RBI UPI Prepaid Wallet for Foreign Tourists and NRIs: जानिए नए नियम और फायदे
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारत आने वाले विदेशी नागरिकों और अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए एक नई सुविधा का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के तहत, अब विदेशी पर्यटकों और NRIs को भारत में डिजिटल पेमेंट करने के लिए खास प्रीपेड वॉलेट दिए जाएंगे। यह सुविधा 23 अप्रैल, 2026 को घोषित की गई है।
RBI का उद्देश्य भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना और विदेशी यात्रियों को पेमेंट के आसान विकल्प देना है। ये वॉलेट UPI (Unified Payments Interface) से जुड़े होंगे, जिससे पेमेंट करना बहुत आसान हो जाएगा।
क्या है RBI का नया प्रस्ताव?
RBI ने बैंकों और नॉन-बैंक संस्थाओं को विदेशी नागरिकों और NRIs के लिए Prepaid Payment Instruments (PPIs) जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया है। ये PPIs भारतीय रुपये (INR) में होंगे। शुरुआत में यह सुविधा चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर G20 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए शुरू की जाएगी।
KYC और वेरिफिकेशन के नियम
इन वॉलेट्स को जारी करने से पहले सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए Full KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जब यह वॉलेट जारी किया जाएगा, तब ग्राहक के पासपोर्ट और वीजा का Physical Verification किया जाएगा। यह वेरिफिकेशन उसी पॉइंट पर होगा जहां से वॉलेट जारी किया जा रहा है।
UPI वॉलेट की मुख्य विशेषताएं
विदेशी यात्रियों के लिए प्रस्तावित इन वॉलेट्स के कुछ खास नियम और फीचर्स नीचे दिए गए हैं:
| Feature | Details |
|---|---|
| Wallet Type | Prepaid Payment Instrument (PPI) linked to UPI |
| Currency | Indian Rupees (INR) |
| Usage Limit | Merchant Payments (P2M) only |
| Loading Method | Against Foreign Exchange (Cash or approved instruments) |
| Verification | Physical Passport and Visa check |
| Target Users | Foreign Nationals and NRIs visiting India |
मर्चेंट पेमेंट्स के लिए ही होगा इस्तेमाल
RBI ने स्पष्ट किया है कि इन UPI वॉलेट्स का इस्तेमाल केवल Merchant Payments (P2M) के लिए किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि विदेशी पर्यटक दुकानों, होटलों या अन्य व्यावसायिक स्थानों पर पेमेंट कर सकेंगे। हालांकि, वे इन वॉलेट्स से किसी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर (P2P) नहीं कर पाएंगे।
वॉलेट में पैसे कैसे लोड होंगे?
इन वॉलेट्स को लोड और रीलोड करने के लिए केवल Foreign Exchange का उपयोग किया जा सकेगा। यात्री कैश या अन्य अप्रूव्ड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए विदेशी मुद्रा देकर अपने वॉलेट में रुपये लोड करवा सकते हैं। विदेशी मुद्रा को भारतीय रुपये में बदलने का काम केवल वही संस्थाएं करेंगी जो FEMA रेगुलेशन के तहत अधिकृत (Authorised) हैं।
बचे हुए बैलेंस का क्या होगा?
अगर यात्रा खत्म होने के बाद वॉलेट में कुछ बैलेंस बच जाता है, तो उसे वापस लिया जा सकता है। नियम के अनुसार, बचे हुए बैलेंस को विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) में बदला जा सकता है। इसके अलावा, पैसे को उसी ओरिजिनल पेमेंट सोर्स में वापस ट्रांसफर किया जा सकता है जहां से वॉलेट लोड किया गया था। यह पूरी प्रक्रिया फॉरेन एक्सचेंज नियमों के अनुसार होगी।
निष्कर्ष
RBI का यह कदम भारत में UPI की पहुंच को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने में मदद करेगा। इससे विदेशी पर्यटकों को कैश रखने की जरूरत कम होगी और वे भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का अनुभव ले सकेंगे।
FAQs
1. क्या विदेशी पर्यटक UPI वॉलेट से किसी दोस्त को पैसे भेज सकते हैं?
नहीं, इन वॉलेट्स का इस्तेमाल केवल मर्चेंट पेमेंट्स (दुकानों या बिजनेस) के लिए किया जा सकता है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर की अनुमति नहीं है।
2. वॉलेट लेने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी हैं?
वॉलेट जारी करने के समय पासपोर्ट और वीजा का फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
3. क्या वॉलेट में बचा हुआ पैसा वापस मिल सकता है?
हां, अनयूज्ड बैलेंस को विदेशी मुद्रा में कैश कराया जा सकता है या ओरिजिनल पेमेंट सोर्स में वापस भेजा जा सकता है।
4. यह सुविधा सबसे पहले कहां शुरू होगी?
यह सुविधा सबसे पहले चुनिंदा इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर G20 देशों के यात्रियों के लिए शुरू करने का प्रस्ताव है।