AI के खतरे को लेकर निर्मला सीतारमण की बैंकों के साथ बड़ी बैठक, Claude Mythos मॉडल पर जताई चिंता
भारत की वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने 24 अप्रैल, 2026 को एक बहुत ही महत्वपूर्ण हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की। इस मीटिंग में उनके साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (IT Minister) अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। यह मीटिंग मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए खतरों और बैंकिंग सेक्टर की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी।
सरकार को डर है कि नए AI मॉडल्स का इस्तेमाल बैंकिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर की कमियों को खोजने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। इस मीटिंग में देश के बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों के प्रमुख और अन्य स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए।
Claude Mythos AI मॉडल ने बढ़ाई चिंता
इस मीटिंग के पीछे की सबसे बड़ी वजह एंथ्रोपिक (Anthropic) कंपनी का ‘Claude Mythos’ नाम का AI मॉडल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मॉडल अभी तक पब्लिक के लिए रिलीज नहीं किया गया है, लेकिन इसमें साइबर सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा ताकत है। यह मॉडल ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में कमियां (Vulnerabilities) ढूंढ सकता है। सरकार को चिंता है कि अगर यह तकनीक गलत हाथों में चली गई, तो बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्राहकों के डेटा को बड़ा खतरा हो सकता है।
मीटिंग में कौन-कौन हुआ शामिल?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग में कई बड़े अधिकारी और संस्थाएं शामिल हुईं:
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वरिष्ठ अधिकारी
- NPCI (National Payments Corporation of India) के प्रतिनिधि
- CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) के अधिकारी
- वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के अधिकारी
- विभिन्न बैंकों के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और CEO
बैंकों के लिए वित्त मंत्री के मुख्य निर्देश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों द्वारा अब तक किए गए साइबर सुरक्षा के कामों की तारीफ की। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि नए AI मॉडल्स से आने वाले खतरे “अभूतपूर्व” (Unprecedented) हैं। उन्होंने बैंकों को कुछ कड़े निर्देश दिए हैं:
| मुख्य निर्देश | विवरण |
|---|---|
| साइबर एक्सपर्ट्स की नियुक्ति | बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे बेहतरीन साइबर सुरक्षा प्रोफेशनल्स और स्पेशलाइज्ड एजेंसियों को काम पर रखें। |
| IBA का नया सिस्टम | इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को एक ऐसा सिस्टम बनाने को कहा गया है जो साइबर खतरों का तुरंत जवाब दे सके। |
| रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग | बैंकों, CERT-In और अन्य एजेंसियों के बीच खतरों की जानकारी तुरंत शेयर करने के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने पर जोर दिया गया। |
| तुरंत रिपोर्टिंग | किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर हमले की जानकारी तुरंत CERT-In और संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है। |
Claude Mythos इतना खतरनाक क्यों है?
एंथ्रोपिक का Mythos मॉडल साइबर सुरक्षा के कामों में इंसानों से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। यह सॉफ्टवेयर में मौजूद हजारों बग्स (Bugs) और पुरानी कमियों को पहचान सकता है। कंपनी ने इसे अभी तक आम लोगों के लिए जारी नहीं किया है क्योंकि उन्हें डर है कि इसका गलत इस्तेमाल साइबर अपराधों के लिए किया जा सकता है।
RBI भी वर्तमान में AI से जुड़े जोखिमों का अध्ययन कर रहा है। हालांकि, मीटिंग में यह भी बताया गया कि फिलहाल भारत का बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित है, लेकिन भविष्य के खतरों के लिए बहुत अधिक सतर्क रहने और आपसी तालमेल की जरूरत है।
FAQs
1. निर्मला सीतारमण ने बैंकों के साथ मीटिंग क्यों की?
यह मीटिंग AI मॉडल्स (जैसे Claude Mythos) से बैंकिंग सिस्टम को होने वाले साइबर खतरों और सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए की गई थी।
2. Claude Mythos AI मॉडल क्या है?
यह एंथ्रोपिक कंपनी का एक शक्तिशाली AI मॉडल है जो ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर में सुरक्षा कमियों को खोजने में सक्षम है।
3. वित्त मंत्री ने बैंकों को क्या सलाह दी है?
उन्होंने बैंकों को टॉप साइबर एक्सपर्ट्स नियुक्त करने, रियल-टाइम में जानकारी साझा करने और सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है।