Income Tax Slabs 2026-27: नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था की पूरी जानकारी, जानें क्या बदला

Income Tax Slabs 2026-27: नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था की पूरी जानकारी, जानें क्या बदला

आज यानी 1 अप्रैल, 2026 से नया फाइनेंशियल ईयर (FY 2026-27) शुरू हो गया है। इस नए साल के साथ ही इनकम टैक्स की प्लानिंग भी शुरू हो गई है। सरकार ने नया Income-tax Act, 2025 लागू कर दिया है। हालांकि, टैक्स देने वालों के लिए एक बड़ी बात यह है कि Income Tax Slabs 2026-27 की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

टैक्स का ढांचा भले ही बदल गया हो, लेकिन स्लैब रेट्स पहले जैसे ही हैं। आइए जानते हैं कि इस साल आपको किस हिसाब से टैक्स देना होगा और New vs Old Tax Regime में क्या अंतर है।

New Tax Regime Slabs (FY 2026-27)

नई टैक्स व्यवस्था अब डिफॉल्ट (Default) व्यवस्था है। अगर आप कोई विकल्प नहीं चुनते हैं, तो आपका टैक्स इसी हिसाब से कटेगा। इसमें टैक्स की दरें कम हैं, लेकिन इसमें आप ज्यादा छूट (Deductions) का दावा नहीं कर सकते।

Income Slab Tax Rate
4 लाख रुपये तक Nil (कोई टैक्स नहीं)
4 लाख से 8 लाख रुपये 5%
8 लाख से 12 लाख रुपये 10%
12 लाख से 16 लाख रुपये 15%
16 लाख से 20 लाख रुपये 20%
20 लाख से 24 लाख रुपये 25%
24 लाख रुपये से ऊपर 30%

Old Tax Regime Slabs (FY 2026-27)

पुरानी टैक्स व्यवस्था अभी भी जारी है। यह उन लोगों के लिए अच्छी है जो निवेश करते हैं और टैक्स में छूट चाहते हैं। सीनियर सिटीजन्स (60+) और सुपर सीनियर सिटीजन्स (80+) के लिए इसमें अलग स्लैब रेट्स होते हैं।

Income Slab Tax Rate
2.5 लाख रुपये तक Nil (कोई टैक्स नहीं)
2.5 लाख से 5 लाख रुपये 5%
5 लाख से 10 लाख रुपये 20%
10 लाख रुपये से ऊपर 30%

इस साल टैक्स नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

भले ही टैक्स स्लैब नहीं बदले हैं, लेकिन Income-tax Act, 2025 के तहत कुछ नियमों को सरल बनाया गया है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में कुछ छूट (Exemptions) की सीमा बढ़ा दी गई है।

  • HRA Exemption: पहले 50% HRA की छूट केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे मेट्रो शहरों में मिलती थी। अब इसे बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वालों के लिए भी बढ़ा दिया गया है।
  • Education & Hostel Allowance: बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाले चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस और हॉस्टल अलाउंस की लिमिट में भी बढ़ोतरी की गई है।
  • LTA/LTC: लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA) और सैलरी से जुड़ी अन्य सुविधाओं (Perquisites) के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।

कौन सी टैक्स व्यवस्था आपके लिए बेहतर है?

चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना के अनुसार, टैक्सपेयर्स को अपनी इनकम और निवेश के हिसाब से चुनाव करना चाहिए। Income-tax Rules, 2026 के आने से पुरानी व्यवस्था उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकती है जो निम्नलिखित छूट का दावा करते हैं:

  • HRA (House Rent Allowance)
  • Home Loan Interest (होम लोन का ब्याज)
  • Section 80C Investments (LIC, PPF, आदि)
  • Section 80D Health Insurance Premium
  • NPS Contributions (नेशनल पेंशन सिस्टम)

वहीं, जो लोग ज्यादा निवेश नहीं करते या जिन्हें ज्यादा छूट नहीं मिलती, उनके लिए New Tax Regime ही बेहतर विकल्प रहेगा। इसमें टैक्स की दरें कम हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) का फायदा भी मिलता है।

जरूरी तारीखें और नियम

ध्यान रखें कि वित्त वर्ष 2025-26 (AY 2026-27) के लिए अभी भी पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के नियम लागू होंगे। नया Income-tax Act, 2025 और इसके नियम 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष (TY 2026-27) पर लागू होंगे। इसलिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे दोनों व्यवस्थाओं के तहत अपने टैक्स की गणना करें और फिर सही विकल्प चुनें।

FAQs

1. क्या FY 2026-27 में टैक्स स्लैब बदल गए हैं?

नहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स स्लैब की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

2. HRA छूट के लिए कौन से नए शहर जोड़े गए हैं?

अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वाले लोग भी 50% HRA छूट का लाभ ले सकेंगे।

3. नई टैक्स व्यवस्था में 4 लाख रुपये तक कितनी टैक्स दर है?

नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत 4 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स (Nil) नहीं देना होगा।

4. क्या पुरानी टैक्स व्यवस्था अभी भी उपलब्ध है?

हाँ, पुरानी टैक्स व्यवस्था अभी भी उपलब्ध है और जो लोग HRA, 80C और होम लोन जैसी छूट चाहते हैं, वे इसे चुन सकते हैं।

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