NSE IPO Update: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने 23,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुलाया
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित (long-awaited) आईपीओ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। 26 फरवरी 2026 को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, NSE ने अपने 23,000 करोड़ रुपये के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकों (investment banks) को पिच (pitch) सबमिट करने के लिए आमंत्रित किया है। यह कदम भारत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक के लिए रास्ता साफ करता है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, NSE मार्च के मध्य तक अपने सलाहकारों (advisers) के नाम फाइनल कर सकता है। इस आईपीओ का निवेशकों को काफी समय से इंतजार है। कई सालों से रेगुलेटरी और कानूनी बाधाओं के कारण इसमें देरी हो रही थी, लेकिन अब इसमें तेजी आती दिख रही है।
NSE IPO की मुख्य जानकारी
NSE ने इस महीने की शुरुआत में एक कमेटी बनाई है जो लिस्टिंग प्रक्रिया की देखरेख करेगी। इसके साथ ही, Rothschild & Co. को एक स्वतंत्र सलाहकार (independent adviser) के रूप में नियुक्त किया गया है। यह फर्म मुख्य बैंकर्स, कानूनी सलाहकारों और अन्य मध्यस्थों (intermediaries) के चयन की निगरानी कर रही है।
यह प्रस्तावित पब्लिक इश्यू पूरी तरह से एक ऑफर फॉर सेल (OFS) होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा शेयरधारक लगभग 4% से 4.5% इक्विटी बेच सकते हैं। अनलिस्टेड मार्केट की मौजूदा कीमतों के आधार पर, इस शेयर बिक्री से लगभग 2.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 22,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।
NSE IPO से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
नीचे दी गई टेबल में NSE IPO से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई है:
| विवरण (Point) | जानकारी (Details) |
|---|---|
| आईपीओ का अनुमानित आकार (IPO Size) | लगभग 23,000 करोड़ रुपये ($2.5 Billion) |
| आईपीओ का प्रकार (Type of IPO) | ऑफर फॉर सेल (OFS) |
| बेची जाने वाली हिस्सेदारी (Equity Stake) | 4% से 4.5% |
| स्वतंत्र सलाहकार (Independent Adviser) | Rothschild & Co. |
| सलाहकारों के चयन की समय सीमा | मार्च 2026 के मध्य तक |
| NSE की मार्केट पोजीशन | दुनिया का सबसे व्यस्त डेरिवेटिव मार्केट |
दुनिया का सबसे व्यस्त डेरिवेटिव मार्केट
NSE ट्रेड किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या के मामले में दुनिया का सबसे व्यस्त डेरिवेटिव मार्केट (world’s busiest derivatives market) संचालित करता है। इसकी लिस्टिंग पर निवेशकों और रेगुलेटर्स की पैनी नजर है। पिछले कई सालों में कई झटकों के बाद अब यह प्रक्रिया फिर से शुरू हुई है।
इन्वेस्टमेंट बैंकों को अब अपनी भूमिका के लिए दावेदारी पेश करनी होगी। एक बार बैंकर्स और सलाहकारों की टीम फाइनल हो जाने के बाद, आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटना साबित हो सकती है।
FAQs
1. NSE IPO का कुल साइज कितना हो सकता है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, NSE IPO का कुल साइज लगभग 23,000 करोड़ रुपये (करीब 2.5 बिलियन डॉलर) हो सकता है।
2. क्या इस आईपीओ में नए शेयर जारी किए जाएंगे?
नहीं, यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होने की उम्मीद है, जिसमें पुराने शेयरधारक अपनी 4% से 4.5% हिस्सेदारी बेचेंगे।
3. NSE ने किसे स्वतंत्र सलाहकार नियुक्त किया है?
NSE ने Rothschild & Co. को लिस्टिंग प्रक्रिया की देखरेख के लिए स्वतंत्र सलाहकार (independent adviser) नियुक्त किया है।
4. NSE IPO में देरी क्यों हुई थी?
पिछले कई सालों में रेगुलेटरी और कानूनी अड़चनों (regulatory and legal hurdles) की वजह से इस आईपीओ में देरी हुई थी।