Atanu Chakraborty ने चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफे का कारण “incongruence” बताया था, जिसका मतलब है कि उनके व्यक्तिगत विचार और बैंक के काम करने के तरीके मेल नहीं खा रहे थे। उनके इस अचानक इस्तीफे से निवेशकों और जमाकर्ताओं (depositors) में चिंता बढ़ गई थी। इसके बाद RBI को भी बयान जारी करना पड़ा था कि बैंक पूरी तरह सुरक्षित है।
RBI का रुख और CEO का कार्यकाल
Sashidhar Jagdishan का वर्तमान कार्यकाल (term) इस साल अक्टूबर में खत्म हो रहा है। बैंक को मई के अंत तक उनके reappointment के लिए RBI के पास आवेदन करना था, लेकिन जांच की वजह से इसमें देरी हो रही थी।
सूत्रों के अनुसार, Reserve Bank of India (RBI) का मानना है कि ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है जो जगदीशन की दोबारा नियुक्ति में बाधा बने। RBI ने पहले भी कहा था कि उनके रिकॉर्ड के हिसाब से बैंक के कामकाज या governance में कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। अब law firms की clean chit मिलने के बाद बैंक जल्द ही Sashidhar Jagdishan का नाम दोबारा CEO पद के लिए प्रस्तावित करेगा।
HDFC Bank भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक है। इसकी स्थिरता भारतीय अर्थव्यवस्था (economy) के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि देश के कुल बैंकिंग डिपॉजिट का दसवां हिस्सा इसी बैंक के पास है।
FAQs
Sashidhar Jagdishan कौन हैं?
Sashidhar Jagdishan HDFC Bank के वर्तमान CEO हैं, जिनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त हो रहा है।
Atanu Chakraborty ने इस्तीफा क्यों दिया था?
उन्होंने अपने व्यक्तिगत मूल्यों और बैंक की कार्यप्रणाली के बीच तालमेल की कमी (incongruence) का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था।
जांच किन Law Firms ने की है?
HDFC Bank के कामकाज की जांच Trilegal और Wadia Ghandy & Co नाम की दो law firms ने की है।
HDFC Bank के पास कितने ग्राहक हैं?
HDFC Bank के पास लगभग 120 million (12 करोड़) ग्राहक हैं और भारत के कुल बैंकिंग डिपॉजिट का 10% से ज्यादा हिस्सा इसी बैंक के पास है।