Credit Card Airport Lounge Access: बैंकों ने क्यों बदले नियम और अब क्या हैं नई शर्तें?
अगर आप भी अपने Credit Card का इस्तेमाल करके Airport Lounge में मुफ्त में खाना खाते थे और आराम करते थे, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। अब कई Banks अपनी रणनीति बदल रहे हैं और Complimentary Lounge Access की सुविधा को कम कर रहे हैं। 28 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, बदलती Economics और बढ़ती भीड़ की वजह से बैंकों ने यह कदम उठाया है।
क्यों कम हो रही है Free Lounge Access की सुविधा?
एक समय था जब एयरपोर्ट पर महंगा खाना खरीदने के बजाय लोग Credit Card के जरिए मात्र 1 रुपये में लाउंज एक्सेस पा लेते थे। COVID-19 महामारी के बाद हवाई यात्रा करने वालों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले इस Benefit का इस्तेमाल भी बहुत ज्यादा होने लगा है।
इस बढ़ती Demand की वजह से अब बड़े एयरपोर्ट्स के लाउंज के बाहर लंबी कतारें (Queues) देखने को मिलती हैं। लाउंज के अंदर भी सीट मिलना मुश्किल हो गया है। जो सुविधा कभी Premium मानी जाती थी, वह अब बहुत ज्यादा भीड़भाड़ वाली हो गई है।
बैंकों के लिए बढ़ रहा है खर्च का बोझ
BankBazaar के CEO आदिल शेट्टी (Adhil Shetty) ने बताया कि इसके पीछे मुख्य कारण Economics है। बैंकों को एक व्यक्ति के Domestic Lounge Visit के लिए लगभग 800 रुपये का खर्च उठाना पड़ता है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को Unlimited Access देना अब बैंकों के लिए मुमकिन नहीं रह गया है।
इसके अलावा, RBI भी बैंकों पर ‘Responsible Lending’ के लिए दबाव बना रहा है। अब बैंक केवल Premium Cards पर ही लाउंज एक्सेस को सीमित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
HDFC और ICICI जैसे बड़े बैंकों ने बदले नियम
Paisabazaar की CEO संतोष अग्रवाल (Santosh Agarwal) के अनुसार, यह बदलाव Devaluation नहीं बल्कि Rationalisation है। अब बैंक लाउंज एक्सेस को ‘Spend-Linked Privilege’ बना रहे हैं। यानी अब आपको मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए पहले कार्ड से एक निश्चित रकम खर्च करनी होगी।
| Bank Name | Minimum Quarterly Spend (न्यूनतम खर्च) | Effective Date / Condition |
|---|---|---|
| HDFC Bank | Rs 60,000 | 1 जुलाई से लागू |
| ICICI Bank | Rs 75,000 | चुनिंदा कार्ड्स पर लागू |
| Other Banks | Rs 5,000 to Rs 40,000+ | विभिन्न कार्ड्स के अनुसार |
यूजर्स के लिए बढ़ गई है मुश्किल
SaveSage के फाउंडर और CEO आशीष लाठ (Ashish Lath) का कहना है कि जो लोग महीने में 3-4 बार फ्लाइट लेते हैं, उनके लिए यह अब भी ठीक है। लेकिन आम यूजर्स के लिए ये नियम अब काफी Confusing हो गए हैं। कई बार यूजर्स को पता ही नहीं चलता कि उन्होंने पिछली तिमाही (Quarter) में जरूरी खर्च की सीमा पूरी की है या नहीं, और लाउंज पहुंचने पर उन्हें पता चलता है कि उनका कार्ड काम नहीं कर रहा है।
इसके अलावा, कौन सा लाउंज किस Network या किस Airport पर उपलब्ध है, इसे समझना भी अब काफी पेचीदा हो गया है।
अब लाउंज के बजाय मिल रहे हैं ये नए फायदे
लाउंज में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब Card Issuers दूसरे आकर्षक ऑफर्स पर ध्यान दे रहे हैं। अब ग्राहकों को लाउंज एक्सेस के बजाय ये सुविधाएं दी जा रही हैं:
- Lower Forex Markup: विदेश में खर्च करने पर कम चार्ज।
- Airport Dining & Shopping: एयरपोर्ट पर खाना खाने या शॉपिंग करने पर रिवॉर्ड्स।
- Spa Services: एयरपोर्ट पर स्पा की सुविधा।
- Travel Insurance: यात्रा के दौरान बीमा सुरक्षा।
- Hotel Memberships: बड़े होटलों की मुफ्त मेंबरशिप।
Scapia जैसे कुछ नए कार्ड्स अब लाउंज के विकल्प के रूप में एयरपोर्ट डाइनिंग और शॉपिंग पर रिवॉर्ड्स दे रहे हैं।
निष्कर्ष
अब क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला Lounge Access एक ‘Mass Perk’ से बदलकर ‘Selective Privilege’ बन गया है। अब आप इसे गारंटी के तौर पर नहीं ले सकते। अगली बार एयरपोर्ट जाने से पहले अपने क्रेडिट कार्ड की Terms and Conditions जरूर चेक कर लें, ताकि आपको वहां जाकर कोई परेशानी न हो।
FAQs
1. क्या सभी क्रेडिट कार्ड्स पर लाउंज एक्सेस बंद हो गया है?
नहीं, यह बंद नहीं हुआ है बल्कि इसके नियम बदल गए हैं। अब ज्यादातर बैंकों ने इसे ‘Spend-Linked’ बना दिया है, यानी आपको पिछली तिमाही में एक निश्चित राशि खर्च करनी होगी।
2. बैंकों को एक लाउंज विजिट पर कितना खर्च करना पड़ता है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक डोमेस्टिक लाउंज विजिट के लिए बैंकों को लगभग 800 रुपये का खर्च उठाना पड़ता है।
3. HDFC बैंक के कार्ड पर लाउंज एक्सेस के लिए कितना खर्च करना होगा?
HDFC बैंक के नियमों के अनुसार, 1 जुलाई से लाउंज एक्सेस पाने के लिए आपको पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपये खर्च करने होंगे।
4. क्या लाउंज एक्सेस के अलावा कोई और विकल्प मिल रहा है?
हाँ, बैंक अब एयरपोर्ट डाइनिंग, शॉपिंग रिवॉर्ड्स, स्पा सर्विस और कम फॉरेक्स मार्कअप जैसे अन्य फायदे दे रहे हैं।