Income Tax Act 2025 Rules: 1 अप्रैल से बदल गए टैक्स और पैसों से जुड़े ये 12 बड़े नियम, देखें पूरी लिस्ट

Income Tax Act 2025 Rules: 1 अप्रैल से बदल गए टैक्स और पैसों से जुड़े ये 12 बड़े नियम, देखें पूरी लिस्ट

1 अप्रैल 2026 से भारत के फाइनेंस सेक्टर में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। आज से 65 साल पुराना Income Tax Act 1961 पूरी तरह खत्म हो गया है और इसकी जगह नया Income Tax Act 2025 लागू हो गया है। इस नए कानून के आने से टैक्स भरने के तरीके से लेकर डिजिटल पेमेंट तक के नियम बदल गए हैं।

अगर आप भी अपनी कमाई और बचत को लेकर फिक्रमंद हैं, तो आपको इन 12 बड़े बदलावों के बारे में जरूर जानना चाहिए। यहाँ आपकी सुविधा के लिए एक जरूरी चेकलिस्ट दी गई है।

1. अब ‘Assessment Year’ खत्म, ‘Tax Year’ शुरू

Income Tax Act 2025 का सबसे बड़ा बदलाव इसकी शब्दावली (terminology) में है। अब “Previous Year” और “Assessment Year” जैसे उलझाने वाले शब्दों को हटा दिया गया है। अब से सिर्फ एक ही Tax Year 2026-27 होगा। आपके Form 16 और टैक्स फाइलिंग में भी अब यही नाम दिखेगा, जिससे हिसाब रखना आसान हो जाएगा।

2. ₹12.75 लाख तक की कमाई पर ‘Zero Tax’

New Tax Regime को अब और भी बेहतर बनाया गया है। Section 87A के तहत मिलने वाली छूट (rebate) को बढ़ा दिया गया है। अब ₹12 लाख तक की टैक्सेबल इनकम वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। अगर इसमें ₹75,000 का Standard Deduction भी जोड़ दिया जाए, तो अब ₹12.75 लाख तक की सालाना सैलरी पर प्रभावी रूप से कोई टैक्स नहीं लगेगा।

3. UPI ऐप्स के लिए Biometrics जरूरी

RBI के नए नियमों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से डिजिटल पेमेंट के लिए Two-Factor Authentication अनिवार्य हो गया है। अब PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे UPI ऐप्स का इस्तेमाल करने के लिए आपको सिर्फ पिन (PIN) से काम नहीं चलेगा। अब आपको फिंगरप्रिंट या फेस-आईडी (Face-ID) जैसे डायनामिक फैक्टर का इस्तेमाल करना होगा ताकि फ्रॉड से बचा जा सके।

4. Derivative Trading पर बढ़ा STT

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए बुरी खबर है। Futures and Options (F&O) सेगमेंट में Securities Transaction Tax (STT) बढ़ा दिया गया है।

Transaction Type Old Rate New Rate (From April 1)
Futures 0.02% 0.05%
Options (Sale) 0.15%

5. Sovereign Gold Bonds (SGB) पर नया टैक्स

अगर आपने स्टॉक एक्सचेंज (BSE या NSE) से SGB खरीदे हैं, तो अब उन पर मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स देना होगा। हालांकि, जो लोग सीधे सरकारी इश्यू से बॉन्ड खरीदते हैं, उन्हें मैच्योरिटी पर टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन सेकेंडरी मार्केट से खरीदने वालों को अब 12.5% Capital Gains Tax देना होगा (अगर बॉन्ड 36 महीने से ज्यादा समय तक रखा गया हो)।

6. PPF में निवेश के लिए 5 तारीख का रखें ध्यान

Public Provident Fund (PPF) की ब्याज दर अप्रैल-जून तिमाही के लिए 7.1% पर बरकरार है। अगर आप पूरे महीने का ब्याज पाना चाहते हैं, तो अपनी किस्त 5 अप्रैल तक जरूर जमा कर दें। नए कानून में भी PPF को “Triple Exempt” (EEE) कैटेगरी में रखा गया है।

7. Mutual Funds के लिए SEBI के नए नियम

SEBI के नए नियमों के अनुसार, अब Value, Contra और Dividend Yield फंड्स को कम से कम 80% पैसा इक्विटी में निवेश करना होगा। पहले यह सीमा 65% थी। इसके अलावा, कई “solution-oriented” स्कीम्स को बंद या मर्ज किया जा रहा है, इसलिए अपने पोर्टफोलियो को एक बार जरूर चेक करें।

8. Meal Vouchers पर बढ़ी टैक्स छूट

नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। ऑफिस की तरफ से मिलने वाले मील वाउचर (जैसे Sodexo या Pluxee) पर टैक्स फ्री लिमिट बढ़ाकर ₹200 प्रति मील कर दी गई है। इससे आप साल भर में अच्छी खासी टैक्स बचत कर सकते हैं।

9. GST 2.0 और नए टैक्स स्लैब

बिजनेस करने वालों के लिए अब GST 2.0 लागू हो गया है। इसमें अब सिर्फ चार मुख्य स्लैब होंगे: 0%, 5%, 18% और 40%। पुराने 12% वाले स्लैब को खत्म कर दिया गया है। व्यापारियों को अब अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर को इन नए रेट्स के हिसाब से अपडेट करना होगा।

10. NPS से 80% पैसा निकालने की सुविधा

National Pension System (NPS) के नियमों को और लचीला बनाया गया है। अब नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स रिटायरमेंट या मैच्योरिटी के समय अपने कुल फंड का 80% हिस्सा एक साथ (Lump sum) निकाल सकते हैं। पहले यह सीमा केवल 60% थी।

11. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं

अगर आप किसी NRI (Non-Resident Indian) से घर या जमीन खरीद रहे हैं, तो अब आपको TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) लेने की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। अब आप अपने PAN कार्ड के जरिए ही TDS जमा कर सकते हैं, जिससे कागजी कार्रवाई कम हो जाएगी।

12. Revised Return के लिए मिलेगा ज्यादा समय

नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत अब आपको अपनी गलती सुधारने के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा। अब आप टैक्स साल खत्म होने के बाद 12 महीने तक (यानी 31 मार्च 2028 तक) अपना Revised Return फाइल कर सकते हैं। हालांकि, देरी करने पर आपको ग्रेडेड लेट फीस देनी पड़ सकती है।

FAQs

1. क्या Income Tax Act 1961 अब पूरी तरह खत्म हो गया है?

हाँ, 1 अप्रैल 2026 से Income Tax Act 1961 की जगह नया Income Tax Act 2025 लागू हो गया है।

2. नए नियम के अनुसार कितनी सैलरी पर टैक्स नहीं लगेगा?

New Tax Regime के तहत ₹12 लाख की इनकम पर रिबेट और ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन को मिलाकर कुल ₹12.75 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

3. क्या UPI पेमेंट के लिए अब फिंगरप्रिंट जरूरी है?

हाँ, RBI के नए सुरक्षा नियमों के अनुसार, UPI ऐप्स में अब पिन के साथ-साथ बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (जैसे फिंगरप्रिंट या फेस-आईडी) जरूरी हो सकता है।

4. GST के नए स्लैब क्या हैं?

GST 2.0 के तहत अब चार स्लैब होंगे: 0%, 5%, 18% और 40%। 12% वाले स्लैब को हटा दिया गया है।

5. NPS से अब कितना पैसा एक साथ निकाला जा सकता है?

अब आप मैच्योरिटी पर अपने NPS फंड का 80% हिस्सा एक साथ निकाल सकते हैं, जो पहले 60% था।

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