ITR Filing AY 2026-27: Income Tax Return के नए फॉर्म हुए जारी, ITR-1 में हुआ बड़ा बदलाव
भारत सरकार ने Assessment Year (AY) 2026-27 के लिए Income Tax Return (ITR) फॉर्म्स को नोटिफाई कर दिया है. इस नोटिफिकेशन में ITR-1 से लेकर ITR-7 तक के सभी फॉर्म शामिल हैं. इसके साथ ही ITR-V और ITR-U फॉर्म के बारे में भी जानकारी दी गई है. यह जानकारी सैलरी पाने वाले लोगों, बिजनेस चलाने वालों और ट्रस्टों के लिए बहुत जरूरी है. Income Tax Department जल्द ही इन फॉर्म्स को भरने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन यूटिलिटी (utilities) शुरू कर देगा.
ITR-1 (Sahaj) में हुआ बड़ा बदलाव
इस साल Income Tax Return भरने के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है. अब ITR-1 (Sahaj) फॉर्म का दायरा बढ़ा दिया गया है. अब टैक्सपेयर्स अपनी दो House Properties से होने वाली कमाई की जानकारी ITR-1 में दे सकते हैं. इससे पहले, अगर किसी के पास एक से ज्यादा घर होता था, तो उसे ITR-2 या ITR-3 जैसे मुश्किल फॉर्म भरने पड़ते थे.
इस बदलाव से उन सैलरी पाने वाले लोगों और पेंशनर्स को बहुत फायदा होगा जिनके पास दो घर हैं. अब उन्हें कम कागजी कार्रवाई करनी होगी और ITR फाइल करना आसान हो जाएगा. हालांकि, ITR-1 भरने के लिए कुछ शर्तें अभी भी लागू हैं:
- जिनकी कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से होती है, वे इसे नहीं भर सकते.
- Section 112A के तहत Capital Gains अगर 1.25 लाख रुपये से ज्यादा है, तो यह फॉर्म नहीं भरा जा सकता.
- लॉटरी या रेस के घोड़ों से होने वाली कमाई वाले लोग इसे नहीं भर सकते.
- कंपनी के डायरेक्टर्स और विदेशी संपत्ति (Foreign Assets) रखने वाले लोग भी ITR-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकते.
ITR-2 और ITR-3 में क्या अंतर है?
जो लोग ITR-1 के लिए एलिजिबल नहीं हैं, उन्हें अपनी कमाई के हिसाब से सही फॉर्म चुनना होगा. अगर आपकी कमाई सैलरी, दो से ज्यादा घरों या Capital Gains से होती है और आपका कोई बिजनेस नहीं है, तो आप ITR-2 चुन सकते हैं. यह फॉर्म तब भी काम आता है जब पति-पत्नी या बच्चे की कमाई को आपकी इनकम में जोड़ा (clubbing) जाता है.
ITR-3 उन लोगों और Hindu Undivided Families (HUFs) के लिए है जिनकी कमाई बिजनेस या किसी प्रोफेशन से होती है. इसमें पार्टनरशिप फर्म से होने वाली कमाई भी शामिल है.
ITR-4 (Sugam) और अन्य फॉर्म्स की जानकारी
ITR-4 जिसे ‘Sugam’ भी कहा जाता है, उन लोगों और फर्म्स के लिए है जो Presumptive Taxation स्कीम (Section 44AD, 44ADA, या 44AE) चुनते हैं. इसकी सीमा 50 लाख रुपये तक की कमाई है. नीचे दी गई टेबल में आप सभी फॉर्म्स की जानकारी देख सकते हैं:
| ITR Form | किसके लिए है (Eligibility) |
|---|---|
| ITR-1 (Sahaj) | सैलरी वाले लोग, जिनकी 2 हाउस प्रॉपर्टी तक इनकम है. |
| ITR-2 | बिना बिजनेस इनकम वाले लोग, जिनके पास 2 से ज्यादा घर या Capital Gains है. |
| ITR-3 | बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करने वाले व्यक्ति और HUFs. |
| ITR-4 (Sugam) | Presumptive Taxation वाले छोटे टैक्सपेयर्स (50 लाख तक इनकम). |
| ITR-5 | फर्में, LLPs, Associations of Persons (AOPs) और BOIs. |
| ITR-6 | कंपनियां (जो Section 11 के तहत छूट नहीं लेतीं). |
| ITR-7 | ट्रस्ट, राजनीतिक दल और अन्य संस्थान. |
ITR-V और ITR-U का महत्व
रिटर्न भरने के साथ-साथ उसे वेरिफाई करना भी जरूरी है. ITR-V का इस्तेमाल तब होता है जब रिटर्न को ई-वेरिफाई (e-verify) नहीं किया जाता. इसे फाइल करने के 30 दिनों के भीतर जमा करना होता है. वहीं, ITR-U (Updated Return) उन लोगों के लिए है जिनसे रिटर्न भरने में गलती हो गई हो या जिन्होंने कोई कमाई छिपाई हो. टैक्सपेयर्स असेसमेंट ईयर खत्म होने के 48 महीनों के भीतर इसे सुधार सकते हैं, लेकिन इसके लिए एक्स्ट्रा टैक्स देना पड़ सकता है.
Assessment Year 2026-27 (Financial Year 2025-26) के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख (Deadline) 31 जुलाई, 2026 तय की गई है. टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे समय पर अपना रिटर्न फाइल करें ताकि किसी भी पेनल्टी से बचा जा सके.
FAQs
1. ITR-1 फॉर्म में इस साल क्या नया बदलाव हुआ है?
अब ITR-1 फॉर्म में टैक्सपेयर्स अपनी दो हाउस प्रॉपर्टी (two house properties) से होने वाली इनकम की जानकारी दे सकते हैं. पहले केवल एक घर की जानकारी देने की अनुमति थी.
2. AY 2026-27 के लिए ITR फाइल करने की लास्ट डेट क्या है?
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है.
3. ITR-U फॉर्म का इस्तेमाल कब किया जाता है?
ITR-U या Updated Return का इस्तेमाल तब किया जाता है जब आपको पुराने रिटर्न में कोई गलती सुधारनी हो या कोई छिपी हुई इनकम बतानी हो. इसे 48 महीनों के भीतर भरा जा सकता है.
4. क्या बिजनेस इनकम वाले लोग ITR-1 भर सकते हैं?
नहीं, जिन लोगों की कमाई बिजनेस या किसी प्रोफेशन से होती है, वे ITR-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकते. उन्हें ITR-3 या ITR-4 भरना होगा.